सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान अयोध्या में आई एक महिला अखिलेश के सामने फूट-फूट कर रोई। उन्होंने बताया- मेरा घर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में नहीं आ रहा था, फिर भी बुलडोजर चलाकर घर गिरा दिया। प्रीति चौहान नाम की महिला ने रोते हुए कहा- नवंबर में बेटी की शादी है। घर पर रात में डेढ़ बजे बुलडोजर चला दिया। मेरा सब कुछ चला गया। सारा सामान और जेवर चले गए। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। मैं यहां मदद की गुहार लगाने आई हूं। बच्चे बाहर बैठे हैं। सपना राजपाल ने बताया कि उन्हें अपनी दुकान और मकान खाली करने के लिए पूरा समय भी नहीं दिया गया। आधे घंटे में सामान हटाने को कहा गया। गोदाम में फ्रीजर और रेफ्रिजरेटर रखे थे। फिर भी बुलडोजर चला दिया। अब हमारे पास खाने को कुछ नहीं है। दवा के भी पैसे नहीं हैं। ऐसा अत्याचार हमने पहले कभी नहीं देखा था। इस पर अखिलेश ने कहा- प्रभु श्रीराम और अयोध्या के विकास में कोई भी रोड़ा नहीं बन सकता। सपा सरकार बनने पर अयोध्या को दुनिया का सबसे आधुनिक और ‘वर्ल्ड क्लास’ शहर बनाकर दिखाया जाएगा। लेकिन, मौजूदा सरकार विकास के नाम पर गरीबों और दुकानदारों को उजाड़ने का काम कर रही है। दरअसल, अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन चलाया था। जनौरा नाका क्षेत्र में 11 घरों और दुकानों को जमींदोज कर गया था। दिन में शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चली थी। अखिलेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें- 1. ‘फर्जी दस्तखत से 100-100 वोट काटे गए, चुनाव लूटा गया’
सपा प्रमुख ने चुनावी फर्जीवाड़े पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर में एक ऐसे व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 100 लोगों के वोट कटवाने की अर्जी दी गई, जो खुद दस्तखत करना भी नहीं जानता था। नियम के मुताबिक एक बार में 5 से ज्यादा वोट नहीं कटवाए जा सकते, लेकिन ‘दशरथ’ नाम के फर्जी दस्तखत से 100-100 वोट काटे जा रहे थे। 2. ‘भाजपा जीती तो 2027 के बाद चुनाव नहीं होंगे’
अखिलेश ने कहा- देश में लोकतंत्र को मिटाने का बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। अगर इस बार भाजपा को नहीं रोका गया, तो यह आपका आखिरी चुनाव साबित होगा। इसके बाद आपसे वोट डालने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा। यानी 2027 के बाद शायद चुनाव ही न हो। 3. चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती
उन्होंने कहा- 10 महीने में चुनाव आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों ने गलत फैसलों पर 14 आपत्तियां दर्ज कराईं। लेकिन, कुछ नहीं हुआ। जब चुनाव आयुक्तों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो फिर आम आदमी का क्या होगा। यह लोकतंत्र को मिटाने वाला अपराध है। ऐसे में चुनाव आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। भविष्य के चुनाव भी इनसे नहीं कराए जाने चाहिए। 4. सपा समर्थकों के वोट चिह्नित करके काटे गए थे
अखिलेश ने कहा- 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा समर्थकों के वोट चिह्नित करके काटे गए थे। उपचुनावों में भी बड़े पैमाने पर अधिकारियों की मनमानी पोस्टिंग कराकर बेईमानी की गई थी। हमें मजबूरी में कफन लेकर जाना पड़ा था। 5. ‘भाजपा किसी की सगी नहीं, जनता चलाएगी बुलडोजर’
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार किसी की सगी नहीं है। मेरठ में दूसरों पर खुश होने वाले बीजेपी के ही अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में हर दिन हत्याएं और लूट हो रही हैं। राजधानी में डिजिटल फ्रॉड हो रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान सिर्फ अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के जरिए चुनाव जीतने का षड्यंत्र रचने पर है। 6. चुनाव आयोग और बीजेपी पूरी तरह एक्सपोज हो चुके
अखिलेश ने कहा- चोरी आप कर रहे हो, पकड़े आप जा रहे हो और ढूंढ किसी और को रहे हो। चुनाव आयोग और बीजेपी पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं। आने वाले समय में जनता अपने वोट के अधिकार से इस सरकार को हमेशा के लिए बुलडोजर चलाकर उखाड़ फेंकेगी। ———————— ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी गठबंधन चाहते हैं, सपा-कांग्रेस ‘वोट कटवा’ बता रही:मुस्लिम वोटों में सेंध का डर या सेक्युलर छवि बचाने की कोशिश; अब क्या करेगी AIMIM AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी जून, 2026 से अब तक यूपी में 5 सभाएं कर चुके हैं। बहराइच, बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद के बाद 20 सितंबर को कानपुर में रैली की। एक तरफ उनके भाषणों पर तालियां बजीं, तो दूसरी तरफ उनका जमकर विरोध भी शुरू हो गया है। सपा-कांग्रेस उन्हें ‘वोट कटवा’ और भाजपा की ‘बी-टीम’ बता रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…
अखिलेश यादव के सामने महिला फूट-फूटकर रोई:बोली- नवंबर में बेटी की शादी, घर पर बुलडोजर चला दिया
