रूटीन सत्यापन के दौरान हंगामा, पुलिस और परिवार के आरोप-प्रत्यारोप
गोकशी के मुकदमे में वांछित गैंगस्टर के घर पहुंची थी पुलिस, महिलाओं के विरोध के बाद टीम लौटी
ब्यूरो चीफ: विपिन द्विवेदी
सुल्तानपुर। बंधुआ कला थाना क्षेत्र के मनियारपुर (मियां का पुरवा) गांव में शनिवार रात गोकशी के मुकदमे में वांछित गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर के रूटीन सत्यापन के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस टीम के पहुंचते ही घर की महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौट गई। घटना को लेकर पुलिस और परिवार की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार शासन के निर्देश पर हिस्ट्रीशीटरों, गोकशी के मामलों में वांछित आरोपियों तथा जेल से बाहर आए अपराधियों का नियमित सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बंधुआ कला पुलिस मनियारपुर (मियां का पुरवा) निवासी इश्तिखार शाह उर्फ बांके पुत्र अब्दुल मजीद के घर सत्यापन के लिए पहुंची थी। बताया जाता है कि पुलिस टीम को देखते ही घर की महिलाओं ने शोर-शराबा और विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई। उधर, थाना प्रभारी ने घर और मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि पुलिस केवल सत्यापन की कार्रवाई के लिए गई थी। उन्होंने बताया कि इश्तिखार शाह उर्फ बांके के खिलाफ गोरखपुर और देवरिया में गोकशी से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं और उसी के तहत सत्यापन किया जा रहा था।
वहीं, कथित पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जबरन घर में प्रवेश कर तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ मारपीट की। परिवार का यह भी कहना है कि घायल महिलाओं का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सत्यापन की नियमित प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है।
