लखनऊ हत्याकांड- मैनेजर पत्नी ने डेढ़ करोड़ मांगे थे:ननद के साथ नहीं रहना चाहती थी, SBI अफसर ने 30 मिनट में पूरा परिवार खत्म किया

लखनऊ हत्याकांड… 2 दिन रेकी, 30 मिनट में 2 हत्याएं और सुसाइड। पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात की 2 वजह सामने आई हैं। पहली- बैंक मैनेजर दिव्या मिश्रा ने तलाक के लिए SBI अफसर पति मानस बाजपेयी से डेढ़ करोड़ रुपए गुजारा-भत्ता (एलिमनी) मांग रही थी। दूसरी- दिव्या, मानस की मानसिक बीमार बहन शीबा के साथ नहीं रहना चाहती थी। 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में तलाक मामले में सुनवाई थी। इस दौरान मानस और दिव्या के बीच एलिमनी को लेकर विवाद हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसके बाद मानस इतना परेशान हो गया कि उसने पत्नी और बहन की हत्या करके सुसाइड करने की प्लानिंग कर डाली। उसने 3 पिस्तौल खरीदी और 2 दिन तक पत्नी की रेकी की। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मानस ऑटो से सीधे पत्नी दिव्या के ICICI बैंक पहुंचा। दिव्या को फोन करके बाहर बुलाया। दोनों के बीच पहले विवाद और मारपीट हुई, फिर मानस ने दिव्या के चेहरे पर सटाकर दो गोली मार दी। पूरी घटना बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। इसके बाद वह ऑटो से ही मौके से भाग गया। पसीने से तरबतर होकर 2 किमी दूर अपने घर पहुंचा। कमरे का दरवाजा बंद किया। टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी। इसके बाद बहन शीबा के सिर में गोली मार दी। फिर खुद की कनपटी में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। मानस की पत्नी दिव्या, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। प्रज्ञा ने आरोप लगाए हैं कि उनका जीजा मानस साइको था। इसलिए वह उससे दूर रहती थी। मानस और दिव्या ने 9 साल पहले लव-मैरिज की थी। प्यार, नफरत में इस कदर बदला कि मानस ने पूरा परिवार ही खत्म कर दिया। पूरी कहानी पढ़िए… हत्या से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए… 9 साल पहले लव मैरिज, 1 साल पहले पत्नी ने घर छोड़ा परिजन के मुताबिक, मानस और दिव्या ने 2017 में लव मैरिज की थी। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के रिश्ते ठीक रहे। बाद में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई और दोनों अलग रहने लगे। 2018 में मानस की मां को कैंसर हुआ तो दिव्या दोबारा उसके साथ रहने लगीं। इसी दौरान मानस की बहन को साथ रखने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। 2019 में मानस की मां की मौत के बाद दिव्या फिर अलग हो गईं। कुछ समय बाद दोनों के बीच बातचीत हुई और वे दोबारा साथ रहने लगे। 2025 में बहन को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद बढ़ गया। दिव्या का कहना था कि वह मानस की बहन के साथ नहीं रहेगी। मानस इसके लिए तैयार नहीं था। इसके बाद नवंबर 2025 में दिव्या ने पूरी तरह घर छोड़ दिया। मानस ने रिश्ता बचाने की कोशिश की और कई बार दिव्या से बातचीत की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद मामला लखनऊ फैमिली कोर्ट पहुंच गया। जनवरी 2026 में दिव्या ने फैमिली कोर्ट में मुकदमा दायर किया और तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई। 3 हथियार खरीदे, पत्नी की रेकी शुरू की मानस के एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि वह करीब 3 महीने से बैंक के ऑडिट के काम से शहर से बाहर था। लौटने के बाद उसे 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में होने वाली सुनवाई की जानकारी मिली। वह कोर्ट पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, यहीं उसे करीब डेढ़ करोड़ रुपए की एलिमनी की मांग के बारे में पता चला। इसके बाद वह तनाव में आ गया। पुलिस की जांच के मुताबिक 18 अगस्त की सुनवाई के बाद मानस ने पत्नी और बहन की हत्या कर खुदकुशी करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने 2 दिन में 3 हथियारों का इंतजाम किया। इनमें दो 9 एमएम पिस्टल और एक तमंचा बताया जा रहा है। पुलिस ने तीनों हथियार बरामद कर लिए हैं। तीनों लोडेड थे। हालांकि, मानस ने ये हथियार कहां से और किससे खरीदे, इसकी जांच की जा रही है। पत्नी को इशारे से बुलाया, पहले पीटा फिर गोली मारी दिव्या के ममेरे भाई मयंक दीक्षित ने बताया कि 20 अगस्त को दिव्या बैंक के काम से बाहर गई थीं। काम खत्म करने के बाद जब वह दोपहर में कार से ऑफिस पहुंचीं तो मानस वहां पहले से मौजूद था। उसने दिव्या को इशारा करके बुलाया और कहा कि कुछ बात करनी है। दिव्या