गोरखपुर में सपा के पोस्टर पर रवि किशन:BJP सांसद की समोसे के साथ फोटो लगाई, लिखा- शहर पर ध्यान देते तो बच्ची की जान न जाती

गोरखपुर के अंबेडकर चौक पर सपा नेता ने एक पोस्टर लगवाया है। जिसमे सांसद रवि किशन की फोटो भी लगाई है। जो बुधवार सुबह से ही चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है। सपा के लाल हरे रंग में बने इस पोस्टर में बीजेपी सांसद अभिनेता रवि किशन की समोसे के साथ फोटो लगाई गई है। साथ ही सांसद रत्न मिलने की बधाई देने के साथ ही कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कमेंट भी लिखा गया है। इसको लेकर सुबह से ही जगह-जगह चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल होने के बाद प्रशासन ने चौराहे पर लगा विवादित पोस्टर हटवा दिया है। अंबेडकर चौक पर लगाया पोस्टर गोरखपुर के भाजपा सांसद अभिनेता रवि किशन ने संसद में समोसे का उदाहरण देते हुए एक मुद्दा उठाया था। इसके बाद से ही सांसद सोशल मीडिया पर ट्रोल भी हो रहे हैं। इसको लेकर गोरखपुर में भी एक सपा नेता ने पोस्टर लगाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। सपा के लाल हरे रंग के पोस्टर में एक तरफ मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड गोरखपुर के जिलाध्यक्ष अविनाश तिवारी की फोटो लगी है। दूसरी तरफ गोरखपुर के सांसद रवि किशन की हाथ में समोसा लिए फोटो लगी है। अब पढ़िए पोस्टर पर क्या लिखा है…
पोस्टर पर लिखा है- गोरखपुर के ज्वलंत अतिगंभीर मुद्दा आलू का समोसा सदन में उठाए जाने के बाद रवि किशन को सांसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई। अगर ध्यान देते तो बच जाती आफरीन
पोस्टर पर नीचे लिखा है- अगर गोरखपुर मेंं जल जमाव पर ध्यान दिया होता तो 8 वर्ष की बच्ची आफरीन की मृत्यु नहीं हुई होती। बताया जा रहा है- यह पोस्टर मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के नेता अविनाश तिवारी ने मंगलवार की देर रात में लगवाया है। इस पोस्टर के ठीक बगल में बीजेपी नेताओं का सांसद रवि किशन को बधाई देते हुए एक पोस्टर पहले से लगा हुआ है। बुधवार सुबह से ही जो भी इस रास्ते गुजर रहा है। वह इस पोस्टर को निहारते हुए ही आगे बढ़ रहा है। पूरे शहर में इसकी चर्चा हो रही है। अब जानिए रवि किशन का समोसे वाला मामला रवि किशन ने कहा था- देशभर के होटल और ढाबों में मिलने वाले भोजन की मात्रा का मानक तय हो। होटलों के मेन्यू कार्ड में सिर्फ कीमत लिखी होती है, मात्रा नहीं। इससे ग्राहकों को भ्रम होता है और भोजन का वेस्टेज भी होता है। मेरी मांग है कि कानून तय करे कि मेन्यू में कीमत के साथ-साथ खाद्य पदार्थ की मात्रा भी लिखी हो। खाना किस तेल या घी में बना है, इसकी जानकारी भी दी जाए। ग्राहक का अधिकार है कि वह जाने कि वह कितनी मात्रा के लिए कितना भुगतान कर रहा है। अब पढ़िए बच्ची की मौत वाला मामला, जिसको लेकर सपा ने तंज कसा घोसीपुरा मोहल्ले के रहने वाले अनीश मजदूरी करते हैं। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटी आफरीन (8) और दूसरा बेटा फईम है। घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मदरसा है। वह सोमवार को अपने भाई के साथ मदरसा गई थी। वहां से वापस आते समय करीब 500 मीटर दूर वह खुले नाले में गिर गई। यह देखकर उसका भाई घबराकर चिल्लाने लगा। लेकिन नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि आफरीन करीब 100 मीटर दूर तक बहती रही। लोगों ने नाले में घुसकर उसे बाहर निकाला। उसे सीपीआर दी। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से पिता अनीश ने उसे गोद में उठाकर पानी में भागते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद आफरीन को मृत घोषित कर दिया। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ‘स्कूल ड्रेस में गई थी, कफन में घर लौटी’:गोरखपुर में मां बोली- एडमिशन के बाद स्कूल नहीं जा सकी आफरीन, नाले में गिरकर मर गई 9 अगस्त को बेटी आफरीन का एडमिशन निजी स्कूल में पहली कक्षा में करवाया था। सोमवार को उसका मदरसे में आखिरी दिन था। मंगलवार को उसे पहले दिन स्कूल जाना था। रविवार शाम को सोते हुए उसने मुझसे कई बार कहा था- अम्मी, मुझे सुबह 7 बजे जगा देना। 8 बजे स्कूल पहुंचना हैं। 2 बजे छुट्टी होगी। मैं आ जाऊंगी। बारिश होने के कारण मैंने उसे स्कूल न भेजकर मदरसा भेज दिया। मेरी बेटी खुशी-खुशी पढ़ने गई। वह स्कूल ड्रेस में गई थी और कफन में घर लौटी। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *