यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया:IIT-IIM पास, 4 महीने से साइडलाइन थीं; अफसर पति भी इस्तीफा दे चुके हैं

यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल (43) ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अभी वह लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव हैं। दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा भेज दिया। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। दिव्या मित्तल का अचानक इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियों में है। इस्तीफा क्यों दिया, यह स्पष्ट नहीं है। चर्चा है कि 4 महीने से वह साइडलाइन थीं। फील्ड पोस्टिंग चाहती थीं। 2013 बैच की दिव्या 13 साल से नौकरी कर रही थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची थी। IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री लेने के बाद लंदन में नौकरी की। लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर वह वापस आईं। दो साल में दो बार यूपीएसपी क्लीयर किया। पहली बार में IPS बनीं। फिर अगले साल IAS बन गईं। दिव्या के पति गगनदीप सिंह भी 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अफसर हैं। 2022 में वह भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। गगनदीप ने अपनी एक कंपनी ‘न्यूरोकैप’ बनाई है। यह कंपनी देश-विदेश से ट्रेडिंग का काम करती है। दिव्या मित्तल मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। बेहद सख्त छवि की मानी जाती हैं। अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं। 4 महीने पहले ही देवरिया से उनका ट्रांसफर लखनऊ हुआ था। पोस्ट में इस्तीफे की वजह का जिक्र नहीं। चुनाव लड़ने समेत 3 चर्चाएं… ‘जब मैं थकी-टूटी थी, तब भी लोगों ने मुझे विश्वास से देखा’ दिव्या मित्तल की चर्चित 3 तस्वीरें लंदन में नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आईं दिव्या मिर्जापुर में लहुरिया दह गांव में पहली बार दिव्या ने पहुंचाया था पानी देवरिया में जनप्रतिनिधियों से नहीं बनी, शिकायतें सरकार तक पहुंचीं दिव्या देवरिया में 2 साल तक डीएम रहीं। 3 जुलाई 2025 को दिशा समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जनप्रतिनिधियों के दबाव का मुद्दा उठा। दिव्या ने जनप्रतिनिधियों से कहा- अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। इस पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा था- ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात न सुनें। देवरिया से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा था- जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से जीओ समझने की जरूरत नहीं है। अगर जनता की शिकायतें उनके पास आती हैं तो वे सवाल जरूर पूछेंगे। इसके बाद दिव्या और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी की खबरें सामने आई थीं। जनप्रतिनिधियों ने उनकी शिकायतें सरकार से की थीं। इसके बाद करीब 4 महीने पहले उन्हें देवरिया से हटाकर साइडलाइन कर दिया गया था। लेखपाल-कानूनगो से कहा था- जेल भेज दूंगी देवरिया में डीएम रहते हुए वह कई बार चर्चा में आई थीं। दिव्या ने पुल निर्माण में लापरवाही को लेकर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई थी। इस दौरान ADM ने तेज धूप का हवाला देकर उनसे छांव में बैठकर बात करने का आग्रह किया। दिव्या ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘अरे यार, धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे…।’ इसके अलावा, अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो और लेखपाल को फटकार लगाने का उनका वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था- ‘तमाशा बना रखा है…। एसडीएम, आप पूरे मैटर की जांच करें और रिपोर्ट दें। दोबारा इस तरह की हरकत मत करिएगा। सच में जेल भेज दूंगी आप लोगों को।’ दैनिक भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दें- IAS की बुक ‘द क्राफ्टेड जीनियस के बारे में पढ़िए दिव्या के पति पंजाब के रहने वाले, पहले प्रयास में UPSC पास किया था ——————– ये खबर भी पढ़िए- ‘IPS वीडियो कॉल पर टॉर्चर देखकर हंसते रहे’:मेरठ में पीड़ित बोले- पीने को पेशाब दी, अविनाश पांडे जैसा क्रूर अफसर नहीं देखा ‘एसपी ऑफिस के पीछे कमरे में मेरे सारे कपड़े उतरवाए। एसपी देहात ने पैर खुलवाकर बीच में डंडा मारना शुरू किया। कुछ देर बाद SSP अविनाश पांडेय आए। कहा कि अब इसे थाने लेकर जाओ। वहां रातभर मेरी पिटाई होती रही। पीने के लिए पेशाब दी गई।’ पुलिस ने यह बर्बरता मेरठ के रवि गौतम के साथ की। पढ़ें पूरी खबर

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