उन्नाव। रिजर्व पुलिस लाइन उन्नाव में शनिवार को बैच-2025 के रिक्रूट आरक्षियों के तीन माह के व्यवहारिक प्रशिक्षण की पूर्णता के उपरांत प्रशिक्षण मूल्यांकन के लिए लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रिक्रूट आरक्षियों के विधिक ज्ञान, पुलिस कार्यप्रणाली की समझ, अनुशासन, निर्णय क्षमता तथा जनसंपर्क कौशल का गहन मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में सभी रिक्रूट आरक्षियों की लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा का उद्देश्य प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त विधिक जानकारी, पुलिसिंग से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आकलन करना था। परीक्षा के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्येक रिक्रूट आरक्षी का व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया।
साक्षात्कार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर विनी सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात अजय कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी क्राइम प्रदीप मौर्य ने रिक्रूट आरक्षियों से पुलिस कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था, व्यवहारिक परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता, अनुशासन, नेतृत्व, जनसंपर्क और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुभव से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने उनके आत्मविश्वास, जिम्मेदारी निभाने की क्षमता और सेवा भावना का भी मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने तककांग्रेस सीमित नहीं है, बल्कि जनता का विश्वास जीतना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी रिक्रूट आरक्षियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं समर्पण के साथ करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा, प्रतिष्ठा और जनविश्वास को बनाए रखने के लिए सदैव जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान रिक्रूट आरक्षियों को कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, जनसंपर्क, आपदा प्रबंधन, शारीरिक दक्षता एवं व्यवहारिक पुलिसिंग सहित विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण मूल्यांकन की यह प्रक्रिया भविष्य में उनकी कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


