यूपी में दरोगा ने शादीशुदा गर्लफ्रेंड को मार डाला:न्यूड लाश कार से ले गया, सड़क किनारे फेंकी; कुत्ते नोच रहे थे

हमीरपुर में दरोगा ने शादीशुदा प्रेमिका की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने लाश के कपड़े उतारे। फिर लाश को डिग्गी में भरकर सड़क किनारे फेंक दिया। वहां से गुजर रहे लोगों ने महिला की लाश देखी। उस वक्त लाश को कुत्ते नोच रहे थे। पुलिस ने जांच के लिए 3 टीमें लगाईं। महिला की पहचान महोबा की रहने वाली किरन सिंह के रूप में हुई। कॉल डिटेल और पूछताछ से पता चला कि उसका दरोगा अंकित यादव से अफेयर चल रहा था। रविवार सुबह पुलिस ने दरोगा को महोबा में उसके सरकारी घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दरोगा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूमने निकला था। इसी बीच दोनों के बीच झगड़ा हो गया। गुस्साए दरोगा ने महिला की हत्या कर दी। महिला की लाश 13 नवंबर को शव जिला मुख्यालय से लगभग 37 किमी दूर मौदहा-राठ रोड पर रमना गांव के पास मिली थी। 3 तस्वीरें देखिए- महिला का पति CRPF में अंकित यादव 2023 बैच का दरोगा है। वह 2024 से महोबा के कबरई थाने में तैनात था। किरन सिंह भी कबरई की रहने वाली थी। उसका पति विनोद CRPF में है। उसके कोई संतान नहीं है। किरन के पिता ने बताया कि शादी के एक साल बाद दामाद विनोद 2 लाख रुपए और ब्रेजा कार दहेज में मांगने लगा। हम लोगों ने दहेज देने से मना कर दिया। इसके बाद विनोद और उसके घरवालों ने बेटी को पीटकर उसे जहर पिला दिया था। तभी किरन ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। इस केस का जांच अधिकारी SI अंकित यादव ही था। अंकित यादव मूलरूप से रायबरेली के महमद मऊ गांव का रहने वाला है। उसके गांव के घर में ताला बंद है। उसका पूरा परिवार प्रयागराज में रहता है। अंकित यादव के पिता राजकुमार यादव भी वाराणसी में दरोगा के पद पर तैनात है। दोनों साथ में घूमने निकले, झगड़ा होने पर हत्या की
बताया जा रहा है कि थाने आते-जाते किरन और अंकित काफी करीब आ गए थे। दोनों अक्सर साथ में घूमने जाया करते थे। एसपी दीक्षा शर्मा ने बताया- 12 नवंबर को दोनों अंकित यादव की कार से घूमने के लिए निकले थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। अंकित ने कार में पड़ी लोहे की रॉड से किरन की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद किरन का न्यूड शव हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में राठ रोड के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। कॉल डिटेल से दरोगा तक पहुंची पुलिस
किरन सिंह की लाश 13 नवंबर की सुबह लाश मिली थी, जिसे कुत्ते नोच रहे थे। करीब 20 मीटर तक खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिस की 3 टीमें मामले की जांच कर रही थीं। 2 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में किसी भारी चीज से हमले के चलते सिर की हड्डी टूटी मिली। गले में कसने के भी निशान मिले। महिला की कॉल डिटेल और घरवालों से पूछताछ की गई तो उसके अफेयर के बारे में पता चला। इसके बाद दरोगा अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। भाई बोला- दरोगा और बहनोई दोनों हत्या में शामिल
किरन के भाई सतीश कुमार ने बताया कि 12 नवंबर को बहन किरन अकेले कोर्ट गई थी। वहां बहन का बहनोई विनोद से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। उसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। फिर मौदहा कोतवाली क्षेत्र में लाकर उसकी हत्या कर दी गई। सतीश का आरोप है कि मुकदमे की जांच कर रहे दरोगा अंकित से उनके बहनोई की साठगांठ थी। दोनों ही इस हत्या में शामिल हैं। किरन के घरवाले उसकी सास माया देवी, देवर संजय उर्फ सोनू और ननदोई रामगोपाल पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। अब पढ़िए दरोगा का कबूलनामा बोला- दिन में 10-10 कॉल करती थी
मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल के लिए पहुंचे आरोपी दरोगा अंकित यादव से दैनिक भास्कर ने बात की। उसने बताया- किरन के दहेज उत्पीड़न के मुकदमे की मैं ही जांच कर रहा था। इसके लिए 2-3 बार उसके घर जाना पड़ा। इसी दौरान किरन ने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया और मुझे कॉल करने लगी। मैंने उसे कॉल पर ही समझाया कि ये मेरी ड्यूटी है। बाकी मेरा आपसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन, वो मेरे पीछे पड़ी थी। दिन में 10-10 बार कॉल करती थी। इसके चलते मैंने परेशान होकर उसका नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया। लेकिन वो फिर भी नहीं मानी। नंबर बदलकर कॉल करने लगी। मैंने उससे बात करने से मना किया तो कहने लगी कि झूठे मुकदमे में फंसा दूंगी। अंकित ने बताया- मैं उससे परेशान हो चुका था। 11 नवंबर को उसने फिर कॉल की और कहा कि तुम्हारी कार से घूमने चलूंगी। मैंने सोचा इस बार उसे मिलकर समझा दूंगा। 12 नवंबर की रात वो अपने घरवालों से बिना बताए मेरे साथ कार से घूमने निकली। मैंने उसे रास्ते में कई बार समझाने की कोशिश की कि ये सब हरकतें वो छोड़ दे। लेकिन, किरन फिर मुझे धमकी देने लगी। इससे मैं फ्रस्ट्रेट हो गया। जैसे ही वह सुनसान इलाके में पानी पीने के लिए उतरी, तभी मैंने गाड़ी में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया। इससे उसका सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ————————— ये खबर भी पढ़ेंः- सोनभद्र में पहाड़ टूटा, 400 फीट नीचे मजदूर दबे, प्रत्यक्षदर्शी बोला- 18 दबे सोनभद्र में खदान में ड्रिलिंग के दौरान पहाड़ का 100 फीट हिस्सा टूटकर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 18 मजदूर मलबे में दब गए। NDRF और SDRF की टीमें पिछले 14 घंटे से रेस्क्यू में लगी हुई हैं। डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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