लखनऊ, काशी, अयोध्या, मेरठ और मिर्जापुर कोर्ट को शुक्रवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली। सभी जगहों पर धमकी का ईमेल सरकारी मेल पर आया। इसका पता लगते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पांचों कोर्ट परिसर को पुलिस ने खाली करा दिया। काशी में 3 हजार से अधिक वकील और 5 हजार वादकारियों ने आनन-फानन में कोर्ट छोड़ दिया। जिला जज भी कैंपस से बाहर आ गए। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमों ने कोर्ट के एक-एक कोने की जांच की। लेकिन कहीं भी कुछ नहीं मिला। एटीएस (ATS), बीडीएस (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वाड ने कोर्ट के चप्पे-चप्पे की दो बार तलाशी ली। इसके बाद एनएसजी के कमांडो भी बुलाए गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि धमकी भरे ज्यादातर मेल का पैटर्न एक जैसा है। हालांकि, मेल किसने भेजा और कहां से आया, इसका पता नहीं चल पाया है। सभी कोर्ट को उड़ाने की धमकी के मेल एक साथ मेल क्यों भेजे गए। क्या इसके पीछे कोई साजिश है। साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां भी इसके पीछे की वजह जानने में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले पर लखनऊ के बड़े अफसर नजर बनाए हुए हैं। वाराणसी कोर्ट में 23 नवंबर 2007 को बम विस्फोट हुआ था। इसमें 3 वकीलों समेत 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 50 लोग घायल हुए थे। यही वजह है कि धमकी को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है। इसलिए बम और डॉग स्क्वॉड के साथ ATS, STF और NSG को भी बुलाया गया। तस्वीरें देखिए… बम धमकी से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
