आजम खान की रामपुर में तबीयत बिगड़ी:जुमे की नमाज पढ़ने मस्जिद गए थे; अचानक खांसी बढ़ी, सांस लेने में दिक्कत

आजम खान की तबीयत बिगड़ गई। आजम जुमे की नमाज पढ़ने घर के पास की मस्जिद में गए थे। वहां उन्हें कमजोरी और घबराहट महसूस हुई। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। नमाज पढ़ने के बाद आजम घर लौटे। घर के गेट पर तमाम लोग उनसे मिलने के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की। लोगों से आजम ने बस इतना कहा कि तबीयत ठीक नहीं है। फिर अंदर चले गए। थोड़ी देर बाद उनके फैमिली डॉक्टर घर पहुंचे और उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अगर सेहत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा। एक दिन पहले आजम खान अपने एक मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। उनके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उनकी खराब तबीयत का हवाला दिया गया था। उनके घर के बाहर मौजूद लोगों ने बताया कि वे आजम खान से मुलाकात नहीं कर पाए। जेल से छूटे तो दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुए थे भर्ती आजम खान जब जेल से बाहर आए तो उन्होंने तबीयत में खराबी बताई थी। कहा था- मेरी सेहत ठीक नहीं है। पहले कुछ दिन अपना इलाज कराऊंगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। आजम खान सितंबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुए थे। जहां उनका दो-तीन दिन इलाज चला था। अस्पताल में पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने आजम खान से मुलाकात की थी। आजम खान को खांसी आ रही थी। मीडिया ने जब खांसी आने की वजह आजम से पूछी तो बताया था कि उन्हें गले का इन्फेक्शन है। इसकी वजह यह है कि जेल में एक रोटी सुबह और एक रोटी शाम को नींबू के अचार के साथ खाता था। बस इसी के चलते गले में इन्फेक्शन हो गया है। 1 साल 11 महीने बाद हुई थी रिहाई आजम खान एक साल 11 महीने बाद आजम 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्ला उन्हें लेने पहुंचे। वे 100 गाड़ियों के काफिले के साथ यहां से रामपुर के लिए रवाना हुए थे। आजम खान को 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने बीयर बार पर कब्जे से जुड़े केस में जमानत दी थी। यह आखिरी मामला था, जिसमें उन्हें जमानत मिली। हालांकि, जमानत मिलते ही पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दीं। 20 सितंबर को रामपुर कोर्ट ने ये धाराएं खारिज कर दीं, जिससे रिहाई का रास्ता साफ हो गया। आजम पर 104 केस दर्ज हैं। 9 अक्टूबर को अखिलेश मिलने रामपुर पहुंचे थे
9 अक्टूबर को अखिलेश यादव उनसे मुलाकात करने रामपुर पहुंचे थे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में 2 घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान आजम की पत्नी और बेटे भी मौजूद नहीं थे। बाहर निकलने पर अखिलेश ने कहा- आजम साहब बहुत पुराने नेता हैं। उनका गहरा साया हमेशा हमारे साथ रहा है। आजम खान हमारी पार्टी का दरख्त (पेड़) हैं। आजम परिवार पर भाजपा केस करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहती है। यह बड़ी लड़ाई है और उसमें हम सब मिलकर लड़ेंगे। सपा प्रमुख को आजम ने खुद रिसीव किया था। ये खबर भी पढ़ें 120 की स्पीड में XUV ने लड़की को उड़ाया, VIDEO:वाराणसी में 4 फीट उछलकर डिवाइडर से टकराई, दिसंबर में होने वाली है शादी वाराणसी में 120 की रफ्तार में XUV कार ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मार दी। इससे वह चार फीट उछलकर डिवाइडर से जा टकराई। युवती की आंख, पैर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद कार सवार मौके से फरार हो गया। घटना 13 अक्टूबर की रात सिगरा थाने के सिगरा फलमंडी मोड़ पर हुई थी, लेकिन वीडियो 16 अक्टूबर को सामने आया। परिवार का कहना है कि बेटी देवी जागरण देखने गई थी और लौटते वक्त कार ने उसे टक्कर मारी। हादसे के बाद परिजन ने ड्राइवर के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पूरी खबर पढ़ें

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