बरेली में फिर 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद:जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन की आशंका, बवाल के बाद 60 घंटे ठप रहा था

बरेली में बवाल के 6 दिन बाद दोबारा इंटरनेट बंद कर दिया गया। अब 48 घंटे बाद इंटरनेट सेवाएं शुरू की जाएंगी। 2 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे से बंद हुआ नेट अब 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे शुरू होगा। इससे पहले 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद 60 घंटे तक इंटरनेट बंद रखा गया था। लखनऊ से गृह सचिव गौरव दयाल ने यह आदेश जारी किया। बरेली के अफसरों की मानें, तो खुफिया इनपुट हैं कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन होने की आशंका है। माना जा रहा है, अराजक तत्व महिलाओं और बच्चों को आगे करके माहौल खराब कर सकते हैं। हालांकि, जो आदेश लखनऊ से जारी हुआ, उसमें नेट बंद करने को लेकर कोई स्पष्ट कारण नहीं लिखा गया। मौलाना बोले- भीड़ का हिस्सा न बनें, नमाज के बाद घर जाएं
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- पिछले जुमे पर बहुत अफसोसनाक घटना हुई। कल फिर जुमे की नमाज अदा की जाएगी। मैं सभी मुसलमानों से अपील कर रहा हूं कि जुमे की नमाज पढ़कर सीधे अपने घरों को लौट जाएं। चौराहों पर भीड़ का हिस्सा न बनें। अगर कोई व्यक्ति धरना-प्रदर्शन के लिए या इकट्ठा होने के लिए बुलाता है, तो नहीं जाएं। कुछ मस्जिद के इमाम राजनीति का हिस्सा बन जाते हैं…
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- कुछ मस्जिद के इमाम राजनीति का हिस्सा बन जाते हैं। लेकिन, अब उनको सोचना होगा। ऐसे राजनीतिक लोगों से अपने रिश्ते-नाते खत्म करने होंगे। मेरी इमामों से गुजारिश है कि बरेली के सियासी हालात को देखते हुए अपनी-अपनी मस्जिदों में अमन और शांति बनाए रखने की अपील करें। नौजवानों को समझाएं कि किसी के बहकावे या भड़काने में न आएं। मौलाना ने कहा- पैगंबर-ए-इस्लाम से मोहब्बत करना, उनकी शिक्षा पर अमल करना बेहद जरूरी है। पोस्टर-बैनर तो सिर्फ एक दिखावा है, इसको मोहब्बत नहीं कहा जा सकता। पैगंबर-ए-इस्लाम ने टकराव की पॉलिसी कभी भी नहीं अपनाई। अपने विरोधियों से हमेशा समझौता किया और बातचीत से मसले को हल किया। अब बरेली बवाल की साजिश जानिए बवाल से पहले मस्जिदों से हुआ था ऐलान
वहीं, बरेली बवाल में बड़ी साजिश निकलकर सामने आई है। साजिश के मुख्य किरदार इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, 26 सितंबर को जुमे की नमाज से पहले एक ऐलान हुआ था। इसमें बरेली की सभी मस्जिदों में नमाज 1 बजे अदा करने के लिए कहा गया। अमूमन मस्जिदों में 12 से 2.20 बजे के बीच नमाज होती थी। उस दिन अलग-अलग मस्जिदों में जो 10 हजार लोग इकट्ठा हुए। उन्हें नौमहला मस्जिद पहुंचने के लिए कहा गया था। कहा गया कि सरकार ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने पर भी मुकदमे लिख रही। मस्जिद में मौलाना तौकीर रजा खुद मौजूद रहने वाले थे। आखिरकार लोग वहां पहुंच गए। पुलिस ने तेजी से बैरिकेडिंग की। लेकिन, नारेबाजी करते हुए लोग नौमहला मस्जिद जाने पर अड़ गए। पुलिस लोगों से घर जाने की अपील कर रही थी। भीड़ ने शोर-शराबा, नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जिस वक्त बवाल हुआ, मौलाना तौकीर रजा को हाउस अरेस्ट थे। बवाल के बाद रात 12 बजे तौकीर रजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मौलाना के खिलाफ 2 बड़े आरोप थे- 1. बरेली बवाल की प्लानिंग की। 2. भीड़ को भड़काया। इसके बाद बरेली की लोकल पॉलिटिकल पार्टी IMC के नेताओं और पदाधिकारियों की अरेस्टिंग का सिलसिला शुरू हुआ। 60 घंटे के अंदर IMC पार्टी के 10 पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी प्रमुख पदाधिकारी अब जेल में हैं। बरेली बवाल के 6 दिन में कुल 10 FIR दर्ज की गईं। 2500 उपद्रवियों में 200 नामजद किए गए। अब तक उपद्रव करने वाले 81 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इस बवाल के बाद दैनिक भास्कर ने जांच कर रहे अलग-अलग अधिकारियों से बात की। समझ आया कि पुलिस जांच के केंद्र में IMC पार्टी के नेता हैं। पढ़िए रिपोर्ट… अब बरेली बवाल के मुख्य किरदारों को जानिए बरेली बवाल में तौकीर के खिलाफ 7 FIR दर्ज हैं। पुलिस ने तौकीर को बरेली बवाल का मास्टरमाइंड बताया है। तौकीर ने 19 सितंबर (जुमा) को नमाज के बाद तकरीर दी। यूपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा- भारत में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की आबादी से ज्यादा मुसलमान हैं। अगर ये मुसलमान सड़कों पर आ गए, तो सोचिए इस देश का क्या हाल होगा। भारत के मुसलमानों में नेपाल से ज्यादा सरकार के प्रति आक्रोश है। तौकीर ने 26 सितंबर को सभी लोगों को इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने के लिए कहा। यह भी कहा कि अगर पुलिस हमारे लोगों को रोकती है, तो इसका अंजाम बुरा होगा। 