जालौन में तेज बरसात, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:10°C तक लुढ़का पारा, कल से बदलेगा मौसम, भीषण गर्मी पड़ेगी

यूपी में 7 दिन से जारी आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह जालौन में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। काले बादल छाने की वजह से अंधेरा छा गया। लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद समेत ज्यादातर शहरों में मौसम साफ है। तेज धूप निकली है। हवा में नमी की वजह से मौसम ठंडा है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ेगा। गर्मी अपने तेवर दिखाएगी। आज 28 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में बिजली गिर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 30 अप्रैल से बारिश हो रही है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। अधिकतम तापमान में 10°C तक गिर गया है। 28 अप्रैल को सबसे ज्यादा 47.6°C तापमान बांदा में रिकॉर्ड किया गया था, जो 7 मई को गिरकर 38°C तक लुढ़क गया है। इससे पहले गुरुवार को लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी समेत 15 जिलों में बारिश हुई। महोबा में आंधे घंटे की बरसात के साथ ओले भी गिरे। बिजनौर में सड़क पर CCTV के लिए लगाया गया टावर गिर गया। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन की वजह से दो डबल डेकर बसों समेत कई गाड़ियां टकरा गईं। एक व्यक्ति की मौत हो गई। यूपी में सबसे अधिक 27 मिमी. बारिश बुंदेलखंड के जालौन में हुई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- पिछले एक हफ्ते से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ने लगा है। आज पूर्वी और पश्चिमी यूपी में छिटपुट बारिश हो सकती है। आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। कल से गर्मी अपने तेवर दिखाएगी। पारा फिर से बढ़ने लगेगा। हालांकि, फिलहाल लू से राहत बरकरार रहेगी। मौसम की तस्वीरें देखिए- शहरों का हाल जानिए- मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों? मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। बर्फबारी हो रही है। अगले 2 से 3 दिन भी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। इसका सीधा असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हुए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम ? ————————– ये खबर भी पढ़िए- मंत्री एके शर्मा से ऊर्जा विभाग छिन सकता है:यूपी में स्मार्ट मीटर के गुस्से का असर मंत्रिमंडल विस्तार में दिखेगा; संघ ने दी थी चेतावनी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर यूपी सरकार ने ऐसे ही यू-टर्न नहीं लिया, बल्कि जनता के गुस्से ने ऐसा करने पर मजबूर कर दिया था। सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा था। संघ और भाजपा नेताओं ने सरकार को फीडबैक दिया कि जल्द ही प्रीपेड मीटर पर फैसला वापस नहीं गया, तो विधानसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए

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