टांडा चेयरमैन शबाना नाज का ससुराल पक्ष पर आरोप: बोलीं- पति की मौत के बाद संपत्ति अपने नाम कराई, आधार और मृत्यु प्रमाण पत्र भी रखा

संवाददाता।

अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में टांडा नगर पालिका अध्यक्ष शबाना नाज ने रविवार को अपने ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। नगरपालिका में दोपहर करीब 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- पति की मौत के बाद परिवार के लोगों ने उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। उनका आरोप है कि पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और उनका आधार कार्ड भी ससुराल पक्ष के लोगों ने अपने पास रख लिया है।शबाना नाज ने कहा पति की मौत के बाद उन्हें मजबूरी में राजनीति में आना पड़ा। उन्होंने बताया उनके पति ने लोगों के लिए काफी काम किया था और इसी वजह से जनता ने उन्हें चुनाव में समर्थन दिया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय भी अपने दिवंगत पति को दिया।हाल में अदालत ने उनके पति और सपा नेता मोहम्मद अयाज की 2019 में हुई हत्या के मामले में पूर्व कॉलेज प्रबंधक उबैदुर्रहमान को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी वसीम असगर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
अध्यक्ष ने बताया कि पहले परिवार के दो लोग करीब एक साल तक नगर पालिका का काम संभाल रहे थे। बाद में ईओ से अनबन होने के बाद उन्हें खुद पालिका की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
उनके मुताबिक, ईओ और तत्कालीन जिलाधिकारी ने उन्हें बताया था कि नगर पालिका की जिम्मेदारी चुने हुए अध्यक्ष की होती है और उन्हें खुद कामकाज देखना चाहिए। इसके बाद परिवार के लोगों से उनके रिश्ते खराब हो गए। शबाना नाज ने कहा कि उन्होंने किसी को हटाया नहीं था और वह नहीं चाहती थीं कि परिवार के लोग उनसे अलग हों।
शबाना नाज ने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद परिवार के लोगों ने उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। उनका यह भी आरोप है कि पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और उनका आधार कार्ड भी ससुराल पक्ष के लोगों ने अपने पास रख लिया है।
पालिका अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग उन्हें और उनके बच्चों को घर में परेशान करते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कमरे की बिजली नीचे से काट दी जाती है। कई बार आधे-आधे दिन तक बिजली बंद रहने की बात भी कही।उन्होंने घर में कैमरे लगाए जाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि महिला वाले हिस्से में कैमरे क्यों लगाए गए हैं। शबाना नाज ने कहा कि परिवार के भीतर चल रहे विवाद और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी आम लोगों को नहीं थी। अब वह इन मामलों को सार्वजनिक कर रही हैं, ताकि जनता को भी उनकी स्थिति की जानकारी हो सके। इन आरोपों पर ससुराल पक्ष का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
पालिका अध्यक्ष ने विपक्षी सभासदों की ओर से लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कुल 12 आरोपों में चार को ही आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में किसी भी वित्तीय अनियमितता से इन्कार किया। हाउस टैक्स के मामले में कहा कि जनता की आपत्तियों के चलते नियमावली स्थगित कर सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।
अकबरपुर की तुलना में टांडा में टैक्स की दर कम है। ठेकेदार से धन उगाही के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि भुगतान काम की गुणवत्ता की शिकायत पर रोका गया था। टेंडर निरस्त करने के मामले में डीएम ने त्रिस्तरीय जांच कराई थी और री-टेंडर की अनुमति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी। 22 तारीख को आने वाले फैसले के संबंध में उन्होंने कहा कि गलत कार्रवाई हुई तो ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।

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