एप्पल मैनेजर हत्याकांड में सिपाही को 10 साल की जेल:लखनऊ कोर्ट का 8 साल बाद फैसला; 2 साल में रिहा हो सकता है प्रशांत चौधरी

लखनऊ के चर्चित एप्पल मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में सोमवार को जिला कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। कोर्ट ने बर्खास्त आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विवेक तिवारी हत्याकांड में दो सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को आरोपी बनाया गया था। दोनों के खिलाफ लखनऊ की जिला एवं सत्र अदालत में करीब 8 साल तक मुकदमा चला। 17 सितंबर को कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को IPC की धारा 304(2) के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया था, जबकि दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया था। यह हत्याकांड 28 सितंबर 2018 का है। फैसले से नाराज विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और उनके भाई विष्णु सोमवार को कोर्ट नहीं पहुंचे। 2 साल में ही जेल से बाहर आ जाएगा प्रशांत कल्पना तिवारी की ओर से मुकदमा लड़ रहे अधिवक्ता विजय सिंह परमार ने बताया कि प्रशांत चौधरी करीब 8 साल पहले ही जेल में बिता चुका है। अब उसे करीब 2 साल और जेल में रहना होगा। इसके बाद उसकी 10 साल की सजा पूरी हो जाएगी। पत्नी कल्पना बोलीं- फैसले से संतुष्ट नहीं, हाईकोर्ट जाऊंगी 17 सितंबर को विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी अपने भाई विष्णु के साथ कोर्ट पहुंची थीं। दोषसिद्धि के बाद कल्पना ने फैसले पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा था- उम्मीद थी कि अदालत से न्याय मिलेगा, लेकिन फैसला अपेक्षा के मुताबिक नहीं आया। कल्पना ने सिपाही प्रशांत को प्रशिक्षित पुलिसकर्मी बताते हुए सवाल उठाया था कि गोली चलाने को महज गलती कैसे माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएंगी। मामले में अंतिम बहस 6 अगस्त को पूरी हुई थी। बिना आर्म्स ट्रेनिंग के प्रशांत को दी गई थी पिस्तौल घटना वाली रात क्या हुआ था पढ़िए… 29 सितंबर, 2018 की देर रात विवेक तिवारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ कार से लौट रहे थे। गोमतीनगर विस्तार के मकदूमपुर इलाके में बाइक सवार पुलिसकर्मियों ने उनकी कार रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक कार नहीं रुकी और टक्कर की स्थिति बनी, जिसके बाद प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी। गोली लगने के बाद विवेक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। …………… ये खबर भी पढें…. लखनऊ का एप्पल मैनेजर हत्याकांड- सिपाही गैर-इरादतन हत्या का दोषी:दूसरा सिपाही बरी; मैनेजर की पत्नी बोलीं- घटिया फैसला, हाईकोर्ट जाऊंगी लखनऊ में 8 साल पहले हुई एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या में सिपाही प्रशांत चौधरी को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। गुरुवार को दिए अपने फैसले में लखनऊ कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को गैर-इदातन हत्या का दोषी माना। दूसरे सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कोर्ट के इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने फैसले को ‘घटिया’ बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। कल्पना ने कहा कि आज सुबह से कोर्ट के फैसले पर निगाहें थीं। उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन जो फैसला आया है, वह अन्यायपूर्ण है। फांसी न होती, तो कम-से-कम आजीवन कारावास की सजा होनी ही चाहिए थी। पढ़िए पूरी खबर…

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