भाई को मगरमच्छ खा गया, बहनें चादर से लिपटकर रोईं:बहराइच में चाचा बोले- 7-8 मिनट लड़ा, बचा नहीं पाया; शव गोद में लेकर पहुंचे

मगरमच्छ चुपके से आया और भतीजे को दबोच लिया। वह चीखने लगा। यह देखकर मैंने नदी में छलांग लगा दी। 7 से 8 मिनट तक भतीजे को खींचता रहा, लेकिन छुड़ा नहीं सका। मगरमच्छ बच्चे को पानी के अंदर ले गया। 3-4 बार पानी में उछालकर पटका और मेरे सामने आधा शरीर खा गया। फिर हमने खोजबीन की, लेकिन बच्चा नहीं मिला। करीब 3 घंटे बाद भतीजे का शव उतराता मिला। यह कहना बहराइच के विजय राज सिंह का है। उनके 12 साल के भतीजे सुनील को गुरुवार शाम मगरमच्छ जिंदा खा गया था। शुक्रवार दोपहर विजय बच्चे का शव गोद में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शाम को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। वहां देखा कि एक चादर के चारों ओर उसकी बहनें फूट-फूटकर रो रही थीं। एक बहन उस चादर को लगातार सहला रही थी। पूछने पर लोगों ने बताया कि इसी चादर में बच्चे को नदी से लाया गया था और उसी में लपेटकर रखा गया था। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। 2 तस्वीरें देखिए बच्चे के चाचा ने बताई आंखोंदेखी, बोले- मैं बेबस खड़ा देखता रहा टिकुरी गांव के रहने वाले बच्चे के चाचा उदय राज सिंह ने कहा- गुरुवार दोपहर 2 बजे भतीजा सुनील, भाई विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। मैं पहले से ही खेत में था। 3-4 घंटे तक रोपाई करने के बाद देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान अचानक नदी से मगरमच्छ निकला और सुनील पर हमला कर दिया। मेरे भाई विजय ने यह देखा तो तुरंत पानी में कूद गए। बच्चे को पकड़कर खींचने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ उसे छोड़ नहीं रहा था। ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। मैं बेबस खड़ा देखता रहा। कुछ भी नहीं कर पाया। 3-4 बार बच्चे को पटका, फिर पानी के अंदर ले गया ग्रामीण अरविंद श्रीवास्तव ने कहा- मगरमच्छ बच्चे को लेकर चला गया। कुछ देर बाद वह बच्चे को जबड़े में दबाकर पानी से बाहर आया। उसने बच्चे को कई बार पटकने के बाद फिर पानी के अंदर ले गया। ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाश शुरू की। तब तक पुलिस, वन विभाग और NDRF की टीम भी पहुंच गई थी। करीब 3 घंटे तक खोजबीन के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला। इसी बीच घटनास्थल से 300 मीटर दूर उसका शव उतराता मिला। गांव के इंस्पेक्टर सिंह जाल लेकर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। माता-पिता की मौत हो चुकी, चाचा के साथ रहता था बच्चा सुनील टिकुरी गांव का रहने वाला था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। पिता बुधराज की 5 साल पहले, जबकि मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था। उससे बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था। माता-पिता के निधन के बाद वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रहता था। बच्चे पर मगरमच्छ के हमले की 3 तस्वीरें देखिए ——————– ये खबर भी पढ़ें- पत्नी ने स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाकर मारा:आधी रात बिस्तर पर सांप छोड़ा, लव-मैरिज की थी; मेरठ में वैन ड्राइवर के प्यार में हत्या
मेरठ में स्कूल संचालक पति को पत्नी ने सांप से डसवाकर मरवा दिया। उसने शादीशुदा वैन ड्राइवर प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पहले पति को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। फिर रात 2 बजे प्रेमी और सपेरों को बुलाकर बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया। प्रेमी को वहां से भगा दिया और खुद दूसरे कमरे में सोने चली गई। पढ़ें पूरी खबर

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