सत्य नारायण गुप्ता
हरख बाराबंकी। जनपद के हरख रेंज में तैनात तेजतर्रार वन दरोगा सचिन पटेल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं इनकी साफ सुथरी छवि व विभाग के प्रति वफादारी किसी से छुपी नहीं है चाहे वह अवैध पेड़ो कटान को लेकर हमेशा एक्टिव होकर कार्यवाही को लेकर हो या फिर राष्ट्रीय पक्षियों की सेवा व बचाव कार्य को लेकर जनहित में हमेशा वह अपने विभाग के प्रति वफादारी व ईमानदारी के साथ तत्पर नजर आते हैं जी हां ऐसे शख्स का नाम सचिन पटेल है जो हरख रेंज में तैनात है काफी दिनों से कुछ तथाकथित दलाल किस्म के पत्रकार अपनी दुकान चलाने के लिए वन दरोगा को फोन करके शाम को ड्रिंक वियर पीने के लिए फोन करते हैं और पैसे मांगते हैं और अवैध पेड़ कटवाने का दबाव बनाते हैं जब सचिन दरोगा की तरफ से जवाब आता है की बगैर परमिट के अवैध कटान नही हो पाएगा तो फर्जी खबरें चलाकर बेबुनियाद आरोप लगाया जाता है और फर्जी गावों का नाम डालकर खबर चलाई जाती है और कहा जाता है की इन इन जगहों पर वन विभाग के वन दरोगा की मिलीभगत से पेड़ो को काटा गया है परंतु सच्चाई तो यह है की जो भी ठेकेदार प्रतिबंधित निष्प्रयोज सूखे पेड़ काटते हैं ओ या तो परमिट से होते हैं या फिर जुर्माने से सूत्रों का दावा है की वन विभाग के वनकर्मी जान ही नही पाते हैं और कटान हो जाता है कुछ दलाल किस्म के जो पत्रकार हैं वह लकड़ी ठेकेदारों से ठेका ले लेते हैं और कहते हैं की पुलिस हल्का दीवान से बता दो बाकी कटान करो जाकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी ऐसा कहकर हर अवैध कटान को अंजाम दिया जाता है जानकार लोगो का कहना है की वन विभाग को न बताकर अब ठेकेदार शिर्फ पुलिस व पत्रकार को मैनेज करके ही काम कर लेते हैं और वन विभाग को कानों कान भनक तक नहीं लगती है और सुर्खियों में हमेशा वन विभाग रहता है कुछ ऐसे भी पत्रकार हैं जिनका खबरों से किसी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है सिर्फ कटान व वन दरोगा पर रौब झाड़ना ही काम है इन लोगो का न तो सूचना विभाग में नाम व नंबर दर्ज है और न ही पुलिस के मीडिया सेल में पर फिर भी बेधड़क ये लोग अवैध रूप से वसूली व अधिकारियो को कॉल करके बेनियाम काम करवाने का दबाव बनाते हैं वहीं इस सम्बंध में जब वन दरोगा सचिन पटेल से बात की गई तो उनका कहना था की कुछ दलाल प्रवृति के पत्रकार हमारे पास कॉल करके बेनियाम काम करवाने का दबाव बनाते हैं जब हम काम करने के लिए रोंकते हैं तो फर्जी खबरें चलाकर व शिकायत करके गंभीर आरोप लगाए जाते हैं जो कहीं न कही एक साजिश के नेटवर्क का हिस्सा है
