मथुरा में एथेनॉल लिक्विड से भरा टैंकर जयपुर-बरेली हाईवे पर पलट गया। इसके बाद धमाके के साथ टैंक फट गया और भीषण आग लग गई। पलभर में आग ने विकराल रूप ले लिया। टैंकर चालक ने कूदकर जान बचाई। आग की लपटें 20 फीट ऊंची उठने लगीं और धुएं का गुबार 1 किमी दूर से दिखाई देने लगा। यह देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर दमकल की 6 गाड़ियां और रिफाइनरी की टीमें वहां पहुंचीं। आग सुबह 4 बजे लगी और करीब चार घंटे में काबू पाया गया। आग बुझा रहे तीन फायर कर्मी FSSO मांट किशन लाल , फायर मेन मोहम्मद साकिर, होमगार्ड चंद्रपाल झुलस कर घायल हैं। वही खेतों में आसपास कार्य कर रहे कुछ किसान भी चपेट में आ गए । जिनमें 15 लोगों के नाम सामने आए हैं जिसमें कृष्णापुरी निवासी माधव शर्मा एवं मनोहरपुर निवासी पवन पुत्र दामोदर हैं बताया गया है कि पवन की हालत गंभीर बनी हुई है। दमकल अधिकारी ने बताया- टैंकर में कुल 6 चेंबर थे जिनमें 2 फट गए थे। जिसमें लगभग 40 हजार लीटर केमिकल था। टैंकर में केमिकल भरा होने की वजह से आग पर काबू पाने में समय लगा। शाम को मनोहरपुर गांव पहुंचे तहसीलदार बुधवार शाम महावन तहसीलदार अमित त्रिपाठी गांव मनोहरपुर गांव पहुंचे और इस हादसे में झुलस कर घायल हुए लोगों की जानकारी ली और उनके परिवार से मिले। तहसीलदार ने बताया कि अभी तक 15 घायलों के नाम सामने आए हैं। जिनमें से पांच लोगों की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें मथुरा जिला अस्पताल भेजा गया है। घायलों में गांव के मयंक, नमन, अंकित, बनी सिंह, अभिषेक, उमेश, साहिल, पवन कुमार, इतवारी सिंह, दीपक, टेकचंद उर्फ़ टिंकू, संजय, भजनलाल, अजीत आदि लोग हैं। हादसे की तस्वीरें देखिए… 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया मांट फायर स्टेशन के FSSO (फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर) किशन लाल ने कहा- सुबह 4 बजे टैंकर में आग लगने की सूचना मिली थी। टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी केमिकल छिटककर मेरे और फायरमैन शाकिर के ऊपर गिर गया। हम दोनों झुलस गए। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हमने आग को बुझाया। टैंकर से कूदकर ड्राइवर ने बचाई जान आग पर काबू पाने के लिए मांट, भूतेश्वर और रिफाइनरी की टीम लगी रही। दमकल विभाग की 5 गाड़ियों ने आग पर लगातार पानी का प्रेशर मारा, तब जाकर आग बुझी। महावन थाना प्रभारी योगेश यादव ने कहा- आग लगने के बाद टैंकर से कूदकर ड्राइवर भाग गया। टैंकर संभल के धान बायो ऑर्गेनिक प्लांट से मंगलवार शाम 6 बजे निकला था। मथुरा रिफाइनरी जा रहा था। घायल दमकलकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया किशन लाल ने कहा- सबसे बड़ी दिक्कत आग कंट्रोल करने में थी। टैंकर के पास जाने में रिस्क था, क्योंकि बचे हुए 3 टैंकों के फटने का खतरा था। फिर भी हम टीम के साथ आग बुझाने में जुटे रहे। दो दमकलकर्मी झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए स्वर्ण जयंती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केमिकल का सेंपल लेकर रिफाइनरी लैब भेजा गया मौके पर टेक्निकल टीम को बुलाया गया हैं। केमिकल का सेंपल लेकर रिफाइनरी लैब के भेजा गया। जिससे मालूम पड़ सके कि कौन सा केमिकल है। पुलिस ने कहा- टैंकर के नंबर से जानकारी करने पर पता चला कि मालिक ने बेच दिया है। लेकिन जिसने टैंकर खरीदा है, उसने अभी तक अपने नाम नहीं कराया था। ‘हम अपने घर में सो रहे, अचानक धमाके की आवाज आई’ आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों ने कहा- हम अपने घर में सो रहे थे। अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी, ऐसा लगा जैसे कोई बम ब्लास्ट हुआ है। बाहर निकले तो आग की तेज लपटें उठती हुई दिखाई दीं। गांव के सभी लोग डर गए। वहां जाकर देखा तो टैंकर पलटा हुआ था। आग की लपटें निकल रही थी। आसमान में धुएं के गुबार उठ रहे थे। हमारी फसल भी जल गई। —————————-
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