यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। 26 जिलों का तापमान 40°C या इससे ज्यादा पहुंच गया है। रविवार को ज्यादातर जिलों में सुबह से तेज धूप निकली है। हवा की रफ्तार कम होने से उमस का एहसास हो रहा है। सड़कों पर सन्नाटा है। वाराणसी और प्रयागराज में 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बांदा देश में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। अधिकतम तापमान 44.6°C दर्ज किया गया। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बांदा एशिया में सबसे गर्म शहर रहा था। तब अधिकतम तापमान 45.4°C रिकॉर्ड किया गया था। इस बार गर्मी ने सामान्य से करीब 10 दिन पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले साल 27 अप्रैल को पहली बार तापमान 45°C के पार पहुंचा था, जबकि इस बार यह स्थिति अप्रैल के मध्य में ही बन गई। मौसम विभाग (IMD) ने आज पूर्वी यूपी के बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज और आसपास के जिलों में लू (हीट-वेव) का अलर्ट जारी किया है। लोगों को धूप से बचने और दोपहर के वक्त बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- महाराष्ट्र के आसपास बने एंटी-साइक्लोन के असर से अगले 2-3 दिनों के दौरान तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी होगी। अधिकांश जिलों का तापमान 45°C या इससे पार पहुंचेगा। पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना है। फिलहाल अप्रैल के बचे दिनों में गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम की तस्वीरें- शहरों का हाल जानिए- अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए- अभी से क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कोई सक्रिय वेदर सिस्टम (मौसम तंत्र) नहीं होने की वजह से शुष्क पछुआ हवाएं सीधे मैदानी इलाकों में आ रही हैं। इसके साथ ही कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एक एंटी-साइक्लोन अब मध्य भारत की ओर खिसक रहा है। इसी कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लंबे समय तक चल सकती है लू
IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक लू की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, लू तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। गर्मी और लू से बचने के लिए अपनाइए ये टिप्स… इस साल की बारिश पर अलनीनो का साया इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। सोमवार को माैसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डाॅ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मॉनसून को प्रभावित कर सकती है। इन तारीखों को रहेगा नौतपा का असर जून तक कैसा रहेगा मौसम? समझिए- अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए- —————————— ये खबर भी पढ़िए- गर्मियों में हो सकता है हीट हेडेक: 5 ट्रिगर पॉइंट्स से सावधान, जानें किन लोगों को रिस्क ज्यादा, बचाव के 8 टिप्स गर्मियों में कुछ लोगों को सिरदर्द, भारीपन जैसी समस्याएं होती हैं। कभी अचानक चक्कर आ जाता है। कई बार तो इसकी वजह से डेली रुटीन तक प्रभावित हो जाता है। तेज गर्मी में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है। पसीने के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकलते हैं। इससे सिरदर्द, थकान, चक्कर या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस होते हैं। मेडिसिन की भाषा में इसे ‘हीट हेडेक’ कहते हैं। यह कोई अलग बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर का एक संकेत है कि वह गर्मी से परेशान है। पढ़ें पूरी खबर…
