यूपी में विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से 14 अगस्त को सुबह 11 बजे यानी 24 घंटे लगातार सदन की कार्रवाई चलेगी। इसमें सभी मंत्री प्रदेश के 2047 तक के विकास का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे। सदन में उस पर चर्चा होगी। विधायकों के सुझाव और प्रस्ताव को शामिल कर सभी मंत्री अपना प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजेंगे। रविवार सुबह 11 बजे विधानसभा में पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसमें विधानसभा सत्र संचालन का एजेंडा तय किया गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर तंज कसा। कहा- जो इतिहास में उलझे हैं, वो क्या विजन की बात करेंगे। भाजपाई पहले अपना मैनिफेस्टो उठाकर देखें कि उसमें से कुछ भी पूरा नहीं हुआ है। दरअसल भाजपा को मैनिफेस्टो का मेमोरी लॉस हो गया है। सुबह सीएम योगी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। शाम को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। इसमें योगी ने कहा कि सभी विधायक अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता को 2017 से पहले के यूपी के हालात और उसके बाद बीजेपी सरकार में आए बदलाव की जानकारी दें। अगला साल पूरा चुनावी साल है। 2026 की शुरुआत में पंचायत चुनाव होंगे। उसके बाद राज्यसभा और फिर विधान परिषद के चुनाव आएंगे। योगी बोले- चुनावों में विधायकों की भूमिका अहम होगी
सीएम योगी ने कहा कि विधान परिषद के चुनाव होते ही विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू हो जाएगी। सभी चुनावों में विधायकों की बड़ी भूमिका होगी। विपक्ष दुष्प्रचार करेगा लेकिन हमे जनता को हकीकत बतानी है कि 2017 से पहले सड़कों में गड्ढे थे, अब यूपी में स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले बिजली नहीं आती थी, अब गांवों में भी 18 घंटे बिजली आती है। इस अवसर पर विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में बीते आठ साल की उपलब्धि बताई गई है। सरकार ने सदन के लिए दोनों सदनों में मंत्रियों की ड्यूटी भी लगाई है। बैठक में एनडीए के सहयोगी रालोद, अपना दल, सुभासपा, निषाद पार्टी के विधायक भी मौजूद थे। विधायकों को AI का प्रशिक्षण दिया गया
सीएम ने विधान भवन के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण भी किया। सर्वदलीय बैठक से पहले विधानसभा के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण किया। फिर विधानसभा में कक्ष संख्या-15 के नए कक्ष का उद्घाटन किया। विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
विपक्ष विधानसभा सत्र को कम से कम 10 दिन चलाने की मांग कर रहा है। साथ ही स्कूलों के मर्जर, वाराणसी, प्रयागराज सहित बाढ़ प्रभावित दो दर्जन से अधिक जिलों में बदहाली, बेरोजगारी, महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर हंगामा करने की रणनीति बना रहा है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यूपी बहुत बड़ा प्रदेश है। हमने मांग थी कि 16 अगस्त के बाद भी सत्र चलना चाहिए। विभिन्न समस्याओं से जनता परेशान है। लेकिन अनुरोध के बाद भी सिर्फ इतना कहा गया कि इस पर विचार करेंगे। भाजपा विधानमंडल दल की बैठक
योगी की अध्यक्षता में शाम को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक होगी। बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहेंगे। बैठक में भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा, निषाद पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल के विधायक भी शामिल होंगे। बैठक में सीएम एनडीए के विधायकों से सदन में उपस्थित रहने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने का आह्वान करेंगे। 