– थाना समाधान दिवस में जमीन संबंधी विवादों पर तल्ख दिखे डीएम, राजस्व व पुलिस टीम को मौके पर जाकर निस्तारण के आदेश
लालगंज, प्रतापगढ़। थाना समाधान दिवस में शनिवार को जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने जर्जर भवनों को लेकर गंभीरता दिखाई। उन्होंने लेखपालों को दो दिन का विशेष अभियान चलाकर अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर और खतरनाक मकानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। कहा कि बारिश के दौरान जर्जर भवनों से हादसे की आशंका बनी रहती है, इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लालगंज कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जमीन संबंधी विवादों को लेकर जिलाधिकारी का तेवर तल्ख रहा। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को बारी-बारी से बुलाकर उनके क्षेत्रों में आबादी, सार्वजनिक रास्ते और भूमि विवादों की स्थिति की जानकारी ली। अचानक अधिकारियों के सामने क्षेत्रवार ब्यौरा मांगे जाने से राजस्व कर्मियों में खलबली मची रही।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर विवादों का निस्तारण कराए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में निर्माण पर न्यायालय का स्थगन आदेश नहीं है, उनमें अनावश्यक रूप से निर्माण कार्य में अवरोध नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों में नियमानुसार समस्या का समाधान कराया जाए।धारा 24 से संबंधित मामलों में अग्रसारण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तहसीलों में प्रारंभिक आख्या के अग्रसारण के लिए तहसीलदार की आख्या ही मान्य होगी। नायब तहसीलदार की प्रारंभिक आख्या के आधार पर अग्रसारण किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।एसपी दीपक भूकर ने जमीन संबंधी विवादों में पुलिस की भूमिका को लेकर मातहतों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व टीम के साथ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहें और विवाद की स्थिति में शांति व्यवस्था हर हाल में बनाए रखें। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।समाधान दिवस में कुल नौ शिकायतों की डीएम और एसपी ने सुनवाई की। सभी मामलों में संबंधित राजस्व और पुलिस टीमों को मौके पर पहुंचकर जांच करने तथा निर्धारित समय में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस समाप्त होने के बाद अधिवक्ताओं ने पूर्व अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल की अगुवाई में जिलाधिकारी से मुलाकात कर तहसील की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में लगी जल निगम की टंकी और आरओ के क्रियाशील न होने की शिकायत की। इसके साथ ही तहसील परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग भी रखी।जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराने का भरोसा दिया।
