मां की हत्या और पिता की मौत के बाद दादा-दादी के साथ रह रहे चारों बच्चे, विनीत की बात सुनकर नम हुईं आंखें
कानपुर। महाराजपुर थाना क्षेत्र के भेवली गांव में अप्रैल में हुई दर्दनाक घटना के बाद अनाथ हुए चार बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होगी। माता-पिता की मौत के बाद विनीत (18), राधा (16), निधि (13) और मनीष (10) अपने दादा रामआसरे और दादी दुल्ली के साथ रह रहे हैं। सरकार ने बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। साथ ही दादा-दादी की पेंशन भी सुनिश्चित की गई है।सरसौल ब्लॉक प्रमुख डॉ. विजय रत्ना तोमर और प्रधान संघ अध्यक्ष रोहित सिंह तोमर ने परिवार से मुलाकात कर खाद्य सामग्री, खेल सामग्री और नकद धनराशि देकर सहयोग किया। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि माता-पिता का साया खो चुके बच्चों की मदद के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ब्लॉक स्तर से भी परिवार की जरूरतों में हर संभव सहयोग किया जाएगा।मुलाकात के दौरान बड़े बेटे विनीत ने भावुक होकर कहा, ह्लअगर मैं पढ़ाई करूंगा तो छोटे भाई-बहनों का ध्यान कौन रखेगा?ह्व उसकी बात सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।गौरतलब है कि 7 अप्रैल को हरिपाल (40) ने घरेलू विवाद में पत्नी रामदेवी (38) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। 10 अप्रैल को हरिपाल ने भी ट्यूबवेल की कोठरी में फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों की मौत के बाद चारों बच्चे अनाथ हो गए। इस दौरान एडीओ पंचायत अशोक सचान समेत अन्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।
