कानपुर में करोड़पति कारोबारी की हत्या बेटे ने कराई थी:बहू बेगुनाह निकली, बेटा बोला-पिता के कई महिलाओं से अफेयर थे

कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या बेटे सुब्रत (35) ने करवाई थी। बहू शालू (32) बेगुनाह निकली। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- सुब्रत ही हत्या का मास्टरमाइंड है। बहू की रिहाई के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। पूछताछ में सुब्रत ने बताया- पिता के कई महिलाओं से अफेयर थे। उसे डर था कि पिता किसी महिला से शादी कर उसे घर ले आएंगे ।वह संपत्ति में हिस्सेदार बन जाएगी। मैं एक-एक रुपए के लिए मोहताज हो गया था, जबकि पिता मुझे गोवा में महिलाओं के साथ पार्टी की तस्वीरें दिखाते थे। मुझ पर 40 लाख रुपए का कर्ज था। हर महीने 55 हजार रुपए की किस्त आती थी, लेकिन पिता सिर्फ 40 हजार पॉकेट खर्च देते थे। इससे परेशान होकर हत्या की प्लानिंग की। हत्याकांड का 19 दिन बाद खुलासा हुआ। बेटे ने 5 सितंबर को नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर से कारोबारी पिता की हत्या कराई थी। पुलिस ने दोनों को CCTV के आधार पर पकड़ा था। दोनों ने पूछताछ में शालू के कहने पर हत्या करने की बात कही थी। बुधवार को पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर को 24 घंटे की रिमांड पर लिया। शालू-विशाल से कल्याणपुर थाने में सुब्रत का आमना-सामना कराया। इसी दौरान विशाल ने बताया- सुब्रत के कहने पर विनीत की हत्या की थी। सुब्रत ने कहा था कि पकड़े जाओ तो शालू का नाम लेना। हत्या के बदले 6 लाख रुपए देने का वादा किया था। विशाल के बयान के बाद पुलिस ने सुब्रत से सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद उसने पिता की हत्या कराने की बात कबूल कर ली। ‘पत्नी की नौकर से बात होती थी, इसलिए उसे फंसाया’ पुलिस ने सुब्रत से पूछा कि पत्नी शालू को क्यों फंसाया? इस पर सुब्रत ने बताया- शालू की विशाल से बातचीत होती रहती थी। वह खुद भी शालू के साथ विशाल से कई बार मिल चुका था। विशाल उसके घर आता-जाता था। इसलिए उसे लगा कि हत्या की जांच में शक आसानी से शालू पर जा सकता है। इसी वजह से उसने विशाल से कहा था कि अगर हत्या के बाद पुलिस उसे पकड़े तो शालू का नाम बता देना। हालांकि, पत्नी शालू से मेरे संबंध अच्छे थे। कुछ पारिवारिक बातों को लेकर विवाद होते थे, जो सामान्य बात है। शालू ने मेरा कर्ज चुकाने के लिए अपने पिता नरेश अरोड़ा से भी 14 लाख रुपए दिलवाए थे। महंगे शौक और स्टेटस सिंबल के लिए कर्ज में डूबता गया पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- सुब्रत शराब, जुआ और सट्टे का लती था। महंगे शौक और स्टेटस सिंबल के लिए वह कर्ज में डूबता गया। उसने ICICI बैंक से 75 हजार, RBL बैंक से 25 हजार, मनीव्यू से 5 लाख और नवी बैंक से 3 लाख रुपए का लोन लिया था। इसके अलावा दूसरे बैंकों और क्रेडिट कार्ड से भी कर्ज लिया था। धीरे-धीरे करीब 40 लाख रुपए का कर्ज हो गया। पिता रंगीन मिजाज थे, इसलिए मां अलग रहती थीं सुब्रत ने बताया- हमारा स्टेटस हाई था, इसलिए 40 हजार रुपए पॉकेट मनी कम पड़ती थी। पिता रंगीन मिजाज थे। उनकी हरकतों के चलते मां उनसे अलग गाजियाबाद में रहती थीं। एक बार मैं, पिता और पत्नी शालू कार से जा रहे थे। कार चलाते समय पिता का हाथ शालू को लग गया