ब्यूरो चीफ: विपिन कुमार द्विवेदी
सुल्तानपुर:-राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन प्रातः डॉ नीरज तिवारी ने स्वयंसेवकों को योगाभ्यास कराया। इसके बाद सभी कार्यक्रमाधिकारियों के साथ टोली नायकों की बैठक हुई, जिसमें दिवस अध्यक्ष का चुनाव किया गया। आज सभी स्वयंसेवको ने अपने कार्यक्रम में अधिकारियों के साथ चयनित गांवो में श्रमदान किया। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण आदि के बारे में भी जागरूक किया। अपराह्न बौद्धिक सत्र का प्रारंभ हुआ। आज बौद्धिक सत्र का विषय ‘डिजिटल जागरूकता’ था जिसमें मुख्य वक्ता डॉ सतीश कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर प्राचीन इतिहास विभाग उपस्थित हुए। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग की सबसे बड़ी सतर्कता डिजिटल सतर्कता है। प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल ज्ञान और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। 21 वीं शताब्दी का सबसे बड़ा कौशल डिजिटल कौशल है। कार्यक्रम में संस्कृत विभाग के डॉ नरेंद्र कुमार ने ‘व्यक्तित्व विकास’ पर अपना विचार रखते हुए कहा कि श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले युवा ही देश को विकसित देश बना सकते हैं। व्यक्तित्व निर्माण के लिए किन-किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए इसे विभिन्न बिंदुओं के माध्यम से स्पष्ट किया। कार्यक्रम में सौम्य मौर्या, मुस्कान मौर्या, अर्पिता मिश्रा, प्रिया सिंह, आयुष ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेविका सगुन ने किया। उक्त अवसर पर संजय सिंह ,डॉ शनि कुमार शुक्ल, प्रतीक कुमार मौर्य, आरजू मिश्रा कार्यक्रमाधिकारीयों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डॉ करुणेश प्रकाश भट्ट, डॉ समीर पांडेय, शिवानी पाण्डेय, सुधा तिवारी आदि की उपस्थिति रही।
