त्रिपुरारपुर में कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान
पुरवा (उन्नाव)। सरकार जहां करोड़ों रुपये खर्च कर गांवों को स्वच्छ और विकसित बनाने का दावा कर रही है, वहीं पुरवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत त्रिपुरारपुर के मजरा रम्मा खेड़ा में ये दावे पहली ही बारिश में धराशायी होते नजर आए। गांव की गलियां कीचड़ और गंदे पानी से लबालब हैं, जबकि स्वच्छता मिशन केवल कागजों तक सिमटकर रह गया है।बारिश के बाद नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी का अंबार लगा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल उलटी है। पहली बारिश ने ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोल दी। जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
