सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक के बर्थडे पर पत्नी अपर्णा भावुक हो गईं। उन्होंने फेसबुक पर प्रतीक और अपनी छोटी बेटी पद्मजा के साथ तस्वीर शेयर की। लिखा- जैसा आप कहते थे, आप हमेशा जवान रहेंगे। दरअसल, प्रतीक का 25 दिन पहले यानी 13 मई को लखनऊ में हार्टअटैक से निधन हो गया था। आज (7 जून) उनका जन्मदिन है। बड़ी बेटी प्रथमा ने पियानो पर ‘हैप्पी बर्थडे’ की धुन बजाकर पापा को याद किया। सफेद रंग का पियानो प्रतीक ने प्रथमा को गिफ्ट किया था। इसके अलावा, अपर्णा ने प्रतीक यादव के लिए फेसबुक पर स्टोरी भी लगाई है। इसमें प्रतीक कार रेसिंग करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले, बेटी पद्मजा ने अपने हाथ पर पापा प्रतीक को गले लगाए हुए टैटू बनवाया था। टैटू में प्रतीक, पद्मजा को बहुत ही प्यार से सीने से लगाए हुए हैं। 3 तस्वीरें देखिए- 14 मई को अंतिम संस्कार, 25 मई को तेरहवीं हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट का खुलासा हुआ था प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट से मौत की बात सामने आई थी। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमॉर्टम में डॉक्टर्स ने बताया था कि फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जम गए थे। इसी वजह से हार्ट और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हुई। बता दें कि 30 अप्रैल को प्रतीक को गंभीर हालत में लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 3 दिन बाद उन्हें थोड़ा आराम मिला। इसके बाद वे बिना छुट्टी के घर चले गए थे। डॉक्टर्स के मुताबिक, वो फेफड़े की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात की कहानी अपर्णा और प्रतीक की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी थी। उनकी पहली मुलाकात साल 2001 में एक कार्यक्रम में लखनऊ में हुई थी। उस वक्त अपर्णा की उम्र भी 13-14 साल ही थी। अपर्णा गाना गाने की शौकीन थीं, एक कार्यक्रम में उन्होंने गाना गाया तो प्रतीक उन पर फिदा हो गए थे। कुछ ही दिन बाद प्रतीक और अपर्णा की मुलाकात किसी वैवाहिक कार्यक्रम में हुई तो दोनों के बीच ईमेल आईडी का आदान-प्रदान हुआ। दोनों के बीच ईमेल के माध्यम से बातें होने लगीं। ये सिलसिला लंबा चला। प्रतीक ने अपर्णा से प्यार का इजहार ई-मेल पर ही किया था। 2011 में दोनों परिवारों की सहमति से शादी तय हो गई। 2012 में शादी सैफई में धूमधाम से हुई। ————————- ये खबर भी पढ़िए- डिंपल यादव ने शंकराचार्य के सामने माथा टेका, आरती उतारी:खुद को यदुवंशी बताया, शिवपाल के साथ आशीर्वाद लिया शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मैनपुरी पहुंचते की सबसे ज्यादा नजदीकी डिंपल यादव ने दिखाई। पहले मैनपुरी और फिर सैफई में शंकराचार्य के कार्यक्रमों में शरीक हुईं। कहा जा रहा है कि डिंपल सपा के लिए हिंदुत्व चेहरा बनने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि डिंपल ने खुद को यदुवंशी और गाय को अपनी माता बताया। VIDEO देखिए
