बरेली में ‘I Love मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर शुक्रवार को बवाल हुआ। IMC अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर पहुंची भीड़ ने पथराव किया। इनमें कई घायल हुए। पुलिस ने 5 थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए। इनमें 7 में बवाल का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा है। मौलाना तौकीर रजा को शनिवार को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सात अन्य लोग भी अरेस्ट हुए हैं। वहीं, 39 लोगों को हिरासत में लिया है। इससे पहले मौलाना तौकीर पर 2010 में बरेली में दंगे करवाने का आरोप भी है, जिसका मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। आखिर मौलाना तौकीर रजा कौन हैं? विवादों से उनका क्या नाता है? आगे जानते हैं- मौलाना तौकीर बवाल के मुख्य आरोपी क्यों? ‘I Love Muhammad’ विवाद के बीच 19 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने जुमे की नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया। कहा कि हर हाल में धरना होगा। इसी बीच 25 सितंबर की रात लगभग 12 बजे IMC के लेटरपैड पर लिखित दिया गया कि शुक्रवार को मौलाना के प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित है। इसके लगभग दो घंटे बाद IMC नेता नदीम ने अचानक वॉट्सऐप ग्रुप पर मैसेज किया कि प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित करने वाला लेटरपैड फर्जी है। इससे बात बिगड़ गई। फिर 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया। दरगाह आला हजरत परिवार से हैं तौकीर रजा
सुन्नी मुसलमानों के बरेलवी मसलक से ताल्लुक रखने वाले मौलाना तौकीर रजा खां आला हजरत खानदान से हैं। वह आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां उर्फ सुब्हानी मियां के सगे भाई हैं। इनके भतीजे मुफ्ती अहसन रजा खां दरगाह के सज्जादानशीन हैं। तौकीर राजनीति में भी आ चुके हैं। इनके पिता हजरत रेहान खां कांग्रेस से MLC रहे हैं। 2 मार्च 2010 के दंगे में मास्टरमाइंड
बरेली में 2 मार्च 2010 को जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान बवाल हुआ था, जिसके बाद आगजनी हुई। दंगाइयों ने दुकानों के साथ कोहाड़ापीर पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। हिंसा में तत्कालीन CO आंवला पीएस पांडेय, SO भमोरा राजेश तिवारी, कॉन्स्टेबल राहुल और ब्रजेश समेत कई लोग घायल हुए थे। इसमें पुलिस की तरफ से IMC के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा समेत 300 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बरेली में 27 दिन तक कर्फ्यू लगा था। इन्हीं दंगों पर कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और 5 मार्च 2024 को तौकीर रजा को दंगों का मास्टरमाइंड माना। साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी कि तत्कालीन SSP, DIG, IG, कमिश्नर और DM ने विधिक रूप से कार्य न करके सत्ता के इशारे पर कार्य किया। अधिकारियों ने 2010 के दंगे के आरोपी और मुख्य मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खां का सहयोग किया। कोर्ट ने इसको आधार मानते हुए मौलाना तौकीर को समन जारी किया। हाईकोर्ट में पेश नहीं होने पर सालभर पहले उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था। तौकीर रजा के 7 बड़े बयान बरेली में जुमे की नमाज के बाद बवाल कैसे शुरू हुआ, जानिए 26 सितंबर की दोपहर 2 बजे सबसे पहले आला हजरत मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी गई। इसके बाद नौमहला मस्जिद में नमाज शुरू हुई, जो 3 बजे तक चली। कुछ लोग नमाज पढ़ने के बाद घर चले गए। लेकिन, कुछ शरारती लोग जैसे ही नमाज खत्म हुई, हाथों में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर लेकर बाहर निकले। भीड़ नारेबाजी करते हुए इस्लामिया ग्राउंड की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने रोका तो पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिसवालों ने लाठीचार्ज किया। इस्लामिया ग्राउंड के पास में ही आला हजरत मस्जिद और नौमहला मस्जिद है। आला हजरत मस्जिद की दूरी महज 200 मीटर है। जबकि नौमहला मस्जिद करीब 500 मीटर की दूरी पर है। इसी वजह से भीड़ इकट्ठी होती चली गई। आला हजरत मस्जिद से शुरू हुआ विवाद नौमहला मस्जिद तक पहुंचा। भीड़ हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी कर रही थी
इसके बाद बारादरी थाना क्षेत्र के श्यामगंज मार्केट में भी भीड़ हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करती हुई पुलिस पर पथराव करने लगी। इसके बाद मौके पर मौजूद SSP अनुराग आर्य ने बवालियों पर लाठीचार्ज करने का आदेश दिया। फिर पूरा बाजार बंद हो गया। इसके बाद कोतवाली के सामने नॉवेल्टी चौराहे पर भी पोस्टर लेकर लोग पहुंचे और पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसी बीच महादेव सेतु और जिला अस्पताल रोड से सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में पत्थर लेकर आए और पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने पत्थरबाजों पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद लोग दुकानों और घरों से छिप-छिपकर पुलिस पर पथराव करने लगे। पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान पूरी सड़क पर चप्पलों और ईंट-पत्थर बिछ गए। ——————— बरेली बवाल से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ये खबर भी पढ़िए- बरेली बवाल पर योगी बोले-मौलाना भूल गया किसका शासन है: ऐसा सबक सिखाएंगे, तुम्हारी पीढ़ियां दंगे करना भूल जाएंगी UP के बरेली में जुमे पर ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर बवाल हुआ। शनिवार को CM योगी ने लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा- मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वो मानता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा कि जाम नहीं होगा। कर्फ्यू भी नहीं लगने देंगे। ऐसा सबक सिखाएंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर…
