वन विभाग में भ्रष्टाचार की जांच की मांग, मंत्री से मिला भाकियू भानू

पिछले पांच वर्षों में हुए वृक्षारोपण कार्यों की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई का आग्रह

बाराबंकी। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना से मुलाकात कर बाराबंकी जिले में वन विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विभाग में कथित भ्रष्टाचार, पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने तथा पिछले पांच वर्षों में कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों ने मंत्री को बताया कि बाराबंकी जनपद में वन विभाग से संबंधित कई मामलों को लेकर पूर्व में भी धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। उस दौरान समस्याओं के समाधान और शिकायतों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन संगठन के अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से किसानों और संगठन के पदाधिकारियों में नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में दिए गए आश्वासनों की समीक्षा कराने तथा जिन मामलों में अनियमितताओं के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से पिछले पांच वर्षों के दौरान जिले में कराए गए वृक्षारोपण कार्यों को जांच के दायरे में लाने की मांग रखी। संगठन का आरोप है कि कई स्थानों पर वृक्षारोपण के नाम पर कागजी कार्रवाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण से संबंधित अभिलेखों, स्वीकृत धनराशि, स्थल निरीक्षण, लगाए गए पौधों की संख्या और वर्तमान स्थिति का मौके पर सत्यापन कराया जाना चाहिए। संगठन ने मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए गए विभिन्न आरोपों से भी मंत्री को अवगत कराया। पदाधिकारियों ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि केवल कागजी अभिलेखों के आधार पर वृक्षारोपण कार्यों को पूरा मानने के बजाय मौके पर जाकर पौधों की वास्तविक स्थिति की जांच की जानी चाहिए।

भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों के अनुसार, मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों की जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वन विभाग से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण और वृक्षारोपण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आने तक संगठन इस मुद्दे को उठाता रहेगा।

संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर उदेंदु प्रताप उर्फ आशु चौधरी ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण से सीधे जुड़ा विषय है। यदि किसी स्थान पर पौधारोपण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई हुई है तो इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठन यह सुनिश्चित कराने के लिए प्रयास करेगा कि सरकारी धन से होने वाले वृक्षारोपण का लाभ वास्तव में जमीन पर दिखाई दे और लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो।

प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर उदेंदु प्रताप उर्फ आशु चौधरी, जिला अध्यक्ष बाराबंकी देशराज वर्मा, वाजिद अली, उमेश वर्मा, शिवम शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि वन विभाग से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर वह आगे भी अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखेगा।

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