‘बस में चारों तरफ धुआं ही धुआं था। मैं भागने लगी, तो बस में ही गिर पड़ी। मुझे कुचलते हुए लोग भागे। मैं नीचे दबी चीखती रही। किसी ने मुझे खींचा, फिर किसी तरह मैं बस के बाहर आई। मैं बेहोश हो गई। जब होश आया, तो देखा कि मैं बस के बाहर सड़क पर पड़ी थी। लेकिन, पति मेरे साथ नहीं थे। हाथ जोड़कर लोगों से गुहार लगाई मेरे पति को ढूंढ दीजिए। मेरे पति अभी तक नहीं मिले हैं। शायद उनकी मौत हो गई है।’ यह कहना है नोएडा बस अग्निकांड में जिंदा बचीं रेखा भारद्वाज का। वह अपने पति देवेंद्र भारद्वाज के साथ दिल्ली से महोबा जा रही थीं। इस अग्निकांड में 9 लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में रेखा के पति भी हैं। हालांकि, अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। बस में धुआं भर गया। यात्री अपनी जान बचाकर भागे। जो लोग अंदर फंस गए, उनकी मौत हो गई। मेरे पति के पैर में फ्रैक्चर था, इसलिए भाग नहीं पाए रेखा भारद्वाज जेवर के आरोग्य अस्पताल में भर्ती हैं। उनका वहां इलाज चल रहा है। रेखा ने बताया- मैं पति के साथ दिल्ली में रहती हूं। मेरे पति के एक पैर में फ्रैक्चर था। इसलिए जब आग लगी, तो वह बस से बाहर नहीं निकल सके। हम लोग सो रहे थे। तभी कुछ लोगों ने हम लोगों को जगाया। आंख खुली, तो बस में लोग चीख रहे थे। इधर-उधर भाग रहे थे। मेरे सिर पर चोट लगी थी। खून बह रहा था। फिर पुलिसवालों ने मुझे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। मैंने पुलिसवालों से पूछा कि मेरे पति कहां हैं? उन्होंने बताया कि कुछ लोग दूसरे अस्पताल में हैं। शायद वहां हों। लेकिन, मैं जानती थी कि मेरे पति बाहर नहीं निकल पाए थे। यात्री रिंकी बोलीं- बस में धुआं ही धुआं था, लोग चिल्लाते हुए भाग रहे थे रिंकी राजपूत ने बताया- मैं नोएडा से बस में बैठी थी। हादसे के समय सो रही थी। किसी ने मुझे जगाया और कहा कि बस में आग लग गई है। मैंने देखा कि बस में अफरा-तफरी मची थी। सब एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। अंदर धुआं ही धुआं भरा था। सभी का दम घुट रहा था। मैं भी भागी। इस दौरान मैं अपने जूते तक नहीं पहन पाई। सिर्फ फोन ले पाई। बाकी सामान बस में ही छूट गया। धक्का-मुक्की के बीच मुझे पता ही नहीं चला कि कैसे बाहर आ गई। ड्राइवर जहां बैठा था, वहां से आग लगी थी। धुएं की वजह से कई लोग बस के अंदर ही रह गए थे। धुएं से दम घुट रहा था, यात्री खिड़की से बाहर कूदे एक यात्री राजू ने बताया- हम लोग दिल्ली से महोबा जा रहे थे। हम सो रहे थे। कोई आया और बोला उठो, बस में आग लग गई है। जब उठा, तो बस में धुआं ही धुआं भरा था। बस में आगे से आग लगी थी। मैं बस की खिड़की तोड़कर बाहर कूद गया। मेरे पैर में चोट आई है। यात्री सुनील ने FIR कराई, दावा- बस में पहले ही आ रही थी जलने की बदबू जिला हमीरपुर के मोहाल खुशीपुरा में रहने वाले सुनील कुमार ने जेवर थाने में FIR दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि बुधवार रात करीब 9 बजे मैं दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस पर बैठा था। अपने घर आ रहा था। बस में 30-35 सवारियां थीं। रात करीब 11.30 बजे बस नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग यमुना एक्सप्रेस-वे किलोमीटर- 33 के पास पहुंची। तभी ड्राइवर ने बस को तेज दौड़ा दिया। कुछ देर बाद ड्राइवर के केबिन से जलने की बदबू आने लगी। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को बस में जलने जैसी बदबू आने के बारे में बताया। लेकिन, ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कहने लगा कि बस में ऐसी जलने की बदबू आती रहती है। ड्राइवर और कंडक्टर अपने केबिन में सिगरेट पीने लगे। कुछ ही समय बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने फिर शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा, लेकिन ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। कंडक्टर यात्रियों को डांट रहा था। कहने लगा कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे। तब तक आग तेजी से बस में फैल गई। बस के अंदर धुआं भर गया। जब यात्रियों ने जान बचाने के लिए शीशा तोड़ने शुरू कर दिए। तब ड्राइवर ने बस रोकी। तब तक कई लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर कूद गए थे। कुछ यात्री आग और धुएं की वजह से बस के अंदर ही फंस गए। वो लोग बस से बाहर नहीं निकल सके। आग से कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। यात्रियों का सामान, मोबाइल सब बस में जलकर राख हो गए। घायलों को कैलाश अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद मुझे अस्पताल में पता चला कि हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही से हुआ है। अगर वो समय रहते बस रोक देते, तो लोगों की जान नहीं जाती। ADM बोले- घायलों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया एडीएम अजीत कुमार सिंह ने बताया- एसी स्लीपर बस थी, जो दिल्ली से महोबा जा रही थी। बस में करीब 35 लोग थे। हादसा रात करीब 11:15 बजे हुआ। प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेष वाहन से महोबा भेज दिया गया है। करीब 15 लोग थे। कुछ लोग प्राइवेट गाड़ियों से चले गए। एक महिला अभी अस्पताल भर्ती है। उसका इलाज चल रहा है। शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा गया है। उनके घरवालों से संपर्क किया जा रहा है। स्लीपर बस को पुलिस ने जब्त कर लिया है। —————————– ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले, यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी यूपी के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़की तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया। पढ़ें पूरी खबर
‘कुचलते हुए लोग भागे, मैं जिंदा; लेकिन पति नहीं बचे’:हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, नोएडा अग्निकांड में प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
