200 दुकानों व मकानों का ढहाया अवैध निर्माण

अंबेडकरनगर। नगर पालिका परिषद अकबरपुर और लोक निर्माण विभाग की टीम ने बुधवार को अकबरपुर-टांडा मार्ग से अतिक्रमण ढहाया। अधिकारियाें की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर पटेल तिराहे से तहसील तिराहे तक 200 से अधिक दुकानों व घरों के चबूतरे व अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।होली के ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से व्यापारी वर्ग नाराज है। नगर पालिका पर बात न मानने का आरोप लगाते हुए डीएम अनुपम शुक्ला के साथ होने वाली व्यापार बंधुु की बैठक का बहिष्कार कर दिया। हालांकि, इसके बाद भी शाम तक अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहे।नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की ओर से अकबरपुर मार्ग, टांडा मार्ग, शहजादपुर, पहितीपुर मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में लोगों को नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। अवैध निर्माण पर लाल निशान भी लगाए थे। बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे से ही अवैध निर्माण पर नगर पालिका की जेसीबी गरजना शुरू हो गई। आननफानन कई लोगों ने स्वयं अपना सामान हटवाया तो कई लोगों ने खुद ही चबूतरे, बोर्ड व अन्य अतिक्रमण तोड़ने शुरू कर दिए गए।लगभग 200 से अधिक दुकानों व घरों के सामने किए गए अतिक्रमण वाले हिस्से को तोड़ा गया। कुछ जगहों पर दुकानें ध्वस्त होने से उनमें रखा सामान मलबे में दब गया, जिसे निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।व्यापारियों ने अधिकारियों से समय मांगा, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार कर दिया। इस पर कुछ लोगों ने उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इस कार्रवाई की जद में कृषि विभाग की बाउंड्रीवॉल भी क्षतिग्रस्त हो गई। ईओ विशाल सारस्वत ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, वह लोग स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाएंगे तो कार्रवाई होगी।

अतिक्रमण के खिलाफ व्यापारियों में रोष
अतिक्रमण के खिलाफ चले अभियान से व्यापारियों ने नाराजगी है। नाराज व्यापारी संगठनों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली व्यापार बंधु की बैठक का बहिष्कार कर दिया। कई व्यापारी संगठनों ने भी इसका समर्थन किया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रहरी ने बताया कि होली पर बाजार में भीड़ रहती है और इस मौके पर कारोबार भी होता है। नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग के इस अभियान को होली के बाद चलाने का आग्रह किया गया था। इसके बाद भी व्यापारियों की बातों को नजरअंदाज किया गया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जब कारोबारियों की बात को सुना नहीं जाता है तो बैठक में जाने का क्या मतलब है। इसके विरोध में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व संयुक्त व्यापार मंडल ने भी अपना समर्थन दिया है।

अभियान के दौरान तैनात रही पीएसी, हर ओर रहा जाम
अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ बड़ी संख्या में पीएसी बल मौजूद रहा। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी लगाई गई थीं। सुबह से चले अभियान के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए पटेल तिराहा और पुरानी तहसील तिराहा पर बैरिकेडिंग करके भारी वाहनों को डायवर्ट किया गया, जिसके चलते जात की स्थिति बन गई। टांडा मार्ग पर कलेक्ट्रेट से लेकर पूरे मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही, वाहनों को किसी तरीके से निकाला गया, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। यही हाल अयोध्या मार्ग पर भी रहा। यहां पर तहसील से लेकर बनगांव मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। यातायात को व्यवस्थित करने में पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

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