अनुज चौधरी ASP बनने के बाद प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे। उनसे पूछा- कई बार सबूत के अभाव में अपराधी छूट जाते हैं। कुछ मामलों में निर्दोषों को सजा होती है। इसपर प्रेमानंद महाराज ने कहा- ये उसके पाप का प्रारब्ध है। जिसे उसे भोगना ही है। इसमें आप कुछ नहीं कर सकते। अगर कोई बिना अपराध किए किसी मामले में सजा भुगतता है तो वो उसका पूर्व जन्म का पाप है। इसमें आपका कोई दोष नहीं है। अनुज चौधरी ने रविवार सुबह करीब 20 मिनट तक प्रेमानंद महाराज से बात की। काम के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में उनसे बात की। पढ़िए पूरी बातचीत.. ASP अनुज चौधरी का सवाल : कई परिस्थिति ऐसी आती हैं, जैसे एक वादी पक्ष है। उनका लड़का मर गया। वह कह रहा है कि इसने मारा है। इसी ने मारा है। आरोपी कहता है कि मैंने नहीं मारा है। हमारे पास उसके खिलाफ सबूत नहीं है। न पीड़ित पक्ष ने देखा और न ही हमने देखा। उस स्थिति में अगर हम उसे छोड़ें, तो क्या सही होगा?
प्रेमानंद महाराज का जवाब : छोड़ा जा नहीं सकता उसको, क्योंकि रिपोर्ट है और पक्का सबूत है नहीं कि वो अपराधी है। प्रेमानंद महाराज का जवाब सुनकर अनुज चौधरी बोले- फिर पुलिस पर वही आरोप लगते हैं, ऐसा कर लिया होगा। ASP अनुज चौधरी का सवाल : अभी 4-5 दिन पहले इस तरह की एक घटना हुई थी। एक ऐसा ही पारिवारिक मामला था। वो लोग नहीं मान रहे थे। कह रहे थे, यही है आरोपी। तो वहां ऐसा लगता है कि बहुत जिम्मेदारी हमारे ऊपर आ जाती है।
प्रेमानंद महाराज का जवाब : आप अंतर्यामी तो हैं नहीं, जो पर्दे के पीछे की बात है वो तो पता है नहीं। आप तो साक्ष्य और रिपोर्ट के आधार पर ही कुछ कर सकते हैं। अब जैसे वो अपराधी है और रिपोर्ट हुई तो आपको उसको पकड़ना पड़ेगा। ये उसका प्रारब्ध है। वो पाप का प्रारब्ध है जो अभी तक भोगा नहीं है। वो पाप युक्त है, जो उसको फंसाएगा। इसमें आपका कोई दोष नहीं है। जैसे न्यायाधीश है, साक्ष्य के अनुसार दंड देता है। लेकिन वो निर्दोष है। फिर साक्ष्य उसके खिलाफ हैं, तो कोई पाप है। जो पूर्व का है और उसको दंड दे रहा है। वर्तमान में तो निष्पाप है लेकिन उसके पूर्व का कोई पाप है तो इसमें आपका कोई दोष नहीं है। उस समय वो सही है, लेकिन पीछे उसने कोई पाप किया है जो उसे फंसा रहा है। वो बोल रहा है, मैं कसम से कह रहा हूं मैंने पाप नहीं किया है, ये अपराध नहीं किया है। हम भी कह रहे हैं उसने नहीं किया लेकिन उस पर डंडे चलेंगे। उसको पिटना पड़ेगा, तब तक..जब तक उसका अपराध खत्म नहीं हो जाएगा। जो पाप प्रकाशित नहीं हुआ वो पाप उसको फंसाएगा और डंडे चलेंगे। आप साक्ष्य के अनुसार करेंगे तो उसमें कोई दोष नहीं होगा
जब उसका पाप खत्म हो जाएगा तो साक्ष्य मिल जाएगा कि ये निर्दोष है। उसको छोड़ दिया जाएगा। उसमें आप दोषी नहीं हैं। आप रिपोर्ट और साक्ष्य के अनुसार ही पकड़ते हैं। आप कोई अंतर्यामी तो है नहीं जो ध्यान करें और पता चल जाए कि ये दोषी है या निर्दोष। आप अपने साक्ष्य के अनुसार करेंगे तो उसमें कोई दोष नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार काम करने में आपको कोई दोष नहीं है। ——————————- यह खबर भी पढ़ें- संभल के CO अनुज चौधरी का प्रमोशन, ASP बने:हिंसा के बाद ‘होली एक, जुमा-52’ कहकर चर्चा में आए थे संभल के सीओ अनुज चौधरी को प्रमोशन मिल गया है। सरकार ने उन्हें एडिशनल एसपी (एएसपी) बनाया है। शुक्रवार देर रात आदेश जारी किया गया। 2012 बैच के PPS अफसर अनुज स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुए थे। स्पोर्ट्स कोटे से इस पद तक पहुंचने वाले वह यूपी पुलिस के पहले अफसर हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