26 सितंबर को जो लोग भीड़ में देखे गए, उनके पास पत्थर, पेट्रोल बम और अवैध तमंचे थे। IMC के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खान पेशे से एक झोलाछाप डॉक्टर है। उसने कुछ दिनों पहले आई लव मोहम्मद के पोस्टर उतारने आई पुलिस के साथ गाली-गलौज की थी। नफीस ने इंस्पेक्टर किला से कहा था- तेरे हाथ काट लूंगा और वर्दी उतरवा दूंगा। फिर बवाल वाले दिन से पहले नफीस वॉट्सऐप के जरिए लोगों को भड़काता रहा। नफीस ने 2010 दंगे में कोहाड़ापीर पुलिस चौकी फूंकी थी। प्रेमनगर थाने में दर्ज FIR में नफीस उस वक्त मुख्य आरोपी था। पुलिस ने अनीस सकलैनी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। बारादरी थाने में उसके खिलाफ बरेली में बवाल करवाने के 2 मुकदमे दर्ज हैं। अनीस IMC का महानगर अध्यक्ष है, साथ ही पार्षद भी है। पार्षद होने की वजह से उसकी अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। उसने पुराने शहर से बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा किया और फिर इस्लामिया ग्राउंड के लिए नारेबाजी करते हुए कूच करने के लिए कहा। पुलिस ने श्यामगंज चौराहे पर जब भीड़ को आगे जाने से रोका तो अनीस और उसके साथ आई भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके। इतना ही नहीं, उसने पुलिसकर्मियों पर गोली भी चलाई। शमशाद ने 26 सितंबर को बरेली में मौजूद रहकर मौलाना तौकीर रज़ा, नदीम और नफीस के साथ दंगे की योजना बनाकर आपराधिक षड्यंत्र किया। वो लगातार मौलाना तौकीर रज़ा से वॉट्सऐप कॉलिंग करके टच में बना रहा। साजिद सकलैनी पर आरोप है कि 26 सितंबर को वह अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के रोकने पर ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाए और फिर पुलिस पर हमला कर दिया गया। श्यामगंज चौराहे पर पुलिस के ऊपर फायरिंग की गई। उसके खिलाफ बारादरी थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। अब आपको IMC पार्टी के कुछ और नेताओं के बारे में बताते हैं, जिन्हें पुलिस ने अरेस्ट करके जेल भेजा है। सभी के खिलाफ बवाल भड़काने की साजिश करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस IMC पार्टी के कई और नेताओं को ढूंढ रही है। उनके घरों पर दबिश दी जा रही है। इन फरार चल रहे आरोपियों में IMC की यूथ विंग का अध्यक्ष अल्तमश, मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीस, पूर्व महानगर उपाध्यक्ष वसीन तहसीनी, जिला सचिव मोहसिन अख्तर, मुस्तफा नूरी, कामरान की अरेस्टिंग के लिए 8 पुलिस टीमें लगी हुई हैं। अब बवाल कैसे भड़का, ये 4 स्टेप में समझिए… तौकीर रजा को फंडिंग कहां से मिल रही, बैंक अकाउंट देखे जा रहे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बरेली बवाल के लिए यूपी के अलग-अलग जिलों से उपद्रवी बुलाए गए। इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर से भी लोग बरेली बुलाए गए। ऐसे 2000 लोग चिह्नित किए जा रहे हैं। इनके खाने-पीने और ठहरने का इंतजाम मौलाना तौकीर रजा की ओर से किया गया था। सभी को मस्जिदों में ठहराया गया। उनके खर्च उठाने के लिए फंडिंग कहां से हुई? ये जानने के लिए एजेंसियों IMC पार्टी के जुड़े सभी लोगों के बैंक अकाउंट की डिटेल जांच रही है। साथ ही, पुलिस 72 घंटे पहले तक के फुटेज चेक कर रही है, ताकि बरेली में बवाल करने वाले आरोपियों तक पहुंचा जा सके। बाजार बंद रहे, 60 घंटे नेट पर पाबंदी रही
धीरे-धीरे बवाल की आग शहर के 5 थाना क्षेत्रों में पहुंच गई। पुलिस एक तरफ मोर्चा संभालती तो दूसरी तरफ उपद्रवी पुलिस पर पथराव कर देते। करीब 4 घंटे तक पूरे शहर में दहशत फैली रही। कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी, किला और कैंट थाने में 10 मुकदमे दर्ज किए गए। बवाल की वजह से पूरे शहर का मार्केट बंद हो गया। बरेली के खलिल तिराहे, नौमहला मस्जिद, नावल्टी चौराहा, कोतवाली थाना, महादेव सेतु, जिला अस्पताल रोड, आजमनगर, रोडवेज बस स्टैंड, श्यामगंज चौराहा, सैलानी, किला, नकटिया, आलमगीरी गंज, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, शास्त्री मार्केट, मनिहारों की गली, कटरा मानराय, रोडवेज मार्केट बंद रहा। 60 घंटे तक इंटरनेट को भी बंद रखना पड़ा। ………………. ये पढ़ें : बरेली बवाल के 2 और आरोपियों का एनकाउंटर, पैर में गोली मारी, इमरान मसूद हाउस अरेस्ट; पुलिस ने VIDEO जारी किए बरेली बवाल को लेकर पुलिस एक्शन मोड में है। बुधवार को दो और आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। पुलिस ने पैर में गोली मारकर इदरीश और इकबाल को गिरफ्तार किया। उनके पास से पुलिस से लूटी गई सरकारी एंटी रायट गन, अवैध तमंचे, कारतूस, दो मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पढ़िए पूरी खबर…

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