उमराई यादव ने 12 वर्ष की उम्र में थामा था तिरंगा – सुरेश यादव

 

शहीद स्मारक में संकल्प दिवस के रूप में मनायी गयी 55वीं पुण्य तिथि

रायबरेली- स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी श्रीमती उमराई यादव की 55वीं पुण्य तिथि शहीद स्मारक मुंशीगंज, रायबरेली में संकल्प दिवस के रूप में मनायी गयी। इस अवसर पर सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेश चन्द्र यादव ने कहा कि उमराई यादव ने 12 वर्ष की आयु में तिरंगा थामा था। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत कर वानर सेना में शामिल होकर सत्याग्रह कर जेल यात्रा प्रारम्भ की थी। महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि उमराई यादव की सास श्रीमती इंदिरा यादव, ससुर सद्धू प्रसाद यादव, 9 वर्षीय पति बद्री प्रसाद यादव 6 जनवरी 1921 को किसान आन्दोलन में शामिल होने से रोकने के लिए फर्जी मुकदमें लिखकर जगतपुर पुलिस द्वारा गिरिफ्तार कर जेल भेजे गये थे। उ0प्र0 उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी ने कहा कि उमराई यादव के पिता महावीर यादव 7 जनवरी 1921 को किसान आन्दोलन के मुंशीगंज गोलीकांड में घायल हुए थे। उनसे मिलने पंडित जवाहर लाल नेहरू मिलने जेल गये थे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि उमराई यादव की स्मृतियों को अक्षुण बनाये रखने के लिए आर.डी.ए. से अमर शहीद राना बेनी माधव सिंह चौक तक के मार्ग को तत्कालीन नगर पालिका परिषद के चेयरमैन हाजी मो0 इलियास ने स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी उमराई यादव मार्ग घोषित किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि उमराई यादव व सेनानी परिजनों ने देश को स्वतन्त्रता के बाद मिलने वाले किसी भी लाभ व पेंशन लेने से मना कर दिया। पूर्व संयुक्त मन्त्री गोविन्द सिंह चौहान एडवोकेट ने कहा कि उ0प्र0 सरकार के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली से प्रतापगढ़ राज्य मार्ग पर उमराई यादव के गांव उन्डवा जाने वाले मार्ग पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी उमराई यादव के नाम पर भव्य स्मृति द्वार बनवाया। समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि उमराई यादव के नाम पर उनके पैतृक गांव में इण्टरमीडिएट कालेज चलता है, जहाँ गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उमराई यादव से प्रेरणा पाकर उनके पुत्र ओपी यादव पूर्व अध्यक्ष सेन्ट्रल बार एसोसिएशन ने 10 वर्ष की आयु से आन्दोलन शुरू किए और समाजवादी विचारधारा से जुड़कर अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाने में 82 बाल जेल गये। अखिलेश माही एडवोकेट ने कहा कि उमराई यादव के बड़े पुत्र रामनरेश यादव जू0हा0 स्कूल के प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए और वह जू0हा0 स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष रहे। दूसरे पुत्र राम बहादुर यादव आईटीआई में इंजीनियर थे और कर्मचारी संघ के सचिव रहे। क्रिकेटर विवेक सिंह राठौर ने कहा कि उमराई यादव ने अपने जीवन में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए काम किया। सौरभ शुक्ला ने कहा कि उमराई यादव ने 02 अगस्त 1972 को अंतिम सांस ली और वर्ष बाद उन्हें याद किया जाना उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को दर्शाता है। इस अवसर पर आदर्श पटेल, राम किशन पासी, आलोक विक्रम सिंह, अंकित यादव, राजेन्द्र कुमार बाजपेयी, प्रो0 राजेश यादव, अमित सिंह, नीरज श्रीवास्तव, समा खान, उमानाथ पाल एडवोकेट आदि लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए और उमराई यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में शहीद स्मारक में पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद किसानों को श्रद्धाँजलि अर्पित की।

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