उन्नाव। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 24 जुलाई को समाज कल्याण विभाग द्वारा डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को वितरित की गई उपहार सामग्री में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने इसका संज्ञान लिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि समारोह में नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप वितरित किए गए गद्दों सहित कुछ अन्य सामग्री पर टीएमसी (TMC) के झंडे जैसे प्रिंट होने का मामला प्रकाश में आया। मामला सामने आते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्पष्ट कहा है कि जांच में यदि किसी फर्म, आपूर्तिकर्ता या संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि “फर्म व संबंधित दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
डीएम ने जांच समिति को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति यह भी जांच करेगी कि संबंधित सामग्री की खरीद, आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई तथा विवादित सामग्री समारोह तक कैसे पहुंची।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। अब उपहार सामग्री को लेकर उठे विवाद के बाद पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा
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