गोरखपुर में 45 साल के डॉक्टर ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। गुरुवार सुबह साढ़े 9 बजे खाना खाने के बाद डॉक्टर छत पर गए। करीब 15 मिनट तक टहले, फिर छत से छलांग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर डॉक्टर की पत्नी दौड़कर नीचे पहुंचीं। डॉक्टर खून से लथपथ पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए महिला ठग गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर से गरिमा सिंह ने 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसके बाद से वह सदमे में थे। उन्होंने 7 दिन पहले गरिमा सिंह और उसके रेलवे अफसर पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उससे एक दिन पहले ही पुलिस ने गरिमा और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना शहर के गोरखनाथ क्षेत्र की है। पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह (45) महराजगंज के नौतनवा में तैनात थे। उनकी पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह भी पशु चिकित्सक हैं। घटना की सूचना मिलते ही डॉक्टर के पिता पारस नाथ सिंह और मां कुंती सिंह मऊ से गोरखपुर पहुंचे। बेटे का शव देखकर दोनों फूट-फूटकर रोने लगे। 4 तस्वीरें देखिए… पत्नी बोलीं- बैंक से लगातार फोन आ रहे थे, पति डिप्रेशन में थे पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इनक्लेव की दूसरी मंजिल पर रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह, बेटा अरिहंत सिंह (12) और बेटी बिन्नी (7) हैं। डॉ. सुमित्रा ने बताया- मेरे पति ने बैंक से लोन लेकर महिला ठग गरिमा सिंह को पैसे दिए थे। बैंक से लगातार फोन आ रहे थे। इसके चलते वह डिप्रेशन में थे। वह कहते थे कि सवा लाख की सैलरी में 3 लाख रुपए की EMI होगी, तो क्या होगा? कैसे होगा? इतना बड़ा अमाउंट है, कैसे भरेंगे? डॉक्टर ने FIR में कहा था- पैसे मांगे तो महिला ठग ने धमकाया 5 अगस्त को पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपए की ठगी का केस दर्ज कराया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि महराजगंज के बरगदवां में डॉ. दिलीप कुमार सिंह पशु चिकित्साधिकारी के पद पर हैं। वह मेरे मित्र हैं। उन्हें पता था कि मैंने होम लोन लिया है। डॉ. दिलीप कुमार की गरिमा सिंह रिश्तेदार है। फरवरी- 2026 को गरिमा ने मुझे फोन किया। उसने मुझसे पूछा कि मेरा कोई लोन चल रहा है क्या? मैंने उसे बताया कि मेरा एक होम लोन चल रहा है। गरिमा ने कहा कि मैं अपने मित्र के साथ एक फाइनेंस फर्म में काम करती हूं। एक स्कीम है, जिसमें होम लोन क्लोज करा दिया जाता है। उसने कहा कि होम लोन क्लोज कराने के लिए मुझे एक पर्सनल लोन लेना पड़ेगा। नया लोन लेने के बाद होम लोन की बची हुई धनराशि क्लोज कर देंगे। गरिमा ने कहा कि पर्सनल लोन की राशि मुझे देनी होगी। जिसकी EMI वह भरेगी। गरिमा ने धोखाधड़ी करते हुए मुझसे 6 बैंकों में लोन के लिए आवेदन करा दिया। मैंने कहा कि इतने बैंकों से लोन का आवेदन क्यों कराया जा रहा है? तो गरिमा सिंह ने बताया कि किसी न किसी बैंक से लोन हो ही जाएगा। जब मुझे पता चला कि सभी बैंकों से लोन हो गया है, तो मैंने आपत्ति जताई। तब गरिमा मुझसे बोली कि गलती से हो गया है। आप पैसा हमको दे दीजिए। EMI मैं भरूंगी और लोन क्लोज करा दूंगी। गरिमा बोली- मैं महिला हूं, इतने मुकदमे लगाऊंगी की चक्कर काटते रहोगे डॉ. परमात्मा सिंह ने अपनी शिकायत में बताया- 2 महीने तक गरिमा ने EMI भरी। इसके बाद उसने ईएमआई देनी बंद कर दी। गरिमा के साथ उसका दोस्त विशाल यादव भी शामिल है। मैं बुरी तरह से फंस चुका हूं। इस धोखाधड़ी में गरिमा