उसके पास पहुंची तो मानस ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बैंक के गार्ड और कर्मचारी उन्हें बचाने के लिए दौड़े। इसी दौरान मानस ने दिव्या के माथे में गोली मार दी। गोली लगते ही दिव्या सड़क पर गिर गईं। इसके बाद मानस वहां से भाग निकला। सुसाइड से पहले स्टेटस लगाया- पत्नी ने मुझे धोखा दिया पुलिस के मुताबिक, पत्नी की हत्या के बाद मानस ने वॉट्सएप स्टेटस लगाया। इसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया और खुद व अपनी बहन को मारने की बात लिखी। स्टेटस में उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा और उनके पति भरत यादव का भी जिक्र किया। दिव्या के भाई मयंक दीक्षित का कहना है कि प्रज्ञा और भरत को ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि मानस का व्यवहार कुछ समय से सामान्य नहीं था। पुलिस अब स्टेटस में किए गए दावों की भी जांच कर रही है। दिव्या मायके में, मानस बहन के साथ किराए के मकान में रहता था मानस से अलग होने के बाद दिव्या आलमबाग के श्रंगार नगर स्थित अपने मायके में रहने लगी थीं। कुछ समय पहले उन्होंने पारा के बुद्धेश्वर में अपना मकान बनवाया था। फिलहाल वह इसी घर में माता-पिता के साथ रह रही थीं। दिव्या के पिता सरकारी नौकरी से रिटायर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। मानस हुसड़िया चौराहे के पास बहन शीबा बाजपेयी (28) के साथ किराए के मकान में रहता था। वह SBI की इंजीनियरिंग कॉलेज ब्रांच में फील्ड ऑफिसर था। मानस के पिता भी बैंककर्मी थे। करीब 6 साल पहले उनकी मौत हो गई थी। मां की भी मौत हो चुकी है। प्रज्ञा बोलीं- मानस ने अपनी मां की भी हत्या की थी यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने X पर लिखा- मेरी बहन ने मुझे बताया था कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर बीमार मां को इतना पीटा था कि उनका निधन हो गया था। हत्यारे ने पहले भी दिव्या का पीछा किया था। स्ट्रेस की वजह से कुछ दिन पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। उसका हाथ और पैर टूट गया था। डेढ़-दो महीने बाद उसने ऑफिस जाना शुरू किया था। वह अब भी लंगड़ाकर ही चलती थी। जब घर से निकली थी तो लंगड़ा रही थी। दिव्या ने कितनी प्रताड़ना झेली है, उसे जानने वाला हर कोई जानता है। ‘हत्यारा मेरी बहन के साथ क्रूरता करता था’ प्रज्ञा ने कहा कि बहन ने बताया था कि शादी की सुहागरात पर हत्यारे ने घर के खर्चों की एक लिस्ट बनाई थी। आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। मेरी बहन ने मान लिया था। हत्यारा मेरी बहन के साथ क्रूरता करता था। ब्लिंकिट से मंगाए गए टमाटर में अगर कोई टमाटर खराब निकल जाता था तो वह उसे यह कहकर पीटता था कि तूने कैसे ब्लिंकिट किया कि टमाटर खराब निकला। दिव्या ने पिछले एक साल से अपने हिस्से का खर्च उठाना बंद कर दिया था। साइको हत्यारे की नजर में ये चीटिंग हो सकती है। दिव्या सिर्फ हत्यारे से अलग होना चाहती थी। मेरी बहन ने मुझे बताया था कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर के साथ भी हत्यारे की झड़प हुई थी। ‘बहन चाहती थी सब ठीक हो जाए, साइको सुधर जाए’ प्रज्ञा ने कहा कि हां, मुझे पता था कि हत्यारा मेरी बहन के साथ क्रूरता करता था, इसलिए वह उससे अलग होना चाहती थी। मेरी बहन ने बताया था कि उसका पति साइको था, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। मुझे वो चीजें पता थीं, जो मेरी बहन ने मुझे बताई थीं। इतना सब होने के बाद भी वह तीज का व्रत रखने वाली थी। हाथ में हत्यारे मानस का टैटू नहीं हटवाया था। भीतर ही भीतर वह चाहती थी कि सब ठीक हो जाए, साइको सुधर जाए। मम्मी को दिव्या की हत्या की बात बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। दिव्या की हालत क्रिटिकल है, ये झूठ बताकर उन्हें बगल में सुला दिया है। पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है। वह पोस्टमॉर्टम हाउस के फ्रीजर में है। ये सच मैं नहीं कह पाई। ———————— ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ- SBI अफसर ने बैंक मैनेजर पत्नी की हत्या की : लिखा- धोखा दिया; बहन को मारकर खुदकुशी की, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा बोलीं- जीजा साइको था लखनऊ में SBI के फील्ड ऑफिसर ने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी और अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर जान दे दी। पूरी वारदात को उसने प्लानिंग करके अंजाम दिया। (पूरी खबर पढ़िए)

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