मेरठ-सहारनपुर में ओले की सफेद चादर बिछी:आज 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, यूपी में 24 घंटे में 200% ज्यादा बारिश

यूपी में आंधी-बारिश और ओले का सिलसिला थम नहीं रहा। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ-वाराणसी में मौसम साफ है, ठंडी हवाएं चल रहीं हैं। आगरा समेत पश्चिम के 10 जिलों में बादल छाए हुए हैं। वहीं, पूर्वांचल के जिलों में हल्की धूप और बादल छाए हैं। बुधवार देर शाम बरेली-हरदोई समेत 6 शहरों में ओले गिरे। मेरठ और सहारनपुर में इतने ओले गिरे कि सड़कों और खेतों पर सफेद चादर जैसी बिछ गई। 24 घंटे में प्रदेश के 30 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में औसतन 2.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य (0%) से करीब 200% अधिक है। सबसे ज्यादा बारिश अलीगढ़ में 11.9 मिमी हुई, जो सामान्य (0.1%) से 11800 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 38.6 डिग्री बांदा में दर्ज किया गया। प्रयागराज में बुधवार को आंधी और तेज बारिश से गंगा नदी का बहाव तेज हो गया। इसमें फेरी घाट पर बना पांटून (पीपा) पुल बह गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- गुरुवार को मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा, लेकिन 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे मौसम फिर बिगड़ेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश होगी और तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? आंधी-बारिश से गेहूं-दलहनी फसलों को नुकसान
बारिश, आंधी और ओले से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। बालियां टूट गई हैं। दलहनी और तिलहनी फसलों पर भी मौसम का असर पड़ा है। आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में कच्चे आम पेड़ों से गिर गए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, रबी की फसलों को 15 प्रतिशत और आम की फसल को 20 प्रतिशत नुकसान हुआ है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. राकेश दुबे ने बताया- सब्जी की फसलों पर बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि सब्जियों में कीट नियंत्रण के लिए दवाओं का छिड़काव करें और तेज हवा से बचाव के उपाय अपनाएं।
योगी बोले- अफसर फील्ड में उतरें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अफसर 24 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे करें और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को हर संभव मदद देना सरकार की प्राथमिकता है। सीएम ने वैज्ञानिकों से पूछा- मौसम अचानक क्यों बिगड़ रहा? सीएम ने बताया कि बुधवार को लखनऊ में उनकी मौसम वैज्ञानिकों से बातचीत हुई। उन्होंने वैज्ञानिकों से सवाल किया कि खेती के समय अचानक मौसम क्यों बिगड़ गया। इस पर वैज्ञानिकों ने बताया कि इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की बड़ी भूमिका है। ईरान और पाकिस्तान में जो बवंडर उठा है, हमारे यहां के मौसम बिगड़ने का कारण है। हमने उनसे कहा कि वहां युद्ध से लोग लड़े-मरे लेकिन भारत के अंदर यह क्यों हो रहा है? वैज्ञानिकों ने बताया- यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का परिणाम है। बादल काफी नीचे हैं और यह ओलावृष्टि का कारण बनेगा, साथ ही असमय बारिश का भी कारण बनेगा। अब शहरों का हाल जानिए कानपुर में 70 की स्पीड से हवा चली
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को कानपुर में हवा की रफ्तार सबसे ज्यादा रही, जो 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। मुरादाबाद और मेरठ मंडल में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा कानपुर और आगरा मंडल में भी दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। लखनऊ, बरेली और झांसी मंडल में तापमान थोड़ा नीचे दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। अब मौसम की कल की तस्वीरें- —————- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *