नोएडा में श्रमिकों के हिंसक आंदोलन का मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद पांच साल से इसकी तैयारी में जुटा था। उसने फेसबुक पर ‘मजदूर बिगुल’ के बारे में पढ़ा। 2022 में उससे जुड़ गया। वह मजदूर बिगुल के संपादक अनुभव सिन्हा के संपर्क में आया, नोएडा की फैक्ट्रियों में हो रही घटनाओं की रिपोर्टिंग करने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात मजदूर संगठन के प्रमुख रुपेश राय से हुई। रुपेश भी आदित्य के साथ रिपोर्टिंग पर जाने लगा। दोनों ने नोएडा की इंडस्ट्री का पूरा डेटा बनाया। क्या स्थित है, क्या किया जा सकता है? इसी डेटा के साथ 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच नोएडा के सेक्टर-37 अरुण विहार के एक कमरे में पांच संगठन मजदूर बिगुल, दिशा संगठन, आरडब्लूपीआई, नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति के लोग इकट्ठा हुए। सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य ने वॉट्सएप से जुटाई भीड़ अपर पुलिस अधीक्षक (STF) राजकुमार मिश्रा ने बताया- तीन दिन तक आदित्य आनंद के घर पर प्लानिंग की गई। नोएडा की इंडस्ट्री और मजदूरों को किस तरह से हिंसक बनाया जाए, इसकी तैयारी की गई। श्रमिक आंदोलन की आड़ में हिंसा, आगजनी व सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुंचाने की योजना बनाई गई। योजना बनाने के बाद इन लोगों ने 9 से 10 अप्रैल के बीच वाट्सएप ग्रुप बनाए। आदित्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इसलिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया। तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से STF ने दबोचा आदित्य के खिलाफ गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ। उस पर एक लाख का इनाम था। जानकारी मिलते ही वो नोएडा से सीधे चेन्नई पहुंचा। इधर, पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही थी। सर्विलांस की मदद ले रही थी। इस बीच पह चेन्नई से होते हुए तिरुचिरापल्ली जा रहा था। लेकिन, STF को भनक लग गई। एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने उसे स्टेशन से ही गिरफ्तार कर लिया। आदित्य आनंद के बारे में जानिए- अब जानिए नोएडा हिंसा में कब क्या और कैसे हुआ… —————- ये खबर भी पढ़ें… नोएडा हिंसा का मुख्य आरोपी पकड़ा गया:NIT से बीटेक किया, 6 दिन से तमिलनाडु में छिपा था एक लाख का इनामी नोएडा में श्रमिक आंदोलन भड़काने के मामले में फरार आदित्य आनंद को UP एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया। नोएडा पुलिस की 6 टीमें उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थीं। आदित्य आनंद ने ही रूपेश राय और मनीषा के साथ मिलकर श्रमिकों को उकसाया था। इन तीनों ने मिलकर 9 और 10 अप्रैल को कई सारे वॉट्सएप ग्रुप बनाए थे। पढ़ें पूरी खबर
