मुस्लिम बनने वाला आयुष बोला- चांदनी से ही शादी करूंगा:शामली में लड़की वालों ने कहा- बेवजह फंसाया, हमारी गलती तो चौराहे पर गोली मार दो

शामली के रहने वाले आयुष मलिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाने की बात कही है। आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड चांदनी कुरैशी के साथ शादी करने की इच्छा भी जताई। कोर्ट ने आयुष को इसकी अनुमति देते हुए कहा- बालिग व्यक्ति के धर्म, निवास और जीवनसाथी की पसंद से जुड़े फैसलों पर केवल पारिवारिक असहमति के आधार पर रोक नहीं लगाई जा सकती। आयुष के पिता शहर के बड़े दवा कारोबारी हैं। आयुष की टोपी पहनकर नमाज पढ़ने की फोटो वायरल हुई थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया था। आयुष के पिता ने चांदनी कुरैशी पर जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने चांदनी और उसके पिता समेत कई लोगों को जेल भी भेजा था। कोर्ट के फैसले के बाद दैनिक भास्कर ने चांदनी के परिवार से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… चांदनी की बुआ के बेटों को भी भेजा गया था जेल हमारी टीम आजाद चौक में रहने वाली चांदनी कुरैशी के घर पहुंची। यहां चांदनी की बहन मिली। उसने बताया कि पापा मंडी गए हैं। दीदी नोएडा में हैं। घर से 100 मीटर दूर चांदनी की बुआ का घर है। यहां पर उसकी बुआ के बेटे मोहम्मद सलीम, उसका भाई तौसीफ और कुछ पड़ोसी बैठे हुए थे। तौसीफ को भी इस मामले में जेल भेजा गया था। मोहम्मद सलीम ने बताया- चांदनी मेरे मामा की बेटी है। उसके घर से 2 किमी दूर भारत मेडिकल स्टोर है। इसमें देवराज मलिक का बेटा आयुष मलिक बैठता था। वहीं बगल में एक हॉस्पिटल है, जहां चांदनी फीजियोथेरेपी का काम करती थी। आयुष यहां अपनी मां को लेकर आता था। आयुष ने ही चांदनी को फंसाने की कोशिश की थी। ममेरा भाई बोला- आयुष ने चांदनी को फंसाया मोहम्मद सलीम ने कहा कि चांदनी ने शुरू में ही साफ कह दिया था कि हम मुस्लिम हैं। आप जाट हैं। हमारा आपसे कोई लेना-देना या संबंध नहीं है। न ही हम आपसे कोई रिश्ता रखना चाहते हैं। इसके बाद भी देवराज मलिक ने हमें साजिश के तहत फंसवाया। उसने चांदनी को मोहरा बनाया। हम लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाया। सिर्फ हमें ही नहीं, बल्कि परिवार के ताया, चाचा, मौसी के लड़कों और पूरे परिवार को इसमें घसीटा। हमारी गलती क्या है? अगर इस मामले में हमारी जरा-सी भी भूमिका या गलती होती, तो भले ही हमें चौराहे पर गोली मार देते। सलीम बोले- अगर फंसाना होता तो कोर्ट मैरिज कर लेती सलीम ने कहा कि अगर चांदनी को आयुष को फंसाना ही होता तो वह उससे कोर्ट मैरिज कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। जो लड़का 12 साल से मुसलमान बन रहा था, दाढ़ी बढ़ा रहा था, तब क्या उसके पिता और परिवार को नहीं पता था। केस में भाइयों और फूफी के लड़कों तक को फंसा दिया गया है। जिन लोगों को दस्तखत करने नहीं आते, वे निकाह कैसे करवा सकते हैं? हमें बेघर कर दिया गया है। हमारे घर के ताले तोड़कर पुलिस-प्रशासन को अंदर घुसाया गया, लोग छत से कूदकर घर में आए। हम गरीब लोगों पर यह सरासर अत्याचार है। अगर यही अत्याचार किसी और के साथ होता, तो उन पर क्या बीतती? एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला कोर्ट में है। पुलिस इस मामले में अभी कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए पूरा मामला दयानंद नगर के रहने वाले देवराज मलिक शामली जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। शहर के पॉश एरिया में उनका मकान और शहर में 2 फेमस मेडिकल स्टोर हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा करके मेडिकल स्टोर चलाता था। 6 जून को देवराज मलिक ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी ने उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण करा दिया है। उसका नाम मोहम्मद अली रखवा दिया है। आयुष अचानक अपना लुक बदलने लगा है। पहले दाढ़ी बढ़ाई फिर मस्जिद जाने लगा। आयुष की एक फोटो भी सामने आई, जिसमें वह मस्जिद में नमाज पढ़ता दिखा। मेडिकल स्टोर में टोपी और कुर्ता-पायजामा पहनकर बैठा दिखाई दिया। