ब्यूरो चीफ: विपिन कुमार द्विवेदी
सुल्तानपुर:“कहते हैं सीने में उम्मीदों को जिंदा रखिए समंदर से भी गंगाजल निकलेगा”,, कौन जानता था कि 12 वर्ष पहले पांच लोगों की मौजूदगी में शुरू हुई गोमती आरती एक दिन इतिहास रच देगी,मां गोमती की स्वच्छता के लिए लोगों को जागृत कर देगी। उमड़ते जनसैलाब ने मां गोमती की स्वच्छता के गोमती मित्र मंडल के संकल्प से खुद को भी जोड़ लिया,12 वर्षों में आरती ने कई रंग देखें,पांच लोगों की उपस्थिति देखी तो 10000 से ज्यादा की भी उपस्थिति देखी और अब तो हर रविवार आरती में उमड़ता है जन सैलाब,काशी में मां गंगा के तट पर होने वाली आरती की तर्ज पे होने वाली आरती ने सीता कुंड धाम की भव्यता को और बढ़ा दिया है,रविवार 22 जून को होने वाली आरती जनपद के वरिष्ठ पत्रकार,अधिवक्ता दस्तक भारत न्यूज़ के मुख्य संपादक अनुराग द्विवेदी जी की 29वीं वैवाहिक वर्षगांठ के मौके पर उनसे संपन्न कराई गई,वे सपरिवार उपस्थित रहे और पूरे दृश्य ने उन्हें भाव विभोर कर दिया और यह कहने को मजबूर कर दिया की “न कहीं देखा-न कभी देखा”।
आरती आचार्य गणों पं.आनंद वत्स,प्रांजल,अभय व राज के मनमोहक अंदाज में विशिष्ठ जनों प्रवीण मिश्रा,डी.आर.पाल,सी.एल. गुप्ता, रूद्र प्रताप सिंह मदन आदि की उपस्थिति में संपन्न हुयी।
आरती संपन्न कराने में राजेन्द्र शर्मा,संतकुमार प्रधान,राकेश सिंह दद्दू,अजीत शर्मा,राजेश पाठक,राजीव कसौंधन,विकास शर्मा,योगेश सिंह,महेश प्रताप,अनुज सिंह,अजय प्रताप सिंह,डॉ.मौसम गुप्ता,शिक्षक प्रवीण कुमार मिश्र,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह सहित सभी गोमती मित्रों का सहयोग रहा।
गूंजा सीता कुंड जयकारों से, गोमती स्वच्छता के नारों से
