कानपुर IIT में बीटेक स्टूडेंट ने दी जान:2 दिन से कमरा बंद था, बदबू आने पर पता चला; पिता बोले- कॉलेज मेरा सब कुछ खा गया

कानपुर IIT में एक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से बीटेक फाइनल ईयर में था। छात्र 2 दिन से कमरे से बाहर नहीं निकला था। तीसरे दिन कमरे से बदबू आने पर साथी छात्रों ने पुलिस और IIT मैनेजमेंट को इस बारे में बताया। मौके पर पहुंची कल्याणपुर पुलिस ने हॉस्टल के कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर छात्र का शव फंदे से लटक रहा था। शव काफी सड़ चुका था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उसके पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्र की बहन ने बताया- भाई से 5 दिन पहले बात हुई थी। तब उसने कहा था कि दिसंबर में छुट्टी पर घर आऊंगा। मार्च तक नौकरी भी मिल जाएगी। अब पढ़िए पूरा मामला हरियाणा के महेंद्रगढ़ में रहने वाले सतीश सैनी हलवाई का काम करते हैं। परिवार में पत्नी सरोज बाला, बेटा नीरज, धीरज (22) और बेटी मोनिका हैं। सतीश ने बताया कि नीरज प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि बेटी मोनिका की शादी हो चुकी है। धीरज तीनों भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता सतीश ने बताया कि धीरज IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक फाइनल ईयर का छात्र था। वह हॉस्टल नंबर-1 के 123 नंबर कमरे में रहता था। साथी छात्रों के मुताबिक, वह कुछ दिनों से गुमसुम सा रहता था। 2 दिन से कमरा बंद था। कमरे से बदबू आई, तो इस बारे में IIT प्रशासन को सूचना दी गई। IIT पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने गेट तोड़कर देखा, तो उसका शव फंदे पर लटका था। पुलिस ने ही पिता को घटना की जानकारी दी। पिता बोले- IIT कानपुर मेरा सब कुछ खा गया
पिता सतीश ने कहा कि IIT कानपुर मेरा सब कुछ खा गया। मेरा बच्चा हीरा था। मैंने कैसे मेहनत मजदूरी करके उसे पढ़ाया, यह मैं बता भी नहीं सकता। उन्होंने बताया कि उनकी डेढ़ महीने से बेटे से फोन पर भी बात नहीं हुई थी। मैं जब उससे बात करता था, तो वह कहता था कि पापा मैं आईआईटी की पढ़ाई कर रहा हूं। दिनभर बहुत व्यस्त रहता हूं। बहन से कहा था- मार्च में मिल जाएगी जॉब
पिता ने बताया- धीरज की 5 दिन पहले बेटी मोनिका से फोन पर धीरज की बात हुई थी। तब उसने दिसंबर में घर आने को कहा था। साथ ही बताया था कि मार्च में प्लेसमेंट में उसे जॉब मिल जाएगी। 3 महीने पहले रक्षाबंधन में बेटा 10 दिनों के लिए घर आया था। उसे देख कर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि ऐसा कदम उठा लेगा। अगर मां को पता चला, तो वह मर जाएगी
पिता ने कहा- रक्षाबंधन में आने पर धीरज अपने दोस्तों के साथ बीकानेर घूमने भी गया था। IIT कानपुर ने मेरे बेटे के साथ क्या किया, यह आप लोग बताइए? अब मैं कभी कानपुर नहीं आऊंगा। मैंने अपनी पत्नी को अब तक नहीं बताया कि उसका होनहार बेटा नहीं रहा। अगर बता दूंगा, तो वह मर जाएगी। मैंने अपने भाई संदीप और बेटे नीरज को धीरज का शव लाने के लिए कानपुर भेजा है। एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया- एक स्टूडेंट का शव मिला है। घरवालों के आने पर मौत का कारण साफ होगा। अगर कोई शिकायत मिलेगी, तो जांच कराई जाएगी। वहीं, कल्याणपुर थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया- धीरज को 28 सितंबर के बाद से किसी ने नहीं देखा था। कारण पूछने पर अन्य छात्रों से पता चला कि इन दिनों छुट्टियां थीं। इसीलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। सभी अपने-अपने कमरे में पढ़ाई करते रहते थे। ————————– ये खबर भी पढ़ें… IIT कानपुर के सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सुसाइड किया, दरवाजा तोड़कर निकाला शव IIT कानपुर के सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सोमवार को सुसाइड कर लिया। उसने कमरे में फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा- ‘मैं पढ़ नहीं पा रहा हूं, फेल्योर महसूस कर रहा हूं। मैं शराब नहीं पीता, इसके अलावा कोई गलत काम नहीं करता हूं। मम्मी, पापा मुझे माफ कर देना।’ पढ़ें पूरी खबर…

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