विधायक राजेश्वर सिंह का मुरीद हुआ ब्रिटेन

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के लखनऊ के सरोजिनी नगर सीट से विधायक डॉ राजेश्वर सिंह को अब बेहतरीन काम के लिए लंदन ने सम्मानित किया है. भाजपा विधायक डॉ राजेश्वर सिंह को लंदन के ऐतिहासिक हाउस ऑफ लॉर्ड्स Palace of Westminster में UK India Legal Partnership (UKILP) ने ‘Excellence in Political and Public Life’ Award से सम्मानित किया. विधायक राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सम्मान के प्रति आभार जताया है.

सोशल मीडिया पर ये लिखाः एक्स पर विधायक राजेश्वर सिंह ने लिखा कि House of Lords का यह भव्य भवन न केवल ब्रिटिश विरासत की आत्मा, बल्कि लोकतंत्र की जड़ और संवैधानिक चेतना का प्रतीक भी है. मेरी जीवन यात्रा एक लॉ इनफोर्सर के रूप में शुरू हुई. लॉ इंटरप्रेटर के रूप में आगे बढ़ी और अब एक लॉ मेकर के रूप में जनसेवा का माध्यम बनी है. हर चरण ने मुझे न्याय, शासन और सेवा के सच्चे अर्थों को गहराई से समझने का अवसर दिया है. ये अनुभव मेरे लिए संविधान के मूल्यों में निहित एक दायित्वबोध की अनुपम यात्रा है. यह सम्मान मेरे लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सरोजनीनगर की उस सामूहिक विकास यात्रा की वैश्विक स्वीकृति है, जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत परिवर्तन, युवा पीढ़ी का Digital सशक्तिकरण और मातृशक्ति के स्वावलंबन के क्षेत्र में स्थायी, समावेशी और जन-आधारित बदलाव की सुदृढ़ नींव रखी गई है. उन्होंने लिखा कि देश-विदेश के विशिष्ट अतिथियों ने इस अवसर की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की.

आखिर क्यों किए गए सम्मानितः प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक एवं लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डा. राजेश्वर सिंह जनता की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए सजग रहते हैं. जनता दरबार लगाते हैं जो भी समस्याएं आती हैं उनका तत्काल समाधान करते हैं. अधिकारियों को फोन करते हैं. मंत्रियों से पत्राचार करना हो तो भी करते हैं. मुख्यमंत्री को भी समस्याओं से अवगत कराते हैं और न्याय दिलाते हैं. ऐसा कई बार हुआ है जब एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने लोगों को न्याय दिलाया तो कई बार वकील की भूमिका में भी लोगों को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे.

अंसल पर एफआईआर कराने में निभाई अहम भूमिका: इसी साल मार्च माह में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सरोजनीनगर विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लखनऊ में अंसल प्रोजेक्ट्स के तहत गृह खरीदारों की शिकायतों के संबंध में जांच की मांग की थी. उनकी तरफ से यह पत्र अंसल प्रोजेक्ट्स के किए गए कथित धोखाधड़ी और लखनऊ विकास प्राधिकरण की मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर लिखा गया था. आवंटियों की समस्याओं को लेकर विधायक राजेश्वर सिंह खुद मुख्यमंत्री से मिले. इसके बाद मुख्यमंत्री एक्शन में आए और तत्काल उन्होंने अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. आवंटियों को न्याय मिला.

सुप्रीम कोर्ट में जिरह करने वकील के रूप में पहुंचे: एक बार डा. राजेश्वर सिंह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में एक केस की सुनवाई के लिए पहुंच गए. उनके इस रूप का किसी को अंदाजा भी नहीं था. उस समय विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा था कि विधानसभा क्षेत्र में जनता की सेवा के साथ ही लोगों को न्याय दिलाना भी उनकी जिम्मेदारी है, इसलिए वह अधिवक्ता के तौर पर केस की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. लोगों की सुविधा के लिए सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं.

एनजीटी में बतौर अधिवक्ता पेश हुए: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा गढ़ी चुनौटी की चांदे बाबा तालाब स्थित बस्ती में रह रहे लोगों को बड़ी राहत दिलाई थी. वे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में बतौर अधिवक्ता पेश हुए थे. उनकी दलील सुनने के बाद एनजीटी ने पूर्व में दिए गए अपने उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें 25 फरवरी तक बस्ती को खाली कराया जाना था. एनजीटी ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था. एनजीटी ने चांदे बाबा स्थित बस्ती को तालाब की भूमि मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था.

मृतक के परिवार को दिलाया न्याय: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मृतक अंकित लोधी के परिजनों से मुलाकात कर न्याय दिलाया था. गृह सचिव को पत्र लिखकर गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई थी. आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति जब्ती और जिला बदर की मांग की थी. हत्या के पीछे भू-माफियाओं की साजिश होने के चलते चार आरोपी गिरफ्तार हुए थे. उन्होंने उस वक्त भी कहा था कि सरोजिनीनगर विधानसभा क्षेत्र में अपराध की कोई जगह ही नहीं है.

नौकरशाह रहते कई बड़े घोटालों का किया था पर्दाफाश: विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले डा. राजेश्वर सिंह ने सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति ली थी. प्रवर्तन निदेशालय में संयुक्त निदेशक पद पर रहते हुए उन्होंने कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया था. इसमें टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन, अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला, एयरसेल मैक्सिस, गोमती रिवरफ्रंट, पौंजी घोटाला का पर्दाफाश किया था. चार हजार करोड़ से अधिक अवैध कमाई की रकम को जब्त कराया था राजेश्वर सिंह ने टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान ही एलएलबी की डिग्री हासिल की थी.

सम्मान समारोह में ये भी रहे मौजूदः भारत सरकार के कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, लार्ड वीरेंद्र शर्मा, लार्ड रामी रेंजर, पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद, उत्तर प्रदेश सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल अपूर्व अग्रवाल, भारत सरकार के सचिव, दुबई और ऑस्ट्रेलिया के सम्मानित न्यायमूर्तियों की उपस्थिति में इस सम्मान को दिया गया. इस मौके पर पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और राजन कारंजवाला को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, युवा संगीत प्रतिभा स्टेबिन बेन को विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया. विधायक राजेश्वर सिंह ने लिखा कि जब किसी स्थानीय क्षेत्र की जनसेवा को इस प्रकार के वैश्विक मंच पर सराहा जाए तो वह केवल पुरस्कार नहीं होता, बल्कि वह एक उत्तरदायित्व होता है. एक प्रेरणा होती है कि हम इस मिशन को और समर्पण से आगे बढ़ाएं. उन्होंने इस सम्मान के लिए यूके के प्रति आभार जताया है.

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