अपर्णा यादव बोलीं- कलंकित करने वाली रात:विपक्ष का चेहरा दिखावटी, नारी शक्ति इनको कुचल देगी; लखनऊ में सपा-कांग्रेस का झंडा जलाया

लखनऊ में भाजपा नेता और यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल गिरने को लेकर आयोग के पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ बीच सड़क पर सपा और कांग्रेस का झंडा जलाया। नारेबाजी की। अपर्णा ने कहा- सुबह हम लोग जश्न मनाने वाले थे। लेकिन, आज की रात काली साबित हुई। ये लोग दुर्योधन और दुःशासन जैसे हैं। इसलिए इनका झंडा जल रहे हैं। यह विरोध हम लोग इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि नारी शक्ति अधिनियम का बिल पास नहीं हुआ। अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। उन्होंने कहा- विपक्ष ने कहा है कि यह बिल दिखावटी है तो हम उन्हें जवाब देते हैं कि उन सभी लोगों का चेहरा भी दिखावटी है। सारे विपक्षी यही काम करते आए हैं। वो कभी नहीं चाहते कि आम घर की बेटी और बहू निकलकर आए और सदन तक पहुंचे। वह सिर्फ अपने परिवार को प्रमोट करना चाहते हैं। नारी शक्ति इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। 2 तस्वीरें- विपक्ष का कुरूपी चेहरा उजागर हुआ अपर्णा ने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता तो सुबह जश्न होता। इसे लेकर अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए हम प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जा रहे थे। हमें पूरा विश्वास था कि बिज जरूर पास होगा। प्रधानमंत्री को हम बार-बार धन्यवाद देते हैं कि विपक्ष के कुरूपी चेहरे को उजागर किया। उन्होंने कहा- नारी शक्ति अधिनियम को पास करवाने के लिए पीएम ने बहुत प्रयास किया था। लेकिन, आज जो कुछ हुआ है, वह ठीक नहीं है। यह कलंकित कर देने वाली रात है। हमारे यहां जहां भारत माता की जय का नारा लगाया जाता है। नारी शक्ति इन्हें माफ नहीं करेंगी। इन्हें कुचल देगी। सपा ऑफिस के सामने महिलाओं ने किया था प्रदर्शन समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी रात 10 बजे के करीब महिलाओं प्रदर्शन किया। महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास नहीं होने से नाराज होकर अखिलेश यादव-राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगाए। यूपी महिला आयोग की सदस्य ने कहा- बिल पास नहीं होने से महिलाओं का सपना टूट गया। इसके लिए अखिलेश जिम्मेदार हैं। वहीं, अखिलेश यादव ने X पर लिखा- BJP को कम से कम 12 महिलाएं तो प्रदर्शन में भेजनी चाहिए थीं। दो-तिहाई बहुमत से पास होना था बिल दरअसल, महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। अपर्णा यादव के बारे में जानिए- —————————— संबंधित खबर भी पढ़िए- महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा : पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। (पूरी खबर पढ़िए)

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