सीएम योगी ने लखनऊ में कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग फिर से बांटने का प्रयास कर रहे हैं। पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वाले लोगों की आप कल्पना कर सकते हैं कि ये कैसे लोग हैं। जिन्होंने बाबूजी कल्याण सिंह के निधन पर पुष्पांजलि अर्पित करने जाना तो दूर, एक ट्वीट तक नहीं किया। इन्होंने लखनऊ में जय प्रकाश नारायण के नाम पर एक स्मारक बनवाया। 200 करोड़ रुपए का JPNIC प्रोजेक्ट शुरू किया। उस पर खर्च कर डाले 864 करोड़ रुपए। इतने खर्च के बावजूद वह अधूरा है। इनकी कोशिश थी कि इस प्रोजेक्ट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो जाए। योगी ने कहा- ये दंगों के बादशाह हैं, कर्फ्यू इनकी पहचान है, प्रदेश के खजाने में लूट-खसोट इनकी आदत का हिस्सा है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ इनकी पहचान है। हमारी पॉलिसी माफिया को मिट्टी में मिलाने की है तो बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है। सीएम योगी ने रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास अवंती बाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण के दौरान यह बात कही। इससे पहले योगी ने राजनाथ सिंह के साथ लखनऊ कैंट में 101 करोड़ रुपए की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम योगी की 2 बड़ी बातें- 1. ‘प्रोजेक्ट पर लगा पैसा सैफई सिंडिकेट का नहीं, जनता का है’ JPNIC पर कब्जे के लिए समाजवादी पार्टी ने एक कमेटी गठित की। उस कमेटी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव, सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी थे। प्रोजेक्ट को अपना अड्डा बना लिया था। एक महापुरुष के इस अपमान को डबल इंजन की सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। JPNIC में पैसा सैफई सिंडिकेट का नहीं, ये पैसा उत्तर प्रदेश की जनता का है। इस प्रोजेक्ट को सरकार ने जब समाजवादी पार्टी के हाथ से खींच लिया तो अब ये अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन के पैसे पर किसी पार्टी को डकैती डालने की छूट कतई नहीं दी जा सकती। इसलिए सरकार ने इसे वापस लिया। 2. ‘बंटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं का आह्वान करने आया हूं’ JPNIC को हथियाने की सपा की कमेटी हमने भंग की और प्रोजेक्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंपा। हमने तय किया है कि इस प्रोजेक्ट को चलाएंगे। जय प्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत करेंगे। जो पैसा प्रदेश के खजाने से गया है, उसकी वसूली करके वापस लाएंगे। जिन कारणों से देश गुलाम हुआ था, उस जाति का जहर घोल कर फिर से वर्ग के आधार पर ये बांटना चाहते हैं। इस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। अवंती बाई लोधी के मंत्र पर चलना है। हम बंटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं। यही आह्वान करने के लिए मैं आया हूं। राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह से की योगी की तुलना सीएम योगी के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा- याद कीजिए कि पहले की सरकारों के समय में देश की राजधानी तक में महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यूपी में या तो कल्याण सिंह की हुकूमत थी या फिर योगी जी की है। कोई महिलाओं की तरफ देखने की जुर्रत करेगा तो यहां (जमीन पर) नहीं होगा, वहां (ऊपर) होगा। योगी-राजनाथ के कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
योगी बोले- सपाई दंगों के बादशाह, कर्फ्यू इनकी पहचान:ये लखनऊ में JPNIC कब्जाना चाहते थे, हम तो माफिया को मिट्टी में मिलाने वाले
