ब्यूरो चीफ:- विपिन कुमार द्विवेदी
सुल्तानपुर: जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के बरुआ सकरवारी गांव में चल रही है श्रीमद् भागवत कथा। 3 फरवरी से 10 फरवरी तक विकासखंड दोस्तपुर के बरूआ सकरवारी गांव में स्वर्गीय सभापति पांडे के यहां सप्त दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इस पावन आयोजन में अयोध्या धाम के प्रख्यात कथा वाचक आचार्य पंडित अवनीश शुक्ल जी महाराज श्रीमद्भागवत महापुराण की भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी कथा का रसपान करा रहे हैं।मंगलाचरण और कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ।
कथा महायज्ञ का शुभारंभ 3 फरवरी, सोमवार को मंगलाचरण एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया। आचार्य पंडित अवनीश शुक्ल जी ने अपने प्रवचनों में श्रीमद्भागवत महापुराण के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है, जो मानव जीवन को सार्थक दिशा प्रदान करता है।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल।कथा महायज्ञ में प्रतिदिन सायं 3 बजे से 7 बजे तक संगीतमयी कथा के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन होकर भजन संध्या का आनंद ले रहे हैं। क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों एवं भक्तों ने भी इस आयोजन में सहभागिता निभाई और इसे पुण्यकारी अवसर बताया।
हवन और महाप्रसाद के साथ होगा समापन
यह सप्त दिवसीय
श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ 10 फरवरी को हवन एवं “महाप्रसाद वितरण के साथ पूर्ण होगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
कथा वाचक का निष्कलंक सेवा भाव
आचार्य पंडित अवनीश शुक्ल जी ने कहा कि कथा वाचन को “व्यवसाय नहीं, सेवा मानना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज कई बड़े-बड़े कथा वाचकों ने इसे व्यवसाय बना लिया है, लेकिन हम कथा कहने के लिए किसी से कोई मांग नहीं करते। हमें जो भी भक्तगण स्वेच्छा से दक्षिणा देते हैं, उसी में अपनी खुशी मानते हैं।
आयोजनकर्ता एवं उत्साह
इस धार्मिक आयोजन का संयोजन एवं विनम्र निवेदन
श्रीमती प्रमिला देवी (पत्नी स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद पांडेय, ग्राम बरूआ सकरवारी, विकासखंड दोस्तपुर द्वारा किया गया है।
इस पावन कथा आयोजन को सफल बनाने में राम प्रकाश पांडेय (रिंकू) एवं सूर्य प्रकाश पांडेय (पिंकू) का विशेष योगदान है। दोनों भाई इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर अत्यधिक उत्साहित हैं और पूरी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ आयोजन की व्यवस्था में लगे हुए हैं।