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद हुई FIR योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने बताया- भारत मेडिकल स्टोर के मालिक के इकलौते बेटे को चांदनी कुरैशी ने फंसा लिया है। दबाव में आकर पूरे परिवार ने धर्म बदल लिया है। मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया, चांदनी के घर पर धरने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उनके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवियों समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। 7 जून को पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उनके पिता समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। डेढ़ महीने तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 24 जुलाई को कोर्ट ने पिता-बेटी को जमानत मिली थी। 15 दिन बाद ही पूजा-पाठ कर दोबारा हिंदू बना था करीब 15 दिन बाद ही आयुष ने एक वीडियो जारी किया। उसने कहा- मां आपकी परेशानी को देखते हुए मैं अपनी मर्जी से अपने मूल धर्म, हिंदू धर्म में वापस आ गया हूं। आप लोग मुझे माफ करना। 9 सितंबर को आयुष के दोस्त मोहम्मद सुल्तान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उसने आरोप लगाया कि आयुष को जबरन घर में कैद करके रखा जा रहा है। कोर्ट ने आयुष के पिता को 16 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट के सामने इस्लाम अपनाने की इच्छा जताई 16 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप जैन की बेंच के सामने आयुष मलिक को पेश किया गया। आयुष ने कहा- मेरी उम्र करीब 31 साल है। बी.फार्मा तक पढ़ाई की है। मैंने साल 2014 में अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। मैं चांदनी कुरैशी के साथ शादी करना चाहता हूं। पिता और परिवार को उसका यह फैसला मंजूर नहीं है। आयुष ने आरोप लगाया कि उसे धमकियां मिलीं। जून 2026 से घर में नजरबंद कर रखा गया है। पिता देवराज मलिक ने बेटे के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का कुछ लोगों द्वारा ‘ब्रेनवॉश’ किया गया है। वे एक पिता के तौर पर अपने बेटे के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। कोर्ट ने कहा- आयुष को स्वतंत्र अधिकार कोर्ट ने कहा- आयुष मलिक बालिग है। अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने में पूरी तरह सक्षम है। उसे बिना किसी दबाव, धमकी के अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है। चांदनी कुरैशी से शादी करने का फैसला लिया है। अदालत ने माना कि एक पिता के रूप में देवराज सिंह मलिक का चिंतित होना स्वाभाविक है। लेकिन, यह चिंता किसी बालिग नागरिक के संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकती। इसलिए आयुष को अपनी इच्छा के अनुसार अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने, अपने धर्म का पालन करने और कानून के अनुसार विवाह से संबंधित फैसला लेने का स्वतंत्र अधिकार है। पिता बोले- वो मेरा बेटा ही रहेगा हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिता देवराज मलिक ने कहा कि आयुष मलिक उनका बेटा है और रहेगा। वह अपने बेटे के बिना नहीं रह सकते। हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, वह उन्हें मान्य है। मैं यही चाहता हूं कि आयुष अपने परिवार के साथ रहे। हालांकि इस मामले में अभी तक आयुष मलिक का कोई बयान सामने नहीं आया है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… गोरे बच्चे के लिए नेपाली लड़कियों का सौदा:1 करोड़ में बिना शादी प्रेग्नेंसी से डिलीवरी तक साथ रहेगी, यूपी बॉर्डर पर तस्करी का नया ट्रेंड गोरे बच्चे की चाहत में नेपाली लड़कियों का सौदा हो रहा है। यूपी से सटे नेपाल बॉर्डर से इन लड़कियों को लाया जाता है। बिना शादी बच्चा करने के बदले दलाल को 1 करोड़ रुपए तक दिए जा रहे हैं। इसमें लड़की को 20 से 25 लाख रुपए मिलते हैं। दैनिक भास्कर ने इस ट्रेंड का खुलासा किया। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…

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