था। मुझे शक हुआ कि पिता ने मेरी पत्नी को बैड टच किया है। इसके बाद मुझे पिता पर गुस्सा आया था। हालांकि, पुलिस ने शालू से इस बारे में पूछताछ की तो उसने किसी भी तरह की बैड टच की घटना से इनकार किया। कर्ज चुकाने के लिए पिता की दुकान से 9 बार चोरी कराई पुलिस के मुताबिक, कर्ज चुकाने के लिए सुब्रत ने नौकर विशाल की मदद से बिरहाना रोड स्थित पिता की दुकान से दवाइयों की चोरी शुरू कराई। नौकर विशाल दुकान के बाहर खड़ा रहता था। सुब्रत उसे लाखों रुपए की दवाइयों के गत्ते देता था। बाद में विशाल उन्हें बेच देता था। उसने विशाल से 8 से 9 बार दुकान से चोरी कराई। बाद में सुब्रत के पिता ने विशाल को चोरी करते पकड़ लिया। दोनों के बीच विवाद हुआ और विनीत ने विशाल को नौकरी से निकाल दिया था।
3 महीने से पिता की हत्या की प्लानिंग कर रहा था पूछताछ में सुब्रत ने बताया- पिता की हत्या के लिए 3 महीने से प्लानिंग कर रहा था। मैंने विशाल से पहले एक्सीडेंट कराने की बात कही, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद दोनों ने तकिए से मुंह दबाकर हत्या करने की योजना बनाई। विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को भी इसमें शामिल कर लिया। तय हुआ कि एक व्यक्ति पिता के हाथ-पैर पकड़ेगा और दूसरा तकिए से उनका मुंह दबाएगा। हत्या के बाद मैं घर पहुंचकर हार्ट अटैक बताता और अंतिम संस्कार कर देता। प्लान के मुताबिक, मैं, पत्नी और बेटे के साथ पार्टी में चला गया। विशाल साथी राजकिशोर के साथ पहले ही फ्लैट में छिप गया। कुछ देर बाद पिता फ्लैट में आए। उन्होंने अचानक उस कमरे की लाइट जला दी, जहां दोनों छिपे थे। उन्हें देखकर पिता शोर मचाने लगे। डर के कारण विशाल ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद तकिए से मुंह दबाकर हत्या करने की प्लानिंग फेल हो गई। शालू रोती रही, पति सुब्रत ने नजर तक नहीं मिलाई पूछताछ के दौरान शालू लगातार सुब्रत को देखती रही, लेकिन सुब्रत ने उसकी ओर नहीं देखा। जब सुब्रत ने पिता की हत्या का आरोप शालू पर लगाया तो वह रो पड़ी। उसने कहा- खुद को बचाने के लिए मुझे फंसा दिया। उसे सुब्रत पर भरोसा था, लेकिन अब उसका विश्वास टूट गया है। शालू ने कहा कि वह हैरान है कि विशाल ने उसका नाम किसके कहने पर लिया। शालू ने अपने पहले बयान को दोहराते हुए कहा- उसने ससुर विनीत मिनोचा की हत्या नहीं करवाई। ससुर से उसके अच्छे संबंध थे। उन्हें शुगर थी, इसलिए वह उनका पूरा ख्याल रखती थी। शालू ने कहा कि सुब्रत उसे अच्छी तरह जानता है, इसके बावजूद जेल में उससे मिलने तक नहीं आया। हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से 40 से ज्यादा सवाल पूछे। उनके चेहरे के हाव-भाव, झूठ बोलते वक्त लड़खड़ाती जुबान और हर कबूलनामे को कैमरे में कैद किया। ——————————— ये खबर भी पढ़िए- आजमगढ़ में पत्नी-बेटे, दो पुजारियों को मारने वाले का एनकाउंटर: पूजा कराने से नाराज था, पति के साथ पत्नी-बेटे का एक चिता पर अंतिम संस्कार यूपी के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। पकड़े जाने के डर से उसने अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। 7 घंटे बाद उसने बेटे पर गोली चला दी। इसके बाद ATS, SOG ने हत्यारे अरविंद सिंह (42) को मार गिराया। पढ़ें पूरी खबर…

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