चाइनीज मांझे से कारोबारी की गर्दन कटी, तड़पकर मौत:बेटे की किडनी खराब, मन्नत मांगने मंदिर गए थे; यूपी में 20 घंटे में दूसरी मौत

वाराणसी में चाइनीज मांझे से 55 साल के साड़ी कारोबारी की गर्दन कट गई। गर्दन कटते ही खून का फव्वारा निकल पड़ा। सड़क पर तड़प-तड़पकर उनकी मौत हो गई। कारोबारी के बेटे की किडनी खराब है। वह नवरात्रि के पहले दिन बेटे के ठीक होने की मन्नत मांगने बाइक से मंदिर गए थे। रविवार सुबह 9 बजे लौटते वक्त कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक मांझा उनकी गर्दन में लिपट गया। जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक उनकी गर्दन कट चुकी थी। एक राहगीर युवक कुछ लोगों की मदद से उन्हें बाइक से अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यूपी में 20 घंटे के अंदर चाइनीज मांझे से यह दूसरी मौत है। शनिवार को गोरखपुर में 35 साल के युवक की चाइनीज मांझे से गर्दन कट गई थी। उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। यह हाल तब है, जब यूपी में 2016 यानी 10 साल से चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है। फरवरी 2026 में योगी सरकार कह चुकी है कि चाइनीज मांझे से मौत होने पर हादसा नहीं, बल्कि हत्या की FIR दर्ज होगी। ‘भाई रात में भतीजे की डायलिसिस कराकर लखनऊ से लौटे थे’ आशापुर में रहने वाले सुनील कुमार गुजराती (55) साड़ी कारोबारी थे। उनके दो बेटे हैं। सुनील के छोटे भाई सुशील कुमार ने बताया कि भाई के भतीजे यश की लखनऊ PGI में डायलिसिस चल रही थी। शनिवार रात भाई भतीजे को लेकर घर लौटे थे। सुशील ने बताया, ‘आज सुबह वह मंदिर में दर्शन करने गए थे। वहां से लौटते समय हादसा हो गया। एक युवक मुझे तलाशते हुए पहुंचा और घटना की जानकारी दी। इसके बाद हम अस्पताल पहुंचे। वहां पता चला कि सुनील की मौत हो गई है।’ आगे बढ़ने से पहले दैनिक भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दें- प्रत्यक्षदर्शी बोले- गला कटा तो सड़क पर गिरे, तड़पने लगे अब गोरखपुर की घटना के बारे में पढ़िए- गोरखपुर में रमेश कन्नौजिया शनिवार दोपहर 1 बजे मोपेड (स्कूटी) से दुकान जा रहे थे, तभी उनकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। उन्होंने ब्रेक मारा, लेकिन तब तक आधी गर्दन कट चुकी थी। वह मोपेड के साथ सड़क पर गिर पड़े। गर्दन से तेजी से खून निकलने लगा। राहगीरों ने उन्हें उठाया और जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने रमेश कन्नौजिया को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पत्नी रोते हुए जिला अस्पताल पहुंची। वह पति का चेहरा देखने की जिद करने लगी। पहले तो पुलिसवालों ने मना किया, लेकिन बाद में चेहरा दिखाया। एसपी ने चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। घटना शहर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। रमेश घर में इकलौते कमाने वाले थे। वह कॉस्मेटिक की दुकान पर काम करते थे। उन्हें महीने में 10 से 12 हजार रुपए मिलते थे। परिवार में पत्नी पुन्ना, 9 साल की बेटी अपर्णा, 5 साल का बेटा आर्यन और बुजुर्ग पिता फकीरे हैं। चौकी इंचार्ज सस्पेंड, मांझा बेचने वाले 9 दुकानदार गिरफ्तार घटना के बाद एसपी ने डोमिनगढ़ चौकी इंचार्ज आलोक सिंह को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद थानों की पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। 374 दुकानों की चेकिंग की गई। इनमें से 9 दुकानों पर 77 बंडल चाइनीज मांझा मिला। पुलिस ने 9 दुकानदारों को गिरफ्तार कर लिया। अब पढ़िए चाइनीज मांझे से हुईं 6 बड़ी घटनाएं… 16 अगस्त 2026: गाजियाबाद में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण 25 साल के रविराज की मौत हो गई। 4 फरवरी 2026: लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण एमआर शोएब की मौत हो गई थी। 14 जनवरी 2026: जौनपुर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण डॉक्टर समीर की मौत हो गई थी। 