गोरखपुर में भाजपा बेहद कड़े मुकाबले में 307 वोटों से जीत गई। ध्रुव त्रिपाठी ने विक्ट्री साइन दिखाकर खुशी जताई। वे लगातार चौथी बार MLC बने हैं। उन्हें टक्कर देने वाले निर्दलीय राजीव यादव ने कहा- ‘मुझे जानबूझकर हराया गया है। एक हजार वोटों की चोरी की गई है।’ राजीव की हार पर उनके समर्थक रो पड़े। यूपी में विधान परिषद (MLC) चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों में से 9 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। भाजपा ने 6 और सपा ने 3 सीटें जीती हैं। काशी में भाजपा को झटका लगा है। यहां शिक्षक सीट पर हार मिली है, जबकि स्नातक सीट पर प्रत्याशी पीछे चल रहा है। शाम 4 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतगणना स्थल पर हंगामा कर दिया। बैरिकेडिंग उठाकर फेंक दी। पुलिस से नोकझोंक हुई। प्रेक्षक प्रांजल यादव पर सपा से मिलीभगत के आरोप लगाए। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह 12 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। 23 अक्टूबर को प्रदेश के 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हुआ था। इसमें कुल 152 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान बैलेट पेपर से कराया गया था। कौन जीता और कौन पीछे? शिक्षक MLC सीट स्नातक MLC सीट
गोरखपुर में भाजपा सिर्फ 307 वोट से जीती:निर्दलीय प्रत्याशी समर्थक रो पड़े, बोले- वोट चोरी हुई; 11 सीटों में भाजपा 6, सपा 3 जीती