4 सेट में तैयार होंगे UP यूपीएससी के प्रश्न पत्र विधानसभा में लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया का अधिनियम) (संशोधन) विधेयक- 2025 पेश होगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रश्न पत्र लीक होने की समस्या के समाधान के लिए 4 सेट में प्रश्न पत्र तैयार करेगा। प्रश्न पत्र संबंधी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए प्रकाशक को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। कैबिनेट ने इसका अध्यादेश 22 जुलाई को पारित किया था। अब तक प्रश्नपत्र 3 सेट में तैयार होते हैं। आयोग की ओर से अब अलग-अलग रंग के लिफाफों में गोपनीय कोड के साथ प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाएगा। आयोग के अधिनियम 1985 की धारा 10 की उपधारा 1, 3, 4 और 5 में संशोधन किया गया है। उपधारा एक में तीन सेटों में प्रश्नपत्र तैयार किए जाने की व्यवस्था है। इसे चार सेट में बनवाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रश्नपत्रों को चार विशेषज्ञों से अलग-अलग तैयार कराया जाएगा। उपधारा 3 में पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों से प्राप्त प्रश्नपत्रों को मुहरबंद लिफाफे में उनसे रसीद लेकर दिए जाने की व्यवस्था है। नई व्यवस्था में अब पेपर सेट करने वालों से चार सेट में इसे बनवाया जाएगा। उपधारा तीन में ही तीन पेपर सेट करने वालों से सीलबंद लिफाफे में रसीद लेकर जांच करने वालों को देने की व्यवस्था है। अब चार सेट में रसीद लेकर छापने के लिए दिया जाएगा। उपधारा चार में जांच करने वाला तीनों प्रश्नपत्रों का परीक्षण करेगा और उन्हें अलग-अलग रखेगा और अपनी मुहर लगाएगा। इस पर पहचान का कोई चिह्न नहीं लगाएगा। इसे परीक्षा नियंत्रक या उसकी ओर से नामित व्यक्ति को रसीद लेकर देगा। इसे अब 4 सेटों में दिया जाएगा। किसी भी गड़बड़ी के लिए छापने वाला होगा जिम्मेदार
उपधारा 5 में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार परीक्षा नियंत्रक किसी विषय के किसी भी एक प्रश्नपत्र को मुहरबंद लिफाफे को बिना खोले चुनेगा और उसे छापने के लिए भेजेगा। इसे छापने वाला ही इसका प्रूफ भी पढ़ाएगा। परीक्षा नियंत्रक की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, छापने वाला सभी परीक्षा केंद्रों पर मुहरबंद पैकेट में भेजेगा। परीक्षा नियंत्रण की ओर से दी गई सूचना के अनुसार अलग-अलग रंगों में गोपनीय कोड के साथ इसे भेजा जाएगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए छापने वाला ही जिम्मेदार होगा। अब पढ़िए अखिलेश यादव का पोस्ट… भाजपा ने सबसे ज्यादा फर्जी वोट बनवाए
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग न्याय करेगा या नहीं इस पर बहस होनी चाहिए। अभी उस पर वोट चोरी के जो आरोप लगे हैं, उसकी सफाई होना स्वयं चुनाव आयोग उसकी विश्वसनीयता एवं चुनावी पारदर्शिता के लिए बहुत जरूरी है। जनता का विश्वास किसी संवैधानिक संस्था से डिगा तो उसके परिणाम अच्छे नहीं होगे। ऐसा लगता है कि भाजपा भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय है और चुनावी भ्रष्टाचार का ब्रह्मांड विश्वविद्यालय। अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा फर्जी वोट भाजपा ने बनवाए हैं। भाजपा के चुनावी हथकंडे अब उजागर हो रहे हैं। भाजपा कुछ लोगो की मिलीभगत से कभी अपने समर्थक फर्जी मतदाताओं का नाम बढ़ा देती है और चुनावी अधिकारियों से साठगांठ कर कभी अपने विरोधियों के नाम मतदाता सूची से गायब कर देती है। भाजपा चुनाव में लगे अपने चुनिंदा अधिकारियों को बाकायदा टारगेट देती है कि कितने फर्जी वोट डालने हैं। एक वीडियो में एक आदमी 6-6 वोट डालने का दावा कर रहा था। अखिलेश यादव ने कहा कि यह आशंका अब सच लगती है कि पिछले चुनाव में भाजपा ने अपने खिलाफ डाले गए वोट खारिज कराकर और डीएम के दबाव से जीत के सर्टिफिकेट बदला कर 2 दर्जन से ज्यादा सीटों पर भाजपा को जिताने का काम किया गया था। सपा ने चुनाव आयोग को हेराफेरी के मामलों में 18 हजार एफिडेविट दिए थे। आज तक उन पर क्या कार्रवाई हुई, पता नहीं चला। ——————————— ये भी पढ़ें: देश के टॉप-10 महंगे शहरों में लखनऊ शामिल:यूपी का तीसरा सबसे महंगा शहर बना, प्रदेश में नोएडा और देश में मुंबई नंबर-1 2025 में नया सर्किल रेट लागू होने के साथ ही लखनऊ देश के टॉप-10 महंगे शहरों में शामिल हो गया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश में महंगी जमीनों के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज हो गया है। पुराने रेट में गाजियाबाद, लखनऊ से पीछे था लेकिन नए में वह लखनऊ को पीछे कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया। (पढ़ें पूरी खबर)