23 अक्टूबर 2025: शाहजहांपुर में रवि शर्मा (26) पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। अस्पताल में मौत हो गई थी। 30 सितंबर 2025: अलीगढ़ में 28 साल के सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया, जिससे गहरा कट लगा। अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। 11 जनवरी 2025: शाहजहांपुर में ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। उनकी गर्दन पर गहरा कट लगा। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यूपी में कब से बैन है चाइनीज मांझा, क्यों खतरनाक? नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में देश भर में नायलॉन या चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। तब से ही यूपी में भी चाइनीज मांझा बैन है। इसके बावजूद बहुत से लोग इसे खरीदते-बेचते हैं। इस वजह से अक्सर हादसे होते हैं। यह सामान्य मांझे की तुलना में कई गुना धारदार होता है। यह आसानी से टूटता नहीं है। सामान्य मांझे से कई गुना तीखा होता है। इसकी वजह से पतंगबाजों की पतंगें आसानी से कट जाती हैं। लेकिन, इंसानों या जानवरों के हाथ-पैर पर लगने पर गंभीर चोटें आ सकती हैं। चाइनीज मांझा कैसे बनता है, बनाने-बेचने पर कितनी सजा? चीनी मांझा चीन से नहीं आता। इसे प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तरह केवल धागों से नहीं बनाया जाता। इसे नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से तैयार करते हैं। इसके बाद इस मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है। मांझा बनाने-बेचने और इससे पतंग उड़ाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत 5 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कई बार जमानत भी नहीं मिलती। दुकान को भी सील कर दिया जाता है। अगर मांझा किसी की मौत का कारण बना, तो सजा और गंभीर हो सकती है। किन-किन राज्यों में चाइनीज मांझा बैन है? भारत में चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से मानव और पशु सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। दिल्ली में भी 2017 से चीनी मांझे पर बैन है। उसके बावजूद भी धड़ल्ले से बिक्री होती है। गुरुग्राम (हरियाणा)- 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले, जिला प्रशासन ने चीनी मांझा और अन्य सिंथेटिक धागों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। कर्नाटक- PETA इंडिया की अपील पर राज्य सरकार ने सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाया, जिसमें कांच या धातु से कोटेड धागे शामिल हैं। महाराष्ट्र- राज्य सरकार ने कांच-कोटेड कॉटन और अन्य खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि मानव, पक्षी और अन्य जानवरों को होने वाली चोटों को रोका जा सके। पश्चिम बंगाल- राज्य सरकार ने चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। चंडीगढ़- सिंथेटिक या नायलॉन धागों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ , ओडिशा और असम में राज्य सरकारें भी समय-समय पर इन खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा —————————— ये खबर भी पढ़ें- कारोबारी बेटे की मौत, मां बोली- मॉडल गर्लफ्रेंड पीटती थी:उसके नेताओं से संपर्क, वह धमकाती थी; लखनऊ में फ्लैट से गिरकर हुई थी मौत
‘मॉडल श्रद्धा दुबे पहली बार बेटे से लखनऊ के एक क्लब में मिली थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे डेट करने लगे। श्रद्धा के नेताओं से संपर्क हैं। वह बेटे को उनके नाम पर डराती थी। आखिरी वक्त में तो बेटे को सिगरेट से दागा। बेटे की बॉडी पर निशान मिले। चेहरे पर लिपस्टिक लगी थी।’ यह कहना है लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिव शर्मा की मां रंजना शर्मा का। पढ़ें पूरी खबर

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