सीएचसी पुरवा में निरीक्षण के दौरान मिलीं कई खामियां, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

पुरवा, उन्नाव। उप जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पुरवा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार समेत छह चिकित्सक उपस्थित मिले। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, एक्स-रे कक्ष, दवा स्टॉक, जल निकासी समेत कई व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मरीजों के लिए पेयजल स्थल के आसपास गंदगी मिली। परिसर में लगे हैंडपंप के खराब होने तथा आसपास कूड़ा-कचरा मिलने पर नाराजगी जताई गई। एसडीएम ने नगर पंचायत पुरवा के अधिशासी अधिकारी को साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

ओपीडी में मरीजों के पर्चे बनाए जाने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। एक मरीज से जानकारी लेने पर बताया गया कि पर्चा बनाने के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क के रूप में एक रुपये लिया जाता है। ओपीडी में मरीजों की जांच के लिए अलग कक्ष बना मिला। नेत्र कक्ष में चिकित्सक ने मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दवाएं उपलब्ध न होने पर बाहर से दवा लिखे जाने की बात भी सामने आई।

रेडियोलॉजी एक्स-रे कक्ष में गंदगी मिलने के साथ ही मरीजों के एक्स-रे भी अव्यवस्थित हालत में रखे मिले। इस पर संबंधित कर्मचारियों को साफ-सफाई और अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।

गायनेकोलॉजी कक्ष में ओटी की व्यवस्था मिली। चिकित्सक ने बताया कि प्रसव सेवाओं में करीब 10 प्रतिशत मामलों में ऑपरेशन तथा 90 प्रतिशत मामलों में सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया जाता है। वहीं कक्ष संख्या-01 में गंभीर मरीजों तथा कक्ष संख्या-04 में सामान्य मरीजों के उपचार की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली गई।

एसडीएम ने आयुष्मान कक्ष का निरीक्षण कर योजना के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार का लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।अस्पताल परिसर में एक गड्ढे में बारिश का गंदा पानी भरा मिला, जिससे जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इस पर नगर पंचायत को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।

दवा वितरण कक्ष और स्टॉक रूम के निरीक्षण में कुछ दवाएं स्टॉक में दर्ज होने के बावजूद ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं मिलीं। एसडीएम ने संबंधित कर्मचारियों को दवाओं का पूरा विवरण तत्काल ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने अस्पताल प्रशासन एवं संबंधित विभागों को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

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