– थाना दिवस-तहसील दिवस बने नौटंकी का मंच
– फरियादियों की अनसुनी से गम्भीर अपराधों में वृद्धि
– मिल एरिया के प्रगतिपुरक कालोनी निवासी अभिषेक यादव हत्याकांड में नहीं लिखी गयी एफआईआर
– महरानीगंज के व्यापारी दम्पत्ति हत्याकांड में नहीं हुई गिरिफ्तारी
– थाना डीह की पुलिस ने निर्दोष को मारकर गम्भीर चोटे पहुँचाई
रायबरेली। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी (फौ0) ओपी यादव ने जिले में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की है। श्री यादव ने कहा है कि जिले के कप्तान कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए लगातार प्रयासरत है, परन्तु जिले के थानों में तैनात कोतवाल अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में अपराधों पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। ईमानदार कप्तान की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। जिले में आयोजित किए जाने वाले थाना दिवस व तहसील दिवस मात्र नौटंकी का मंच बनकर रह गए हैं, किसी फरियादी की समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, फरियादियों की फरियाद में पैसे ढूँढे जाते हैं। फरियादियों की अनसुनी से गम्भीर अपराध जन्म लेते हैं। थाना चन्दपुर में यदि फरियादी की सुनी गयी होती तो सुनीत की जान न जाती। सरला के प्रार्थना-पत्र पर यदि मुकदमा लिख गया होता तो न तो गुरदत्त सिंह के पुरवा, मजरे ज्योना में सुनीता की जान न जाती और न ही राजेन्द्र, रवीन्द्र व सरेन्द्र गम्भीर रूप से घायल होते, वहाँ के सामंतियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त होने के कारण यह घटना घटित हुई। थाना मिल एरिया ने फरियादी की सुन ली होती तो जमालपुर करौंदी के इन्द्रेश की हत्या न हुई होती। थाना मिल एरिया में प्रगतिपुरम निवासी अभिषेक यादव की हत्या की एफआईआर तक पंजीकृत नहीं की गई, रिपोर्ट न लिखने के कारण आरोपियों को साक्ष्य मिटाने का पर्याप्त मौका थाना मिल एरिया की पुलिस दे रही है, बिसरा रिपोर्ट की जाँच के नाम पर पुलिस अपनी जेबें गरम कर रही है। मुकदमा वादी को लगातार थाने में बुलाकर उसका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। थाना खीरों के महरानीगंज में व्यापारी दम्पत्ति हत्याकांड के 11 दिन बीत जाने के बाद भी एक गिरिफ्तारी नहीं हुई है। थाना लालगंज के बेलहटा गांव व थाना शिवगढ़ के पड़ौरा में गांव में खूनी संघर्ष न होता, लेकिन पुलिस तो सिर्फ पैसे ढूँढने में व्यस्त रहती है। थाना खीरों में मिश्रीलाल जाटव की पत्नी मायादेवी खेत से जानवर चराकर लौट रही थी तो सामंती व दबंगों ने उसकी हत्या कर दी, बचाने दौड़े मिश्रीलाल व उनकी बेटी आराधना को भी गम्भीर चोटें आयीं, अभी तक तीन अभियुक्त फरार हैं। जिले में अज्ञात लाशे भी मिल रही हैं, जो पुलिस की अकर्मण्यता का परिणाम है। चोरी, मारपीट, बलात्कार जैसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। थाना डीह की पुलिस ने तो पैसे कमाने के लिए सारे रिकार्ड तोड़ दिए और उस लाइन को चरित्रार्थ कर दिया ‘‘कल दरोगा ने कहा थाने में ये दीवान से, आ गया कल्लन का पैसा छोड़ दो सम्मान से, शुक्र कल्लन ने कहा भला हो रिश्वत का वरना मार देते जान से। दलित ओम प्रकाश पुत्र स्व0 श्याम लाल निवासी सिद्धौर, शंकरपुर, थाना जगतपुर, जिला रायबरेली के विरूद्ध थाना डीह में न तो कोई प्रार्थना-पत्र है और न ही कोई रिपोर्ट दर्ज है। इसके बावजूद किसी को उपकृत करने के लिए प्रभारी निरीक्षक के चहेते सिपाही नागेन्द्र चौरसिया ने 21.06.2025 को उसे लुधियाना पंजाब से पकड़ लाये और उसकी जबरदस्त पिटाई की, उसी खाल निकाल कान का पर्दा फट गया, जिसका एम्स में इलाज चल रहा है। कप्तान साहब लाख कोशिशों के बावजूद थाना प्रभारियों द्वारा की जा रही लूट खसोट, अपराधियों को संरक्षण व निर्दोषों के उत्पीड़न पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं, लेकिन जवाबदेही तो उन्हीं की है। गुलशन में जब किसी गुल का कत्लेआम होता है, शबब कुछ भी हो बागवां बदनाम होता है। श्री यादव ने कप्तान साहब से थाना प्रभारियों की कार्यशैली में सुधार किये जाने की मांग की है।
