दशहरे पर राजा भैया दिखाएंगे अपने शस्त्रागार के हथियार:करीबी MLC बोले- उस दिन पूजा होती है, जिसको देखना है आ जाए

बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पास हथियारों का जखीरा है। यह शिकायत उनकी पत्नी भानवी सिंह ने पीएमओ से की है। इस पर राजा भैया के सबसे करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने कहा कि उनकी पत्नी 10 साल से अलग रह रही हैं। ऐसे में उन्हें हथियारों की फोटो कहां से मिल गई? पहले तो उनकी ही जांच होनी चाहिए। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। राजा भैया के पास लाइसेंसी हथियार हैं। जिनको भी ये हथियार देखना हो, वो दशहरे वाले दिन हमारे शस्त्रागार में आकर देख सकता है। सारे हथियारों को एक साथ रखकर पूजा की जाती है। उन्होंने ये भी कहा कि राजा भैया के नौकरों के पास भी लाइसेंसी हथियार हैं। दरअसल, भानवी सिंह का आरोप है कि उनके पति के पास मास डिस्ट्रक्शन वाले हथियारों का बड़ा जखीरा है। यह जन सुरक्षा और आंतरिक शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कितने खतरनाक होते है ये हथियार? इन हथियारों से किन पर हमला हो चुका है ? Arms Act और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कौन से प्रावधान लागू होंगे? इन सारे सवालों के जवाब पढ़िए दैनिक भास्कर एक्सप्लेनर में… सबसे पहले जानिए क्या है दोनों के बीच ताजा विवाद?
भानवी सिंह ने 3 जून, 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में जाकर अपने पति रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने एक पत्र भी सौंपा। जिसमें कहा गया कि राजा भैया आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके पास अवैध और खतरनाक हथियारों का भंडार है। यह कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इन हथियारों में नाटो ग्रेड की जिगाना पिस्टल, ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल्स और कई अन्य जानलेवा हथियार शामिल शामिल हैं। भानवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने उनके लाइसेंसी हथियार जबरन छीन लिए हैं। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहती हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि राजा भैया ने एक बार कमरे में गोली चलाई थी, जिसमें उनकी छोटी बेटी बाल-बाल बच गई। भानवी सिंह का दावा है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार के बीच विवाद का नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। राजा भैया और उनकी पत्नी के बीच विवाद काफी पहले से चल रहा है। भानवी सिंह राजा भैया के ऊपर अवैध संबंधों से लेकर मारपीट करने तक के कई सनसनीखेज आरोप लगा चुकी हैं। हालांकि, राजा भैया के सबसे करीबी माने जाने वाले गोपाल जी ने साफ कहा कि भानवी सिंह का मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। 10 साल से वो अलग रह रही हैं। ऐसे आरोप लगाकर अपने ही घर में आग लगा रही हैं। अपने बच्चों का भविष्य खराब कर रही हैं। राजा भैया के माता-पिता और बच्चों सभी के पास लाइसेंस है। वो क्यों अवैध हथियार रखेंगे? राजा भैया का एक भी ऐसा नौकर नहीं है, जिसके पास लाइसेंस और असलहा ना हो। दशहरे पर हम इनकी पूजा करते हैं। सारे लीगल शस्त्र हैं। राजा भैया को अवैध हथियार रखने की जरूरत ही नहीं है। जो आरोप लगा रहा है, जिस बेस पर लगा रहा, पहले उसकी खुद जांच होनी चाहिए। हालांकि, उनके पास खुद ही लाइसेंसी हथियार है। मास डिस्ट्रक्शन का मतलब क्या है?
भानवी का दावा है कि राजा भैया के पास नाटो ग्रेड की जिगाना पिस्टल, ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल्स और कई अन्य घातक हथियार हैं। इनका इस्तेमाल किसी भी हमले में मास डिस्ट्रक्शन जैसे हालात पैदा कर सकता है। मास डिस्ट्रक्शन का मतलब हमले में तमाम लोग मारे जा सकते हैं। यानी राजा भैया के पास जो हथियार हैं, उनका उपयोग करने पर कई लोग मारे जा सकते हैं। कितने खतरनाक होते है ये हथियार? जिगाना से हुई थी अतीक और उसके भाई की हत्या
ये वही जिगाना पिस्तौल है, जिससे अतीक और उसके भाई की हत्या हुई थी। तुर्किए में बनी जिगाना एक ऑटोमैटिक सेमी-ऑटो पिस्तौल है। इसके कई वेरिएंट मौजूद हैं। भारत में आम तौर पर 9mm कैलिबर की जिगाना का इस्तेमाल देखा गया है। इस हथियार को पहली बार तुर्किए की TISAS कंपनी ने 2001 में पेश किया था। फिलहाल बाजार में इसके करीब 16 मॉडल उपलब्ध बताए जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसमें ऑटोमैटिक फायरिंग-पिन ब्लॉक जैसी विशेषता रहती है। प्रेजेंट में 4 देशों की पुलिस और सेना भी इसे अपनी सेवाओं में उपयोग कर रही हैं। जिगाना स्पोर्ट इसका अपग्रेडेड मॉडल है। आजकल यही सबसे अधिक प्रचलित माना जाता है। क्या होती हैं ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल्स?
ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल वह स्टैंडर्ड मिलिट्री राइफल है, जो सिलेक्टिव-फायर होती है। यानी उसके पास एक से अधिक फायरिंग मोड होते हैं। हालांकि भानवी सिंह ने ये नहीं बताया कि राजा भैया के पास कौन सी राइफल्स है। लेकिन, दुनिया की सबसे फेमस असॉल्ट राइफल AK-47 माना जाता है। कब से भानवी सिंह राजा भैया से अलग रह रहीं?
कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया की पत्नी भानवी सिंह ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली की साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। भानवी सिंह ने अपनी ससुरालवालों पर भी आरोप लगाया था। कहा था कि उन्होंने घर छोड़ दिया है। राजा भैया का अवैध संबंध है। सितंबर, 2020 से ही राजा भैया ने उन्हें घर में आने से मना कर दिया है। भानवी सिंह ने राजा भैया पर घरेलू हिंसा, मार-पिटाई, खर्च के पैसे नहीं देने, बच्चों की उपेक्षा, महिला पत्रकार से अवैध संबंध रखने जैसे तमाम आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों में एक आरोप यह भी था कि राजा भैया के अपनी साली साध्वी सिंह से भी नाजायज रिश्ते थे। इससे साध्वी प्रेग्नेंट हो गई थीं, लेकिन राजा भैया ने उनका अबॉर्शन करा दिया था। हालांकि, भानवी के आरोपों पर छोटी बहन साध्वी सिंह भड़क उठी थी। उन्होंने उल्टा भानवी पर ही आरोप लगा दिए थे। साध्वी ने कहा था कि असल में भानवी का ही मेरे पति आनंद सिंह से अवैध संबंध है। वो अक्सर आनंद से मिलने हमारे घर आती थी। मेरे घरवालों ने उसे कई बार मना भी किया था। इस बात पर पारिवारिक विवाद भी हुआ, जो अभी तक चल रहा। राजा भैया पर लग चुका है पोटा, जानिए उसकी कहानी
2002 में बसपा-भाजपा ने गठबंधन की सरकार बनाई। जिनमें बसपा के 98, भाजपा के 88, हिंदू महासभा के 1 और निर्दलीय 16 विधायक चुने गए। लेकिन, कुछ ही समय में खींचतान होने लगी। भाजपा के करीब 35 विधायक नाराज हो गए थे। जिन्होंने वरिष्ठ नेता गंगा भक्त सिंह की अगुवाई में भाजपा बचाओ मोर्चा बना लिया। सदन में 16 निर्दलीय विधायक थे, जो राजा भैया के नेतृत्व में सरकार से नाराजगी जता रहे थे। मायावती ने सरकार को अस्थिर करने का आरोप राजा भैया पर लगाया। 2 नवंबर, 2002 को मायावती सरकार ने राजा भैया को पोटा एक्ट के तहत गिरफ्तार करवा दिया। भदरी रियासत की हवेली में पुलिस ने छापेमारी की। उनकी हवेली से हथियार बरामद होने की बात कही थी। साथ ही उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी हुई थी। 25 अगस्त, 2003 को मायावती ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मुलायम सिंह के नेतृत्व में साझा सरकार बनी। राजा भैया को 11 महीने तक जेल में रहना पड़ा। POTA लगने से 6 महीने तक जमानत नहीं मिल सकती थी। हालांकि, बाद में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ। मुलायम सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के कुछ महीने बाद ही राजा भैया की रिहाई हो गई थी। अवैध विदेशी हथियारों का जखीरा मिलने पर लग सकता है NSA
नेशनल सिक्योरिटीज एक्ट ऐसा कानून है, जिसमें प्रावधान है कि अगर किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा दिखता है, तो उसको गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर सरकार को लगे कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है, तो तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है। 1980 में देश की सुरक्षा के लिहाज से सरकार को ज्यादा शक्ति देने के उद्देश्य से बनाया गया था। नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति को 3 महीने के लिए बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है। इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। इसके साथ ही हिरासत में रखने के लिए आरोप तय करने की भी जरूरत नहीं होती। हिरासत की समयावधि को 12 महीने तक किया जा सकता है। हिरासत में लिया गया व्यक्ति हाईकोर्ट के एडवाइजरी के सामने अपील कर सकता है। राज्य सरकार को यह बताना होता है कि इस व्यक्ति को हिरासत में रखा गया है। राजा भैया से ज्यादा अमीर हैं भानवी
​​​​राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह बिजनेस करती हैं। उनके पास राजा भैया से ज्यादा संपत्ति है। 2017 के चुनाव में राजा भैया ने अपने हलफनामे में 14 करोड़ की संपत्ति का जिक्र किया था। इसमें से 7.2 करोड़ की संपत्ति पत्नी भानवी के नाम और 6 करोड़ की संपत्ति अपने नाम बताई थी। —————————- ये खबर भी पढ़ें… मायावती फिर कमाल कर पाएंगी?, आकाश की रीलॉन्चिंग, बुआ-भतीजे का नया प्लान बसपा सुप्रीमो मायावती ने 9 साल बाद 9 अक्टूबर को शक्ति प्रदर्शन करने वाली हैं। इसी दिन कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि (महा परिनिर्वाण दिवस) है। बसपा का खुद को साबित करने का पुराना हथियार रैली है। जब भी पार्टी को अपना दमखम दिखाना होता है, वह बड़े स्तर पर रैलियां करती है और भीड़ इकट्ठा करती है। पढ़िए पूरी खबर…

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