सिंह और विशाल यादव के साथ-साथ बैंक के कुछ अफसर और कर्मचारी भी शामिल हैं। बिना बैंक अफसरों की साठगांठ के एक साथ सभी 6 बैंकों से इतना बड़ा लोन संभव नहीं था। अब मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। गरिमा सिंह से मैंने जब पैसे मांगे, तो उसने मुझे धमकाया। वह बोली कि पैसे तो नहीं दूंगी। मैं एक महिला हूं। तुमको इतने मुकदमों में फंसा दूंगी कि कोर्ट के चक्कर काटते रह जाओगे। मैं और मेरा परिवार डरा हुआ है। अगर मेरे और मेरे परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार फर्जी लोन सेंक्शन करने वाले बैंकों के संबंधित अधिकारी/कर्मचारी, गरिमा सिंह और उसके सहयोगी होंगे। अब ठगी करने वाली गरिमा सिंह के बारे में जानिए ध्रुव नारायण सिंह एम्स थाना क्षेत्र की महादेवी झारखंडी कॉलोनी में रहता है। उसने अपनी बेटी गरिमा सिंह की शादी 2020 में कुशीनगर के सुकरौली निवासी भानू प्रताप सिंह से की थी। भानू ठेकेदारी करता था। गरिमा के 2 बेटे हैं। एक 3 साल का और दूसरा 3 महीने का है। ठेकेदारी का काम कमजोर हुआ, तो भानू करीब 2 साल पहले पत्नी के साथ ससुर के मकान में आकर रहने लगा। गरिमा को अमीर बनने का शौक था। ऐसे में उसने ठगी की प्लानिंग की। इसके लिए उसने समाचार पढ़े और इंटरनेट व यूट्यूब पर ठगी करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। फिर उसने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने की योजना बनाई। उसने सबसे पहले अपने परिचितों को शिकार बनाया। इसमें अपने पिता को भी शामिल किया। गरिमा दो तरह के लोगों को तलाशती थी। पहले वे, जिन्हें लोन की जरूरत होती थी। दूसरे वे, जिन्होंने पहले से लोन ले रखा था। गरिमा लोगों को लोन लेने के लिए ब्रेनवॉश करती थी। वह कहती थी- आप लोन ले लो, किस्त मैं भर दूंगी। वह बैंक से जितना भी लोन निकलवाती, उसका 10-20 प्रतिशत लोन लेने वाले को दे देती थी। बाकी रकम अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेती थी। पुलिस ने आरोपी पिता और बेटी को 3 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी ध्रुव नारायण सिंह सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक थे। गिरफ्तारी होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, गरिमा ने लोन दिलाने और उसे माफ कराने के नाम पर डॉक्टरों और अफसरों 10 करोड़ रुपए ठगे हैं। महिला ठग ने डायरी में लिखा था- मैं अरबपति बनूंगी पुलिस को गरिमा के पास से एक डायरी मिली थी। इसमें लिखा था- ‘मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है। गरिमा सिंह करोड़पति है। धन्यवाद भगवान।’ —————————- ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर-अधिकारियों से 10 करोड़ ठगे, गोरखपुर में रेलवे अफसर बाप-PhD बेटी पर 3 FIR, 7 शिकायतें ‘मैं गोरखपुर जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक हूं। मुझ पर लोन था। यह बात मेरे परिचित सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को पता चली। इसके बाद उन्होंने मुझसे मेलजोल बढ़ा लिया। ज्यादा मिलने-जुलने लगे। उन्होंने कहा कि लोन माफ हो जाएगा, कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कई बड़े लोगों के करोड़ों रुपए के लोन माफ करा चुकी है। इसके बाद उन्होंने अपनी पीएचडी कर चुकी बेटी से मेरी मुलाकात कराई। बेटी ने पुराना लोन माफ कराने के लिए नया लोन कराया और इस नए लोन के 1.67 करोड़ रुपए ठग लिए।’ पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर में डॉक्टर ने 8वीं मंजिल से कूदकर जान दी:महिला ठग ने 1.40 करोड़ हड़पे, 7 दिन पहले करवाई थी FIR; रोते हुए मां-पिता पहुंचे
