सीएम योगी ने शनिवार को लखनऊ में अखिलेश और शिवपाल यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पहले नौकरियों में डकैती डालने के लिए चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ निकल पड़ती थी। आज उपदेश की भूमिका में हैं। 2027 के बाद उपदेश भी नहीं रह पाएंगे। योगी ने कहा- पहले बिना परीक्षा दिए ही नौकरी मिल जाती थी। विज्ञापन जारी होते ही ठेके बांट दिए जाते थे और धंधा शुरू हो जाता था। जिन्होंने 2017 से पहले नियुक्ति पत्र वितरण में गदर मचाई थी, वे नोट कर लें कि अगले 6 महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। वे गिनते रहें, हम नौकरियां देते जाएंगे। सीएम ने लोकभवन में लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के 818 अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर बांटे। सीएम ने कहा- 2017 से पहले UPPSC का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया गया, जो खुद योग्य नहीं था। चेयरमैन बनने के बाद उसने गदर मचाई। इसके चलते युवाओं को सड़क पर उतरना पड़ा। कोर्ट ने कहा- उसे जेल भेजो, जिंदगी भर सड़ाओ। योगी ने किसी का नाम नहीं लिया। हालांकि, UPPSC से जुड़े सूत्र बताते हैं कि संभवत: उनका इशारा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव की तरफ था। क्योंकि, अनिल यादव की नियुक्ति को हाईकोर्ट ने 2015 में कैंसिल कर दिया था। जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। सीएम की 4 बड़ी बातें 1- भाई-भतीजों को बैठाकर आयोग को बदनाम किया सीएम ने कहा- भर्ती बोर्ड और आयोगों में भाई-भतीजों को बैठाकर भर्ती प्रक्रिया को बदनाम कर दिया गया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। अब भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की किसी राजनीति का शिकार नहीं होते हैं। अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को जॉइनिंग लेटर बांटे जा चुके हैं। 2017 से पहले यूपी की धारणा क्या थी? हर दूसरे दिन दंगा होता था और महीनों तक कर्फ्यू रहता था। युवाओं के सामने एक ओर कुआं और दूसरी ओर खाई थी। यूपी में नौकरी नहीं थी। युवाओं के लिए भयावह स्थिति थी। इससे उसके सपने टूटते थे। हमने ग्रुप सी और डी की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था ही खत्म कर दी। पहले ऐसी कई भर्तियां हुईं, जिनमें जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया था, उन्हें भी नियुक्ति पत्र बांट दिए गए। यह अराजकता की पराकाष्ठा थी। 2- जो लोग ये काम नहीं कर पा रहे, वो आज सवाल उठा रहे सीएम ने कहा- जो प्रदेश सबसे गरीब माना जाता था, वही आज स्टेट रेवेन्यू सरप्लस है। हम पिछड़े नहीं हैं। इन्होंने यूपी के नौजवानों के सामने जो संकट खड़ा किया था, उससे उन्हें उबारने के लिए हमारी सरकार ने मिशन रोजगार शुरू किया। जो लोग ये काम नहीं कर पाए, वे आज सवाल उठा रहे हैं। यूपी होमगार्ड में 42 हजार नियुक्तियां होने जा रही हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से अगले छह महीने में आने वाले परिणामों में 25 से 30 हजार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। शिक्षा चयन आयोग से 20 से 25 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी। यूपी लोक सेवा आयोग से 15 से 16 हजार नौजवानों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। जो लोग ये काम नहीं कर पाए, वे आज सवाल उठा रहे हैं। 3- बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थी योगी ने कहा- यूपी के पास क्या नहीं था? कभी यूपी देश में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य था, लेकिन राजनीतिक संक्रमण के दौर में यूपी की पहचान का संकट पैदा हो गया था। कोई बेटी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थी। कोई व्यापारी व्यापार करने को तैयार नहीं था। आज भी यूपी वही है और चुनौतियां भी वही हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्होंने चुनौती को समस्या माना, हमने चुनौती को अवसर माना। 4- यूपी को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी सीएम ने कहा- 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो होने जा रहा है। आज यूपी में बाहर से निवेशक आ रहे हैं। जब सरकार ईमानदारी से काम करे और बिना भेदभाव के सभी को अवसर दे, तभी ऐसे बदलाव आते हैं। जिन्होंने उत्सव के प्रदेश को उपद्रव का प्रदेश बना दिया, उन्हें यूपी कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह केवल गलती नहीं थी, बल्कि शरारत थी। 2014 से पहले आयुष की कोई खास पहचान नहीं थी। पीएम मोदी ने नया मंत्रालय बनाकर ट्रेडिशनल मेडिसिन को पहचान दी। 2014 से पहले कोई यह नहीं सोचता था कि आयुर्वेद या होम्योपैथी में डिग्री ली जाए। अब आयुष विश्वविद्यालय बन रहे हैं। जॉइनिंग लेटर पाने वाले अभ्यर्थियों ने क्या कहा, पढ़िए ———————— ये खबर भी पढ़ें- लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए:आसमान में तिरंगा बनाया, हवा में गोते लगाए; मेरठ में IAF का एयर शो
मेरठ में आज पहली बार एयरफोर्स का एयर शो हुआ। इसमें लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। 9 हॉक MK-132 विमानों की गड़गड़ाहट से आसमान गूंज उठा। जमीन से महज 200 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने धुएं से लकीरें खींचकर तिरंगा बनाया। हवा में गुलाटियां मारीं। पढ़ें पूरी खबर
योगी बोले- मैं नौकरी देता जाऊंगा, वह गिनते जाएं:पहले चाचा-भतीजे नौकरियों पर डकैती डालते थे, आज उपदेश दे रहे
