मथुरा के इस्कान मंदिर में विदेशी श्रद्धालु ने किया डांस:जन्मस्थान के बाहर भारी भीड़; कृष्ण भजन गाते-गाते रोने लगीं गायिका स्वाति मिश्रा

मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम है। जन्मस्थान के बाहर भारी भीड़ लगी है। देशभर से लोग यहां आए हैं। वहीं, वृंदावन में 10 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे हैं। यहां के इस्कान मंदिर में काफी भीड़ है। बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी पहुंचे हैं। कई विदेशी श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन होकर डांस कर रहे हैं। वहीं, कृष्ण भजन गाते-गाते गायिका स्वाति मिश्रा भावुक हो गईं और रोने लगीं। इससे पहले सुबह 5.30 बजे शहनाई और नगाड़ों की ध्वनि के बीच ठाकुरजी की मंगला आरती हुई। फिर पंचामृत से अभिषेक किया गया। सुबह 9 बजे मंदिर के भागवत भवन में पुष्पांजलि कार्यक्रम हुआ। इसके बाद ठाकुरजी के दर्शन शुरू हो गए। सीएम योगी मथुरा पहुंचे। उन्होंने कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कान्हा बने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा और खीर खिलाई। उन्हें तिलक लगाया और मोती की माला पहनाई। बच्चों को खिलौने भी दिए। सीएम ने कहा- पौराणिक विरासत को बचाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। दुष्प्रवृत्तियां देश को कमजोर करना चाहती हैं। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटना चाहती हैं। हमें संरक्षण के लिए अपने आप को समर्पित करना होगा। ​​​​​यह 8 सालों में उनका 38वां दौरा है। देखें 2 तस्वीरें इधर, गर्भगृह को कारागार की तरह सजाया गया है। इसमें 221 किलो चांदी लगाई गई है। इसके अलावा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर सजाया गया है। जिस फूल बंगले में ठाकुरजी विराजेंगे, उसे सिंदूरी रंग के फूलों से सजाया गया है। ये फूल कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए हैं। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा में श्रीकृष्ण ठाकुरजी के लिए उपहार भेजे गए हैं। इनमें टॉफी, चॉकलेट और लड्डू शामिल हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया- कान्हा की पोशाक को मथुरा के कारीगरों ने 6 महीने में तैयार किया है। इसमें सोने-चांदी के तारों का इस्तेमाल किया गया है। कपड़े में इंद्रधनुष के 7 रंगों को शामिल किया गया है।
रात 1.30 बजे से लेकर 2 बजे तक दर्शन देंगे ठाकुरजी
बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी के जन्म की सभी प्रक्रियाएं रात 12 बजे शुरू होंगी। ठाकुरजी का दूध, दही, घी, शहद, इत्र और यमुना के जल से अभिषेक होगा। यह प्रक्रिया गर्भगृह में परदे की आड़ में होगी। इसके बाद ठाकुरजी को पीतांबर वस्त्र पहनाए जाएंगे, फिर आभूषण पहनाए जाएंगे। रात 1:30 बजे से लेकर 2 बजे तक ठाकुरजी जगमोहन दर्शन देंगे। 16 अगस्त को पूरी रात दर्शन हो सकेंगे। 16 अगस्त की रात को होने वाली विशेष मंगला आरती में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। 2022 में हुए हादसे के बाद से मंदिर परिसर में सिर्फ 500 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश मिल सकेगा। तस्वीरें देखिए… मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर क्या-कुछ हो रहा है, पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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