पूर्व सैनिक कल्याण निगम के फैसले से सैकड़ों पूर्व सैनिक बेरोजगार
संवाददाता
बांदा | उत्तर प्रदेश सरकार के उपक्रम “पूर्व सैनिक कल्याण निगम” के एक आदेश के बाद प्रदेश के विद्युत विभाग में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत सैकड़ों पूर्व सैनिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। निगम द्वारा नौकरी की अधिकतम आयु-सीमा 60 वर्ष से घटाकर 55 वर्ष कर दिए जाने के कारण 55 वर्ष पूरे कर चुके कई पूर्व सैनिकों को सेवा से हटाया जा रहा है।पूर्व सैनिकों के अनुसार, निगम के नियमानुसार आउटसोर्सिंग पर काम करने की अधिकतम आयु-सीमा 60 वर्ष निर्धारित थी। इसी के तहत बांदा सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सैकड़ों पूर्व सैनिक पिछले 15 वर्षों से विद्युत वितरण एवं परीक्षण खंडों में कुशलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे थे।लेकिन प्रबन्ध निदेशक के आदेश संख्या 868/प्रानि/काप्र/अ-1/अनुबन्ध, दिनांक 28 मार्च 2026 के द्वारा 55 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पूर्व सैनिकों को तत्काल प्रभाव से संचालन कार्य से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए।उल्लेखनीय है कि “पूर्व सैनिक कल्याण निगम” का गठन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के उद्देश्य से किया गया था। राष्ट्र-सेवा के बाद प्रदेश की सेवा कर रहे इन पूर्व सैनिकों का कहना है कि अचानक आयु-सीमा घटाए जाने से उनके परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।पूर्व सैनिकों ने शासन से मांग की है कि पुराने नियम 60 वर्ष को ही बहाल रखा जाए, ताकि उन्हें बुढ़ापे में बेरोजगार न होना पड़े।
